BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
20 views

विश्व के महाद्वीपों, देशों, प्रमुख राजधानियों और उनकी सीमाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'अस्ताना' (Astana), जो कजाखस्तान की राजधानी है, इशिम नदी के तट पर स्थित है और यह दुनिया की सबसे ठंडी राजधानियों में से एक है।
  2. 2. 'किर्गिस्तान' की राजधानी 'बिश्केक' तियान शान पर्वत श्रृंखला के पास चू घाटी में स्थित है और यह कजाखस्तान की सीमा के बेहद करीब है।
  3. 3. उजबेकिस्तान की राजधानी 'ताशकंद' मध्य एशिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर है, जो सिर दरिया और अमू दरिया के ठीक मध्य में एक तटीय बंदरगाह के रूप में स्थित है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि कजाखस्तान की राजधानी अस्ताना (Astana) इशिम नदी के किनारे स्थित है और अपनी महाद्वीपीय जलवायु के कारण यह उलानबटर के बाद विश्व की दूसरी सबसे ठंडी राष्ट्रीय राजधानी है। कथन 2 सही है क्योंकि किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक चू नदी घाटी में तियान शान पर्वतों की तलहटी में स्थित है और यह कजाखस्तान की सीमा के काफी समीप है। कथन 3 गलत है क्योंकि उजबेकिस्तान की राजधानी ताशकंद एक भू-आबद्ध (Landlocked) क्षेत्र में 'चिरचिक' नदी घाटी के उपजाऊ मैदान में स्थित है, न कि सिर दरिया और अमू दरिया के मध्य किसी तटीय बंदरगाह के रूप में (मध्य एशिया के ये देश और उनके भौगोलिक विस्तार की अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें)। अतः केवल कथन 1 और 2 सही हैं।
Share:

