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Geography
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भारत की प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं, झीलों और जलप्रपातों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'तुंगभद्रा बहुउद्देशीय परियोजना' कृष्णा नदी की प्रमुख सहायक नदी तुंगभद्रा पर निर्मित है, जिसका संयुक्त उपक्रम कर्नाटक और आंध्र प्रदेश (तत्कालीन आंध्र प्रदेश) राज्यों द्वारा संचालित किया जाता है, और इसके तहत निर्मित जलाशय का नाम 'पम्पा सागर' है।
- 2. भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात 'कुंचिकल जलप्रपात' (Kunchikal Falls) कर्नाटक के शिमोगा जिले में वाराही नदी (Varahi River) द्वारा निर्मित होता है, जो पश्चिमी घाट की पहाड़ियों से गिरता है।
- 3. राजस्थान की 'संबर झील' (Sambhar Salt Lake) देश की सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारे पानी की झील है, जो एक अरावली की भ्रंश द्रोणी (Rift Basin) में स्थित है और यह एक वृहद अरावली काल्वडेरा (Caldera) या प्लेया झील का उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। पहला कथन सही है क्योंकि तुंगभद्रा परियोजना कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की संयुक्त परियोजना है और इसके जलाशय को पम्पा सागर कहा जाता है। दूसरा कथन भी सही है; कुंचिकल जलप्रपात भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात है (लगभग 455 मीटर) जो कर्नाटक में वाराही नदी पर स्थित है। तीसरा कथन भी सत्य है कि सांभर झील राजस्थान में स्थित भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय लवणीय (खारे पानी की) झील है। इस प्रकार की भू-आकृतियों और जल संसाधनों के विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
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पृथ्वी अपनी धुरी पर एक चक्कर पूरा करने में कितना समय लेती है?
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पृथ्वी के प्रमुख भू-आकृतिक स्वरूपों (पर्वत, पठार, मैदान और मरुस्थल) की उत्पत्ति, संरचना और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ब्लैक फॉरेस्ट' (जर्मनी) और 'विंध्यन श्रेणी' (भारत) दोनों ही भ्रंशोत्थ पर्वत (Block Mountains) या 'हॉर्सट' के उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जिनका निर्माण विवर्तनिक ताकतों के कारण धरातल के बड़े खंडों के ऊपर उठने या नीचे धंसने से हुआ है।
2. 'पड़मात का पठार' (पामीर का पठार) और 'तिब्बत का पठार' दोनों अंतरापर्वतीय पठार (Intermontane Plateaus) हैं, जिन्हें विश्व की 'छत' कहा जाता है क्योंकि ये उच्च पर्वतमालाओं के बीच स्थित सबसे ऊँचे पठारी क्षेत्र हैं।
3. 'ग्रेट ऑस्ट्रेलियन मरुस्थल' मुख्य रूप से एक उपोष्णकटिबंधीय मरुस्थल है, जिसके निर्माण में यहाँ की महासागरीय धाराओं (पश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई ठंडी धारा) का प्रभाव और उपोष्णकटिबंधीय उच्च वायुदाब पेटियों की अवतलन प्रक्रिया मुख्य कारक हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मरुस्थलों में पाई जाने वाली 'यादंग' (Yardangs) और 'इंसर्जबर्ग' (Inselbergs) आकृतियों का निर्माण मुख्य रूप से नदी के जलीय कटाव (Fluvial erosion) द्वारा होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के भौगोलिक विस्तार, स्थिति और अक्षांश-देशांतर रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांकीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांश के बीच है, जबकि संपूर्ण देश का अक्षांकीय विस्तार (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के इंदिरा पॉइंट सहित) 6°45' उत्तर अक्षांश से शुरू होता है।
