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Geography
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भारत के भौगोलिक विस्तार, अक्षांशीय-देशांतरिय स्थिति और मानक समय रेखा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, जिसके कारण देश के सबसे दक्षिणी बिंदु (इंदिरा प्वाइंट) और सबसे उत्तरी बिंदु के बीच अक्षांशीय विस्तार लगभग 30° का है, जो दक्षिण से उत्तर की वास्तविक दूरी को प्रभावित करता है।
- 2. 82°30' पूर्वी देशांतर रेखा, जो भारत की मानक याम्योत्तर (Standard Meridian) है, देश के कुल पाँच राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश) से होकर गुजरती है तथा यह छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में कर्क रेखा को काटती है।
- 3. भारत के देशांतरिय विस्तार (लगभग 29°18') के कारण अरुणाचल प्रदेश के सबसे पूर्वी छोर और गुजरात के सबसे पश्चिमी छोर के बीच स्थानीय समय में लगभग दो घंटे (लगभग 116 मिनट) का अंतर पाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर तक है, और संपूर्ण अक्षांशीय एवं देशांतरिय विस्तार लगभग 30° का है। कथन 2 गलत है क्योंकि 82°30' पूर्वी देशांतर रेखा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश से गुजरती है, लेकिन यह छत्तीसगढ़ में नहीं बल्कि सूरजपुर या कर्क रेखा को मानक रेखा नहीं काटती; बल्कि कर्क रेखा और भारतीय मानक समय रेखा एक-दूसरे को छत्तीसगढ़ के सूरजपुर या कोरिया जिले के समीप प्रतिच्छेद (Cross) नहीं करतीं, बल्कि छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सीमा के पास छत्तीसगढ़ के सूरजपुर/बलरामपुर क्षेत्र में कर्क रेखा गुजरती है और मानक रेखा बलौदा बाजार/महासमुंद से होकर गुजरती है (यह दोनों रेखाएं छत्तीसगढ़ राज्य में एक-दूसरे को समकोण पर काटती हैं)। कथन 3 सही है क्योंकि भारत का देशांतरिय विस्तार लगभग 29°18' है, और पृथ्वी को 1° देशांतर पार करने में 4 मिनट का समय लगता है, जिससे दोनों छोरों के बीच लगभग दो घंटे का समय अंतराल होता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
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महासागरीय जलधाराओं और उनके प्रभाव क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बेंगुएला जलधारा' (Benguela Current) दक्षिण अटलांटिक महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो अफ्रीका के दक्षिण-पश्चिम तट के सहारे उत्तर की ओर प्रवाहित होती है और नामिब मरुस्थल के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
2. 'फाकलैंड जलधारा' (Falkland Current) दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट के सहारे बहने वाली एक गर्म जलधारा है, जो ब्राजील जलधारा के विपरीत दिशा में प्रवाहित होकर तापमान में वृद्धि करती है।
3. 'आगामी जलधारा' (Agulhas Current) हिंद महासागर क्षेत्र की एक गर्म जलधारा है, जो मेडागास्कर और अफ्रीकी मुख्य भूमि के बीच मोजाम्बिक जलधारा के मिलने से दक्षिण दिशा में आगे बढ़ती है।
4. 'कैनरी जलधारा' (Canary Current) उत्तरी अटलांटिक महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो स्पेन और उत्तर-पश्चिम अफ्रीका के पश्चिमी तट के पास से गुजरती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायुमंडल की विभिन्न परतों, उनके तापमान विन्यास और वैश्विक वायुदाब पेटियों (Global Pressure Belts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्षोभमंडल (Troposphere) में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में सामान्य ह्रास दर (Normal Lapse Rate) के अनुसार कमी आती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि इस परत को प्रत्यक्ष रूप से सूर्य के प्रकाश से अधिक पृथ्वी के धरातल से निकलने वाली पार्थिव विकिरण (Terrestrial Radiation) से ऊर्जा प्राप्त होती है।
2. समताप मंडल (Stratosphere) की निचلی सीमा पर तापमान स्थिर रहता है, किंतु जैसे-जैसे हम इस परत में ऊपर की ओर बढ़ते हैं, ओजोन अणुओं द्वारा पराबैंगनी किरणों के अवशोषण के कारण तापमान में तीव्र वृद्धि होने लगती है।
3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts), जिन्हें 'अश्व अक्षांश' भी कहा जाता है, मुख्य रूप से तापीय रूप से प्रेरित (Thermally induced) पेटियाँ हैं जो अत्यधिक ठंडी हवाओं के ध्रुवों से नीचे बैठने के कारण बनती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मध्यमंडल (Mesosphere) वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है, जिसमें ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान पुनः गिरने लगता है और इसकी ऊपरी सीमा (Mesopause) पर तापमान -90°C तक पहुँच जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की भौगोलिक अवस्थिति, अक्षांश-देशांतर विस्तार और समय क्षेत्र (Time Zone) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के बीच है, और इसका देशांतरीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतर के मध्य है, जिसके परिणामस्वरूप देश के अक्षांश और देशांतर दोनों का कुल विस्तार लगभग 30° का बनता है।
