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Geography
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विश्व के महाद्वीपों, देशों की सीमाओं और भू-आबद्ध (Landlocked) देशों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'कजाखस्तान' क्षेत्रफल की दृष्टि से विश्व का सबसे बड़ा भू-आबद्ध (Landlocked) देश है, जिसकी सीमा कैस्पियन सागर के साथ लगती है, परंतु यह प्रत्यक्ष रूप से किसी भी खुले महासागर से जुड़ा नहीं है।
- 2. दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में केवल दो ही देश ऐसे हैं जो भू-आबद्ध (Landlocked) हैं, और वे देश पराग्वे तथा बोलीविया हैं।
- 3. 'डुरंड रेखा' (Durand Line) वर्तमान में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच की सीमा रेखा निर्धारित करती है, जिसका निर्धारण ब्रिटिश भारत के समय सर मॉर्टिमर डुरंड द्वारा किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि कजाखस्तान दुनिया का सबसे बड़ा भू-आबद्ध देश है और इसकी तटरेखा कैस्पियन सागर से लगती है। कथन 2 सही है; दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में केवल दो ही लैंडलॉक्ड देश हैं — बोलीविया और पराग्वे। कथन 3 भी सही है क्योंकि डुरंड रेखा पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा है। अतः सभी कथन सही हैं।
Related Questions
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भारत की जनगणना 2011 के आँकड़ों, जनसंख्या वितरण और बी.एस. गुहा (B.S. Guha) के मानवशास्त्रीय वर्गीकरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बी.एस. गुहा के वर्गीकरण के अनुसार, 'नॉर्डिक' (Nordic) मानव जाति भारत में प्रवेश करने वाली सबसे अंतिम जातियों में से एक थी, जो वर्तमान में मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिमी भारत और उच्च जातियों के बीच अधिक पाई जाती है।
2. 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की कुल जनसंख्या में अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribes) का सबसे अधिक प्रतिशत मिजोरम राज्य में दर्ज किया गया है, जबकि कुल संख्या के आधार पर मध्य प्रदेश में सर्वाधिक आदिवासी आबादी निवास करती है।
3. भारत की कुल जनसंख्या में 'मुख्य श्रमिकों' (Main Workers) और 'सीमांत श्रमिकों' (Marginal Workers) के वर्गीकरण के संदर्भ में, वे श्रमिक जिन्होंने संदर्भ वर्ष के दौरान 183 दिन या उससे अधिक दिनों के लिए रोजगार प्राप्त किया है, उन्हें 'सीमांत श्रमिक' कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत में सिंचाई पद्धतियों, कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) और प्रमुख फसलों के वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'सूक्ष्म सिंचाई' (Micro-irrigation) के अंतर्गत टपक सिंचाई (Drip Irrigation) और फव्वारा सिंचाई (Sprinkler Irrigation) प्रणालियाँ आती हैं, जो जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) को अधिकतम करती हैं और इनके तहत राष्ट्रीय सूक्ष्म सिंचाई मिशन (NMMI) में भूजल एवं सतही जल दोनों के कुशल उपयोग पर बल दिया जाता है।
2. भारत में 'धान' (Rice) एक उष्णकटिबंधीय खरीफ फसल है, जिसके सफल उत्पादन के लिए उच्च तापमान (25°C से ऊपर), उच्च आर्द्रता और वार्षिक वर्षा 100 सेमी से अधिक की आवश्यकता होती है, किंतु पंजाब और हरियाणा जैसे कम वर्षा वाले राज्यों में नहरों के जाल और नलकूपों के माध्यम से इसकी बड़े पैमाने पर खेती की जाती है।
3. 'झूम कृषि' (Shifting Cultivation), जिसे उत्तर-पूर्वी राज्यों में 'झूम' कहा जाता है, एक प्रकार की स्थाई कृषि पद्धति है जिसमें रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग करके एक ही भूमि पर वर्षभर गहन फसलें उगाई जाती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में 'गेहूँ' रबी की एक प्रमुख फसल है, जिसके लिए समशीतोष्ण जलवायु, मध्यम तापमान (बुवाई के समय 10°-15°C और पकते समय 20°-25°C) तथा लगभग 50 से 75 सेमी वार्षिक वर्षा की आवश्यकता होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत में सिंचाई पद्धतियों, सूक्ष्म सिंचाई (Micro-irrigation) और प्रमुख फसल प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के अंतर्गत 'हर खेत को पानी' और 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' (Per Drop More Crop) के उद्देश्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके तहत ड्रिप और फव्वारा (Sprinkler) सिंचाई प्रणालियों के माध्यम से जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) को अधिकतम करने पर जोर दिया गया है।