Related Questions

→ भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी भूवैज्ञानिक संरचना और उत्पादन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत का अधिकांश कोयला भंडार (लगभग 98% से अधिक) 'गोंडवाना क्रम' की चट्टानों में पाया जाता है, जिसमें दाम्को, महानदी, सोन और गोदावरी घाटियाँ प्रमुख कोयला धारक बेसिन हैं, तथा यहाँ मिलने वाला कोयला उच्च श्रेणी का कोकिंग और नॉन-कोकिंग बिटुमिनस प्रकार का होता है। 2. देश में 'टर्शरी क्रम' का कोयला मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों (जैसे असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नागालैंड) में पाया जाता है, जिसमें कार्बन की मात्रा कम और सल्फर की मात्रा अधिक होती है। 3. भारत में पेट्रोलियम (खनिज तेल) के प्रमुख भंडार मुख्य रूप से टर्शरी युग की अपसादी (Sedimentary) चट्टानिन संरचनाओं में संचित हैं, जिसमें असम का डिगबोई क्षेत्र भारत का सबसे पुराना तेल उत्पादक क्षेत्र है, जबकि अपतटीय (Offshore) क्षेत्रों में 'मुंबई हाई' देश का सबसे बड़ा तेल उत्पादक क्षेत्र है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में परमाणु ऊर्जा के विकास के लिए आवश्यक 'यूरेनियम' के सबसे बड़े भंडार झारखंड के सिंहभूम क्रत (Singhbhum Shear Zone) के जादूगोड़ा क्षेत्र में स्थित हैं, जबकि थोरियम का विशाल भंडार केरल और तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sand) के रूप में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. महासागरीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का विस्तारित भाग होता है, जिसकी औसत गहराई लगभग 200 मीटर तक होती है, और यहाँ सूर्य का प्रकाश प्रचुर मात्रा में पहुँचने के कारण यह क्षेत्र मत्स्यन (Fishing) और खनिज संसाधनों के दोहन के लिए विश्व का सबसे समृद्ध क्षेत्र माना जाता है। 2. 'लघु ज्वार' (Neap Tides) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य एक समकोण (Right Angle) की स्थिति में होते हैं, जिससे सूर्य और चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण बल एक-दूसरे के प्रभावों को आंशिक रूप से संतुलित कर देते हैं। 3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) और मलय प्रायद्वीप के बीच स्थित है, जो प्रशांत महासागर को हिंद महासागर से जोड़ती है और वैश्विक समुद्री व्यापार के दृष्टिकोण से विश्व की सबसे व्यस्त जलमार्गों में से एक है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'दीर्घ ज्वार' (Spring Tides) प्रत्येक माह पूर्णिमा (Full Moon) और अमावस्या (New Moon) के दिनों में आते हैं, क्योंकि इस स्थिति में सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक ही सीधी रेखा में (Syzygy) होते हैं और उनके सम्मिलित गुरुत्वाकर्षण बल के कारण समुद्र का जलस्तर अधिकतम ऊँचा उठता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → क्षेत्रफल की दृष्टि से विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप कौन सा है? → भारत की मृदा (मिट्टी) के प्रकार, उनकी रासायनिक संरचना, सूक्ष्म पोषक तत्वों और भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'शुष्क और मरुस्थलीय मिट्टी' (Arid and Desert Soils) मुख्य रूप से पश्चिमी राजस्थान और गुजरात के अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में पाई जाती है, जिसमें घुलनशील लवणों और कैल्शिट (कैल्शियम कार्बोनेट) की अधिकता होती है, तथा नीचे की परतों में 'कंकड़' (Kankar) की परत पाए जाने के कारण यह जल को जल्दी सोख लेती है और इसमें नाइट्रोजन तथा ह्यूमस की मात्रा नगण्य होती है। 2. 'लवण और क्षारीय मिट्टी' (Saline and Alkaline Soils), जिसे स्थानीय रूप से 'कल्लर', 'रूर' या 'उसर' भी कहा जाता है, का विकास खराब जल निकासी (Poor drainage) और अत्यधिक सिंचाई वाले क्षेत्रों में केशिका क्रिया (Capillary action) के कारण सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम के लवणों के धरातल पर जमा होने से होता है। 3. 'पीटमय और दलदली मिट्टी' (Peaty and Marshy Soils) भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में मृत जैविक पदार्थों के संचयन से बनती है, जिसमें घुलनशील लवणों की मात्रा कम और फॉस्फोरस तथा पोटाश की प्रचुरता होती है, तथा यह केरल के तटीय क्षेत्रों में 'कारी' (Kari) नाम से जानी जाती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'वन और पर्वतीय मिट्टी' (Forest and Mountain Soils) मुख्य रूप से हिमालयी क्षेत्रों और प्रायद्वीपीय भारत के पहाड़ी ढलानों पर पाई जाती है, जिसकी प्रकृति घाटी के निचले और समतल हिस्सों में क्षारीय तथा ऊपरी पर्वतीय ढलानों पर अत्यधिक अम्लीय और ह्यूमस-युक्त होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → वायुमंडल की संरचना, विभिन्न परतों की विशेषताओं और वैश्विक वायुदाब पेटियों (Pressure Belts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. क्षोभमंडल (Troposphere) वायुमंडल की सबसे निचली परत है जिसमें ऊँचाई में वृद्धि के साथ तापमान में सामान्य ह्रास दर (Normal Lapse Rate) के तहत कमी आती है, और विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार अधिकांश मौसमी घटनाएँ इसी परत में घटित होती हैं। 2. समतापमंडल (Stratosphere) ओजोन गैस की उपस्थिति के कारण जानी जाती है जो पराबैंगनी किरणों का अवशोषण करती है, और इस परत के निचले हिस्से में आदर्श दशाएँ होने के कारण वाणिज्यिक विमान प्रायः इसी क्षेत्र में उड़ान भरते हैं। 3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts) मुख्य रूप से तापीय कारणों (Thermal factors) से विकसित होती हैं, जहाँ भूमध्य रेखा से उठने वाली गर्म हवाएँ ठंडी होकर नीचे बैठती हैं और यहाँ शांत पेटी या 'घोड़े के अक्षांश' (Horse Latitudes) का निर्माण होता है। 4. आयनमंडल (Ionosphere) में स्थित विद्युत आवेशित कण (आयन) रेडियो तरंगों को पृथ्वी की सतह पर परावर्तित करते हैं, जिससे लंबी दूरी के बेतार संचार (Wireless Communication) संभव होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.