2. भारत का मानक समय (IST) 82°30' पूर्वी देशांतर रेखा पर आधारित है, जो ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से 5 घंटे 30 मिनट आगे है और यह रेखा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश कुल पाँच राज्यों से होकर गुजरती है।
3. कर्क रेखा (23°30' उत्तर अक्षांश) भारत के लगभग मध्य से गुजरती है और देश के आठ राज्यों—गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम से होकर निकलती है, तथा माही नदी इस रेखा को दो बार काटती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार देशांतरीय विस्तार के लगभग 30° के अंतर के कारण देश के सबसे पूर्वी छोर (अरुणाचल प्रदेश के किबिथु) और सबसे पश्चिमी छोर (गुजरात के गुहार मोती) के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे (1 घंटा 57 मिनट) का वास्तविक समयान्तर पाया जाता है, जबकि पूरे देश में एक ही मानक समय लागू होने के कारण अरुणाचल प्रदेश में सूर्योदय और सूर्यास्त गुजरात की तुलना में लगभग दो घंटे पहले होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की मृदा प्रणालियों, उनकी रासायनिक विशेषताओं और भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'लवण मृदा' (Saline and Alkaline Soils), जिसे स्थानीय रूप से उसर, कलर या चोपन भी कहा जाता है, में सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियश के लवणों की अधिकता होती है और यह मृदा मुख्य रूप से शुष्क तथा अर्द्ध-शुष्क जलवायु वाले क्षेत्रों तथा नहर सिंचित क्षेत्रों में जलभराव एवं केशिका क्रिया (Capillary Action) के परिणामस्वरूप विकसित होती है।
2. 'पीठीय या दलदली मृदा' (Peaty and Marshy Soils) भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में मृत कार्बनिक पदार्थों के संचयन से बनती है, जिसके कारण इसमें ह्यूमस की मात्रा 40 से 50 प्रतिशत तक हो सकती है और यह मृदा केरल के कोट्टायम और अलप्पुझा जिलों में 'कारी' (Kari) मृदा के रूप में पाई जाती है।
3. 'लाल और पीली मृदा' का विस्तार मुख्य रूप से दक्कन के पठार के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में रवेदार आग्नेय चट्टानों पर पाया जाता है, जहाँ लोहे के प्रसार के कारण यह ऑक्सीकृत अवस्था में लाल दिखती है और जल योजन (Hydration) के पश्चात् पीले रंग में परिवर्तित हो जाती है, तथा यह नाइट्रोजन, फास्फोरस और ह्यूमस में अत्यधिक समृद्ध होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने देश की मिट्ठियों को उनकी प्रकृति और विशेषताओं के आधार पर आठ प्रमुख समूहों में वर्गीकृत किया है, जिसमें जलोढ़ मृदा के बाद क्षेत्रफल की दृष्टि से दूसरा सबसे बड़ा स्थान 'लाल मृदा' का है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र और नदियों की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत में सांगपो के नाम से जानी जाती है और यह नामचा बारवा पर्वत के पास एक गहरे गार्ज (महाखड्ड) का निर्माण करते हुए 'दिहांग' के रूप में अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करती है, जहाँ इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ दिबांग और लोहित हैं।
2. प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी गोदावरी है, जिसे 'दक्षिण गंगा' या 'वृद्ध गंगा' भी कहा जाता है, और इसका उद्गम पश्चिमी घाट में नासिक जिले की त्र्यंबक पहाड़ियों से होता है, तथा यह बंगाल की खाड़ी में गिरने से पहले वेनगंगा, पेनगंगा और प्राणहिता जैसी सहायक नदियों का जल ग्रहण करती है।
3. 'सिंधु जल संधि' (Indus Waters Treaty) के प्रावधानों के अनुसार, भारत को तीन पूर्वी नदियों (सतलुज, व्यास और रावी) के पानी का संपूर्ण उपयोग करने का अधिकार है, जबकि तीन पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम और चिनाब) के कुल जल का लगभग 80% हिस्सा पाकिस्तान द्वारा उपयोग किया जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार नर्मदा नदी अमरकंटक पठार से निकलकर एक भ्रंश घाटी (Rift Valley) से होते हुए पश्चिम दिशा में प्रवाहित होती है और अरब सागर में मिलने से पहले धुआँधार जलप्रपात का निर्माण करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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