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Geography
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भारत में सिंचाई, कृषि पद्धतियाँ और प्रमुख फसलें (Cropping Patterns and Irrigation) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. देश के कुल शुद्ध बोए गए क्षेत्र (Net Sown Area) का लगभग आधा हिस्सा आज भी पूरी तरह से वर्षा पर निर्भर (Rainfed) है, जहाँ सिंचाई के सुनिश्चित साधनों का अभाव है।
- 2. 'धान की गहनता' (System of Rice Intensification - SRI) तकनीक पारंपरिक रोपाई विधि की तुलना में पानी की कम खपत करती है और पौधों के बीच अधिक दूरी तथा जैविक खाद के उपयोग पर बल देती है।
- 3. भारत में 'शून्य जु tillage' या 'शून्य जुताई' (Zero Tillage) कृषि पद्धति मुख्य रूप से धान-गेहूं फसल चक्र वाले क्षेत्रों में मृदा की नमी को संरक्षित करने, खरपतवारों को नियंत्रित करने और लागत को कम करने के लिए अपनाई जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन पूरी तरह से सत्य हैं। भारत में कृषि आज भी मानसूनी वर्षा पर काफी हद तक निर्भर है और एक बड़ा हिस्सा असिंचित है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, जल संरक्षण और आधुनिक कृषि पद्धतियाँ जैसे कि 'श्री विधि' (SRI) और शून्य जुताई (Zero Tillage) टिकाऊ कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं जो मृदा स्वास्थ्य और जल संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग सुनिश्चित करती हैं।
Related Questions
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भारत की जलवायु और मानसून तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानों में विकसित होने वाला कम वायुदाब का क्षेत्र ('मानसून गर्त' या मानसून ट्रफ) दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाओं को भूमध्य रेखा पार करने के बाद दक्षिण-पश्चिम दिशा से भारतीय उपमहाद्वीप की ओर आकर्षित करने में मुख्य भूमिका निभाता है।
2. 'अल-निनो' (El Niño) घटना के दौरान पूर्वी प्रशांत महासागर में पेरू के तट के पास ठंडे पानी का अपवेलिंग (Upwelling) अत्यधिक प्रबल हो जाता है, जिससे भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून की वर्षा में सामान्य से अधिक वृद्धि होती है।
3. 'मैडेन-जुलियन दोलन' (Madden-Julian Oscillation - MJO) एक उष्णकटिबंधीय सागरीय वायुमंडलीय परिघटना है, जो पूर्व की ओर बढ़ती है और इसके सक्रिय चरण (Active Phase) के दौरान भारतीय क्षेत्र में मानसून की वर्षा में अस्थायी वृद्धि हो सकती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के प्रमुख हिमालयी और प्रायद्वीपीय दर्रों तथा उनकी अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'जोजिला दर्रा' (Zoji La) महान हिमालय श्रेणी में स्थित है, जो श्रीनगर को लेह से जोड़ता है और इसका निर्माण सिंधु नदी की सहायक नदी द्वारा हुआ है, जबकि 'बुर्जिला दर्रा' कश्मीर घाटी को लद्दाख के देवसाई मैदानों से जोड़ता है।
2. 'शिपकी ला दर्रा' जांसकर श्रेणी में स्थित एक प्रमुख दर्रा है जिससे होकर सतलुज नदी भारत में प्रवेश करती है, और यह हिमाचल प्रदेश को तिब्बत के साथ जोड़ता है।
3. 'नाथू ला दर्रा' सिक्किम राज्य में डोगंख्या श्रेणी (DongKya Range) के पास स्थित है, जो प्राचीन सिल्क रूट का एक हिस्सा था और भारत को चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र से जोड़ता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रायद्वीपीय भारत में स्थित 'पालघाट दर्रा' (Palakkad Gap) नीलगिरी और अन्नामलाई पहाड़ियों के बीच स्थित है, जो कोच्चि (केरल) को चेन्नई (तमिलनाडु) से जोड़ने वाला प्रमुख सड़क और रेल मार्ग प्रदान करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों की भूगर्भीय विशेषताओं और उनके वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. देश में पाए जाने वाले कुल कोयला भंडारों का लगभग 98 प्रतिशत हिस्सा गोंडवाना क्रम की चट्टानों से प्राप्त होता है, जो मुख्य रूप से प्रायद्वीपीय भारत की नदी घाटियों (जैसे दामोदर, महानदी और गोदावरी) में संकेंद्रित हैं।
