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Geography
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. झारखंड का 'करणपुरा कोयला क्षेत्र' (Karanpura Coalfield) दामोदर घाटी बेसिन का हिस्सा है, जहाँ देश के सबसे बड़े 'कोयला संस्तर मीथेन' (Coalbed Methane - CBM) के भंडार और वाणिज्यिक उत्पादन की संभावनाएं पाई जाती हैं।
  2. 2. देश में पाए जाने वाले लिग्नाइट कोयले का सबसे बड़ा भंडार तमिलनाडु के 'नेवेली' क्षेत्र में स्थित है, और इस कोयले में कार्बन की मात्रा उच्च तथा नमी की मात्रा टर्शरी कोयले की तुलना में बहुत कम होती है।
  3. 3. भारत में थोरियम के निष्कर्षण के लिए उपयोग किए जाने वाले 'मोनाज़िट' (Monazite) रेत के विशाल भंडार मुख्य रूप से केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों (Placer Deposits) में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि झारखंड का कर्णपुरा कोयला क्षेत्र (विशेषकर उत्तर कर्णपुरा) दामोदर घाटी बेसिन में स्थित है और यह भारत में कोल बेड मीथेन (CBM) के सबसे महत्वपूर्ण भंडारों में से एक है। कथन 2 गलत है क्योंकि लिग्नाइट कोयले में नमी (Moisture) की मात्रा बहुत अधिक और कार्बन की मात्रा कम होती है (यह निम्न कोटि का कोयला है), जबकि नेवेली इसका प्रमुख उत्पादक क्षेत्र अवश्य है। कथन 3 सही है क्योंकि भारत के तटीय प्लेसर निक्षेपों (Placer Deposits) में मोनाज़िट रेत पाई जाती है, जिससे थोरियम प्राप्त किया जाता है; इसके सबसे बड़े भंडार केरल और तमिलनाडु के तटों पर स्थित हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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'सुनामी तरंगें' गहरे महासागरों में अत्यंत लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और कम ऊँचाई वाली छिछली जल तरंगों के समान होती हैं, जिनकी गति उथले तटीय क्षेत्रों में पहुँचने पर जल की गहराई कम होने के कारण घट जाती है, जबकि उनकी तरंग ऊँचाई (Amplitude) में अचानक भारी वृद्धि हो जाती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रशांत महासागर के परिधीय क्षेत्रों में स्थित 'रिंग ऑफ फायर' (Ring of Fire) मुख्य रूप से अभिसारी (Convergent) और रूपांतर भ्रंश (Transform Fault) प्लेट सीमाओं का एक ऐसा नेटवर्क है जहाँ विश्व के लगभग 90% भूकंप और 75% सक्रिय ज्वालामुखी केंद्रित हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारत के प्रमुख हिमालयी और प्रायद्वीपीय दर्रों तथा उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. अगिल दर्रा (Aghil Pass) - यह काराकोरम श्रेणी में स्थित है जो लद्दाख को चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ता है। 2. बारालाचा ला दर्रा (Baralacha La) - यह जांस्कर श्रेणी में स्थित है जो लेह को मनाली से सड़क मार्ग द्वारा जोड़ता है। 3. नीति दर्रा (Niti Pass) - यह उत्तराखंड में कुमाऊँ हिमालय के पास स्थित है जो उत्तराखंड को तिब्बत से जोड़ता है। 4. पालघाट दर्रा (Palakkad Gap) - यह दक्षिणी पश्चिमी घाट में स्थित है जो कोच्चि (केरल) को कोयंबटूर (तमिलनाडु) से जोड़ता है। उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं? → भारत की पर्वत श्रेणियों और प्रमुख घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 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