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Geography
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महासागरीय उच्चावच और ज्वार-भाटा की गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. महासागरीय गर्त (Oceanic Trenches) महासागरीय बेसिन के सबसे गहरे भाग होते हैं, जो मुख्य रूप से अभिसारी प्लेट सीमाओं (Convergent Plate Boundaries) पर महासागरीय-महासागरीय या महासागरीय-महाद्वीपीय प्लेटों के सबडक्शन के कारण निर्मित होते हैं।
- 2. 'अपसौर' (Aphelion) और 'अपभू' (Apogee) की खगोलीय स्थितियाँ एक साथ होने पर, जब चंद्रमा और सूर्य पृथ्वी से अपनी अधिकतम दूरी पर होते हैं, तो उस समय पृथ्वी पर सबसे ऊँचे 'दीर्घ ज्वार' (Spring Tides) उत्पन्न होते हैं।
- 3. 'अमफोड़मिक बिंदु' (Amphidromic Point) महासागरीय बेसिन में स्थित वह नोडल बिंदु या क्षेत्र होता है जहाँ ज्वारीय परिसर (Tidal Range) शून्य होता है और इसके चारों ओर ज्वारीय तरंगें चक्रवात की तरह घूमती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि महासागरीय गर्त (Oceanic Trenches) महासागरीय बेसिन के सबसे गहरे, लंबे और संकरे भाग होते हैं, जो विवर्तनिक रूप से सक्रिय अभिसारी प्लेट सीमाओं पर सबडक्शन जोन के पास पाए जाते हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि 'अपसौर' (जब पृथ्वी सूर्य से सबसे दूर होती है) और 'अपभू' (जब चंद्रमा पृथ्वी से सबसे दूर होता है) की स्थितियाँ विपरीत प्रभाव डालती हैं; इन स्थितियों में ज्वार-भाटा की शक्ति न्यूनतम होती है, न कि सबसे ऊँचे दीर्घ ज्वार उत्पन्न होते हैं। सबसे ऊंचे दीर्घ ज्वार 'उपसौर' (Perihelion) और 'उपभू' (Perigee) के संरेखण पर बनते हैं। कथन 3 सही है क्योंकि 'अमफोड़मिक बिंदु' (Amphidromic Point) समुद्र में वह स्थान है जहाँ कोरिओलिस प्रभाव के कारण ज्वारीय परिसर शून्य हो जाता है और ज्वार तरंगें इसके चारों ओर परिभ्रमण करती हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूकंपीय असंबद्धताओं (Discontinuities) और चट्टानों के रूपांतरण चक्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'गुटेनबर्ग असंबद्धता' (Gutenberg Discontinuity) पृथ्वी के मेंटल और क्रोड (Core) के बीच की सीमा पर स्थित है, जहाँ से प्राथमिक तरंगें (P-waves) गुजरने में असमर्थ हो जाती हैं और द्वितीयक तरंगें (S-waves) पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं।
2. 'कान्रार्ड असंबद्धता' (Conrad Discontinuity) ऊपरी क्रस्ट (Upper Crust) और निचली क्रस्ट (Lower Crust) के बीच पाई जाती है, जबकि 'मोहरोविकिक असंबद्धता' (Mohorovičić Discontinuity) क्रस्ट और मेंटल को अलग करती है।
3. कायांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) अत्यधिक तापमान, दाब या रासायनिक रूप से सक्रिय तरल पदार्थों के प्रभाव से मूल आग्नेय या अवसादी चट्टानों के रूप और संरचना में परिवर्तन के परिणामस्वरूप बनती हैं, और इस प्रक्रिया में चूना पत्थर का संगमरमर (Marble) में तथा बलुआ पत्थर का क्वार्ट्जाइट (Quartzite) में रूपांतरण इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की क्रोड (Core) का बाहरी भाग तरल अवस्था में है, जिसके कारण इसके भीतर से गुजरने वाली S-तरंगें मार्ग में अचानक रुक जाती हैं, जबकि P-तरंगों का वेग इस क्षेत्र में पहुँचने पर काफी कम हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय जलधाराओं और उनके विशिष्ट प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'प्रति विषुवतीय जलधारा' (Counter Equatorial Current) विषुवत रेखा के निकट पश्चिम से पूर्व की ओर प्रवाहित होती है, जो उत्तर और दक्षिण विषुवतीय धाराओं के विपरीत दिशा में बहती है।
2. 'मोाम्बिक जलधारा' (Mozambique Current) हिंद महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो अफ्रीका के पूर्वी तट और मेडागास्कर के बीच दक्षिण दिशा में प्रवाहित होती है।
3. 'पश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई जलधारा' (West Australian Current) हिंद महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जिसके प्रभाव से ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी तट पर शुष्क और मरुस्थलीय दशाओं का निर्माण होता है।