2. भारत में कुल सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप और फव्वारा सिंचाई) के अंतर्गत संचयी क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान और मध्य प्रदेश देश के शीर्ष दो राज्य हैं, जबकि कुल सिंचित क्षेत्र के मामले में नलकूप (Tube wells) का हिस्सा देश में सबसे बड़ा है।
3. 'सिंचित शुष्क कृषि' (Dryland Farming) में भूमि और जल संरक्षण के लिए 'कंटूर बंडिंग' (Contour bunding) और पलवार (Mulching) जैसी तकनीकों का बड़े पैमाने पर प्रयोग किया जाता है, ताकि वाष्पीकरण द्वारा होने वाले जल ह्रास को रोका जा सके।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में हरित क्रांति के द्वितीय चरण में पारंपरिक खाद्यान्न फसलों के साथ-साथ जल-कुशल फसलों और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय बागवानी मिशन की शुरुआत की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, मैग्मा के शीतलन और चट्टानों के चक्र (Rock Cycle) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब मैग्मा पृथ्वी की सतह के बहुत नीचे अत्यधिक गहराई पर धीरे-धीरे ठंडा होता है, तो बड़े और स्पष्ट रवे (Crystals) वाली प्लूटोनिक चट्टानों (जैसे ग्रेनाइट और गैब्रो) का निर्माण होता है, जो आंतरिक आग्नेय चट्टानों का उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
2. बेसाल्ट एक बहिर्भेदी (Extrusive) आग्नेय चट्टान है, जिसका निर्माण लावा के धरातल पर तेजी से ठंडा होने के कारण सूक्ष्म कणों या कांच जैसी संरचना के रूप में होता है, और दक्कन ट्रैप का विशाल क्षेत्र इसी प्रकार की चट्टानों से बना है।
3. कायांतरित चट्टानें (Metamorphic rocks) केवल अवसादी चट्टानों के अत्यधिक ताप और दाब के प्रभाव से रूप बदलने पर बनती हैं, जबकि आग्नेय चट्टानें कभी भी कायांतरित नहीं हो सकती हैं क्योंकि उनकी मूल प्रकृति बहुत कठोर होती है।
4. चूना पत्थर (Limestone) का संगमरमर (Marble) में रूपांतरण 'तापीय या संपर्क कायांतरण' (Thermal or Contact Metamorphism) का एक प्रमुख उदाहरण है, जिसमें अत्यधिक ऊष्मा के कारण खनिज संरचना पुनर्गठित हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पवन प्रणालियों, आर्द्रता, वर्षा के प्रकार और चक्रवातों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'टॉर्नेडो' (Tornado) अत्यधिक तीव्र गति के छोटे व्यास वाले घूर्णन करते हुए वायु के स्तंभ होते हैं जो आमतौर पर कपाशावर्षा मेघों (Cumulonimbus clouds) से जुड़े होते हैं, और इनकी तीव्रता मापने के लिए 'फुजिता पैमाने' (Fujita scale) का उपयोग किया जाता है।
2. पर्वतीय वर्षा (Orographic rainfall) तब होती है जब आर्द्र हवाएँ किसी पर्वत शृंखला के पवन-मुखी (Windward) ढलान के सहारे ऊपर उठती हैं, जिसके कारण ठंडी होकर संघनन (Condensation) से भारी वर्षा होती है, जबकि इसके विपरीत ढलान वाला पवन-विमुखी (Leeward) क्षेत्र 'वृष्टि-छाया' (Rain-shadow) क्षेत्र बन जाता है।
3. उष्णकटिबंधीय चक्रवात (Tropical Cyclones) के केंद्र में स्थित 'चक्रवात की आँख' (Eye of the storm) कम वायुदाब का एक ऐसा क्षेत्र होता है जहाँ हवाएँ अत्यंत शांत, आसमान साफ और तापमान उच्च होता है, जबकि इसके चारों ओर दीवार जैसी बादलों की संरचना में मूसलाधार वर्षा होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Temperate Cyclones) केवल भूमध्य रेखा के आसपास उत्पन्न होते हैं और इनमें उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की तुलना में कोई वाताग्र (Front) नहीं पाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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