2. 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) अपतटीय पेट्रोलियम क्षेत्र खंभात बेसिन के अंतर्गत अरब सागर के महाद्वीपीय शेल्फ पर स्थित है, जहाँ पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के मुख्य भंडार 'इयोसिन' और 'मायोसीन' युग की चूना पत्थर संरचनाओं में पाए जाते हैं।
3. भारत में परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए अनिवार्य 'यूरेनियम' के भंडार केवल झारखंड के जादूगोड़ा और आंध्र प्रदेश के तुम्मलापल्ली तक ही सीमित हैं, तथा देश में थोरियम के विशाल भंडार केरल और अन्य तटीय क्षेत्रों की बालू में मिलने वाले मोनाज़ाइट अयस्क में पाए जाते हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का टर्शरी कालीन कोयला मुख्य रूप से असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नागालैंड जैसे उत्तर-पूर्वी राज्यों में मिलता है, जो उच्च गंधक (High Sulphur) युक्त होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के भौगोलिक विस्तार, भू-आकृतिक सीमाओं और अक्षांशीय-देशांतरीय विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, तथा इसके कुल अक्षांशीय और देशांतरीय विस्तार में लगभग 30 डिग्री का अंतर होने के बावजूद, अरुणाचल प्रदेश (सबसे पूर्वी छोर) और गुजरात (सबसे पश्चिमी छोर) के स्थानीय समय में लगभग 1 घंटा 56 मिनट का वास्तविक समयान्तर पाया जाता है।
2. भारत का मानक समय (IST) 82°30' पूर्वी देशांतर है, जो ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से 5 घंटे आगे है और यह देशांतर रेखा उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के पास से गुजरती हुई कुल पाँच राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश) से होकर जाती है।
3. भारत का सबसे दक्षिणतम बिंदु (दूरस्थ बिंदु) 'इंदिरा पॉइंट' है, जो ग्रेट निकोबार द्वीप समूह के दक्षिण में 6°45' उत्तर अक्षांश पर स्थित है, जबकि मुख्य भूमि का दक्षिणतम बिंदु कन्याकुमारी में स्थित 'केप कोमोरिन' है।
4. कर्क रेखा (23°30' उत्तर अक्षांश) भारत के लगभग मध्य से गुजरती है और यह देश के कुल आठ राज्यों (गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम) से होकर अपनी सीमा बनाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी की वायुमंडलीय पवन प्रणालियों, आर्द्रता और उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोरियोलिस बल (Coriolis Force) पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न होने वाला एक आभासी बल है, जो उत्तरी गोलार्ध में हवाओं को उनकी मूल दिशा के दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित कर देता है, और यह बल विषुवत वृत्त पर अधिकतम होता है तथा ध्रुवों पर शून्य हो जाता है।
2. 'सापेक्ष आर्द्रता' (Relative Humidity) किसी निश्चित तापमान पर वायु में मौजूद जलवाष्प की मात्रा और उसी तापमान पर वायु की जलवाष्प धारण करने की अधिकतम क्षमता का प्रतिशत अनुपात होती है, और यह संतृप्त हवा में 100 प्रतिशत तक पहुँच जाती है।
3. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के विकास के लिए समुद्र की सतह का तापमान कम से कम 26°C होना आवश्यक है, तथा महासागर से ऊर्जा की निरंतर आपूर्ति बंद होने के कारण तट से टकराते ही ये चक्रवात कमजोर होकर समाप्त होने लगते हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उष्णकटिबंधीय चक्रवात के केंद्र में स्थित 'चक्रवात की आँख' (Eye of the Cyclone) एक शांत, मेघ-रहित क्षेत्र होता है जहाँ वायुदाब न्यूनतम और तापमान अपेक्षाकृत उच्च होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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