4. 'ओखोत्स्क जलधारा' या 'कुरील जलधारा' के मिलने से जापान के तटों पर मत्स्यन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं क्योंकि वहाँ गर्म और ठंडी धाराओं का मिलन होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की प्रमुख झीलों, जलप्रपातों और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'लोकटक झील' (Loktak Lake) पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है, जो मणिपुर राज्य में स्थित है और इस पर तैरते हुए अद्वितीय फुमड़ी (Phumdis) पाए जाते हैं, तथा इसी झील के अंदर 'केइबुमलामजाओ राष्ट्रीय उद्यान' स्थित है जो संगाई हिरण का अंतिम प्राकृतिक आवास है।
2. 'कुंचिकल जलप्रपात' (Kunchikal Falls) भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात है, जो कर्नाटक के शिमोगा जिले में वराह नदी (Varahi River) द्वारा निर्मित किया जाता है, न कि जोग जलप्रपात जो शरावती नदी पर स्थित है।
3. 'सरदार सरोवर परियोजना' (Sardar Sarovar Project) नर्मदा नदी पर निर्मित एक बहुउद्देशीय परियोजना है, जिसका लाभ मुख्य रूप से चार राज्यों—गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान—को प्राप्त होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'चिलिका झील' (Chilika Lake) भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की (लैगून) झील है, जो ओडिशा राज्य में महानदी के डेल्टा के दक्षिण में स्थित है और यह प्रवासी पक्षियों के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आर्द्रभूमि स्थल है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायुमंडल के संगठन, विभिन्न परतों और पृथ्वी की वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायुमंडल की कुल गैसों का लगभग 99% हिस्सा केवल दो गैसों—नाइट्रोजन (लगभग 78%) और ऑक्सीजन (लगभग 21%) से मिलकर बना है, जबकि शेष 1% में आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य अल्प मात्रा वाली गैसें शामिल हैं।
2. 'समताप मंडल' (Stratosphere) में ओजोन परत पाई जाती है जो सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को अवशोषित करती है, और इस परत में तापमान ऊँचाई बढ़ने के साथ-साथ तेजी से घटता जाता है।
3. भूमध्यरेखीय निम्न वायुदाब पेटी (डोलड्रम) एक तापीय रूप से प्रेरित पेटी है, जहाँ अत्यधिक सूर्यताप के कारण गर्म हवा हल्की होकर ऊपर उठती है और इस शांत पेटी में धरातलीय पवनें अत्यंत दुर्बल होती हैं।
4. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts) गतिक रूप से (Dynamically) प्रेरित पेटियाँ हैं, जिनकी उत्पत्ति भूमध्यरेखीय क्षेत्र से उठकर ध्रुवों की ओर जाने वाली हवाओं के ठंडे होकर नीचे बैठने (अवरोहन) के फलस्वरूप होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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हमारे सौर मंडल के क्षुद्रग्रह बेल्ट (Asteroid Belt), बौने ग्रहों और खगोलीय पिंडों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'क्षुद्रग्रह बेल्ट' (Asteroid Belt) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित है, जहाँ हजारों छोटे चट्टानी पिंड सूर्य की परिक्रमा करते हैं, और इस क्षेत्र का सबसे बड़ा पिंड 'सेरेस' (Ceres) है जिसे वर्तमान में बौना ग्रह (Dwarf Planet) माना जाता है।
2. नेपच्यून की कक्षा के पार सौर मंडल के बाहरी छोर पर स्थित 'कुइपर बेल्ट' (Kuiper Belt) में बर्फीले पिंडों की प्रधानता होती है, और प्लूटो, हाउमिया तथा माकेमाके इसी क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध बौने ग्रह हैं।
3. 'उल्कापिंड' (Meteoroids) जब अंतरिक्ष से तीव्र गति से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हैं, तो घर्षण के कारण जलकर चमक उठते हैं और इन्हें 'टूटता तारा' कहा जाता है, तथा जो उल्कापिंड पूरी तरह जल नहीं पाते और पृथ्वी की सतह पर आ गिरते हैं, उन्हें 'उल्कापात' (Meteorites) कहा जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'धूमकेतु' (Comets) जमी हुई गैसों, चट्टानों और धूल से बने खगोलीय पिंड होते हैं जो लंबी और अंडाकार कक्षाओं में सूर्य की परिक्रमा करते हैं, तथा सूर्य के पास आने पर उनकी वाष्पीभूत गैसें पीछे की ओर एक लंबी चमकदार पूंछ का निर्माण करती हैं जो सदैव सूर्य से विपरीत दिशा में होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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