2. भारत का देशांतीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतर के बीच है, जिसके परिणामस्वरूप देश के सबसे पश्चिमी छोर (गुजरात के किबाइथू) और सबसे पूर्वी छोर (अरुणाचल प्रदेश के गुहारामॉति) के स्थानीय समय में लगभग दो घंटे (116 मिनट) का वास्तविक समयान्तर पाया जाता है।
3. कर्क रेखा (23°30' उत्तर अक्षांश) भारत के लगभग बीचों-बीच से गुजरती है और यह देश के कुल 8 राज्यों (गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम) से होकर निकलती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की मानक समय रेखा (82°30' पूर्व देशांतर) उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से गुजरती है और यह ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से ठीक 5 घंटे 30 मिनट आगे है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति, तारकीय विकास (Stellar Evolution) और सौर मण्डल की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. तारों के जीवन चक्र में, जब मुख्य अनुक्रम (Main Sequence) चरण समाप्त होता है, तो सूर्य जैसे मध्यम द्रव्यमान वाले तारों का कोर सिकुड़ता है और बाहरी परतें फैलकर 'लाल दानव' (Red Giant) का निर्माण करती हैं, जिसके पश्चात अंततः इनका अंत एक 'श्वेत वामन' (White Dwarf) के रूप में होता है।
2. 'सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर' द्वारा प्रतिपादित 'चंद्रशेखर सीमा' (Chandrasekhar Limit) लगभग 1.44 सौर द्रव्यमान के बराबर है, जो यह निर्धारित करती है कि कौन-सा तारा अपने जीवन के अंत में श्वेत वामन बनेगा और कौन-सा तारा न्यूट्रॉन तारा या ब्लैक होल के रूप में सुपरनोवा विस्फोट से समाप्त होगा।
3. बृहस्पति और मंगल ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) के अधिकांश पिंड प्राचीन सौर मण्डल के ऐसे अवशेष हैं जिन्हें गुरुत्वाकर्षण बलों के कारण किसी बड़े ग्रह में समेकित होने का अवसर नहीं मिला।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'शुक्र ग्रह' (Venus) हमारे सौर मण्डल का सबसे गर्म ग्रह है, जिसका मुख्य कारण इसके वायुमंडल में 95% से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड की उपस्थिति के कारण उत्पन्न अत्यधिक ग्रीनहाउस प्रभाव है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत में सिंचाई पद्धतियों, कृषि जलवायु क्षेत्रों और प्रमुख फसलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सूक्ष्म सिंचाई (Micro-irrigation) के अंतर्गत ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणालियाँ आती हैं, जो जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) को अधिकतम करती हैं और पारंपरिक बाढ़ सिंचाई (Flood Irrigation) की तुलना में वाष्पोत्सर्जन एवं percolation से होने वाले जल की हानि को न्यूनतम करती हैं।
2. भारत में 'धान' (Paddy) एक उष्णकटिबंधीय खरीफ फसल है, जिसके सफल विकास के लिए उच्च तापमान (25°C से अधिक), उच्च आर्द्रता और 100 सेमी से अधिक वार्षिक वर्षा की आवश्यकता होती है, तथा इसे पंजाब और हरियाणा जैसे कम वर्षा वाले राज्यों में 'नहर आधारित गहन सिंचाई' के माध्यम से बड़े पैमाने पर उगाया जाता है।
3. जायद फसलें रबी और खरीफ फसलों के बीच ग्रीष्मकाल (मुख्य रूप से मार्च से जून के मध्य) में उगाई जाती हैं, जिन्हें पकने के लिए लंबी धूप के घंटों की आवश्यकता होती है, और तरबूज, ककड़ी, खीरा तथा चारा फसलें इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
4. भारत में कुल सिंचित क्षेत्र का सबसे बड़ा स्रोत 'नहरें' (Canals) हैं, जिनके माध्यम से देश के लगभग 60% कृषि योग्य क्षेत्र की सिंचाई की जाती है, जबकि नलकूप (Tube wells) और अन्य कुएँ दूसरे स्थान पर आते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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