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Geography
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भारत की मृदा प्रणालियों, उनके रासायनिक संघटन तथा भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. लाल और पीली मृदा (Red and Yellow Soils) का विकास मुख्य रूप से दक्कन के पठार के पूर्वी और दक्षिणी भागों में रवेदार आग्नेय चट्टानों पर कम वर्षा वाले क्षेत्रों में होता है, और इस मृदा में पीला रंग फेरिक हाइड्रॉक्साइड की उपस्थिति के कारण होता है जबकि लाल रंग क्रिस्टलीय संरचना में लौह ऑक्साइड के प्रसार को दर्शाता है।
- 2. शुष्क और मरुस्थलीय मृदा (Arid and Desert Soils) पश्चिमी राजस्थान में बहुतायत में पाई जाती है, जिसमें घुलनशील लवणों और कैल्शिएम कार्बोनेट की मात्रा बहुत अधिक होती है तथा नीचे की परतों में 'कंकड़' की परत पाए जाने के कारण इस मृदा में जल को रोकने की क्षमता अत्यंत न्यून होती है।
- 3. लवणीय और क्षारीय मृदा (Saline and Alkaline Soils), जिसे स्थानीय भाषा में 'कल्लर', 'रेह' या 'ऊसर' भी कहा जाता है, का निर्माण अत्यधिक सिंचाई और जल निकास के अभाव वाले अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में केशिका क्रिया (Capillary Action) द्वारा सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम के लवणों के सतह पर जमा होने से होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। भारत में मृदा के वर्गीकरण के अंतर्गत लाल और पीली मृदा रवेदार आग्नेय चट्टानों पर विकसित होती है जहाँ लोहे के प्रसार से लाल और फेरिक हाइड्रॉक्साइड से पीला रंग बनता है। शुष्क मृदा में कैल्शिएम कार्बोनेट की अधिकता और कंकड़ की परत होती है। लवणीय मृदा में अत्यधिक सिंचाई और खराब जल निकास के कारण केशिका क्रिया द्वारा लवण सतह पर आ जाते हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
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भारतीय मानसून की क्रियाविधि, जेट स्ट्रीम के प्रभाव और वर्षा के स्थानिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकालीन मानसून के दौरान, तिब्बत के पठार का अत्यधिक गर्म होना एक प्रबल निम्न वायुदाब क्षेत्र का सृजन करता है, जिससे ऊपरी क्षोभमंडल में 'उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम' (Tropical Easterly Jet Stream) का विकास होता है और यह प्रायद्वीपीय भारत के ऊपर मानसूनी हवाओं को तेजी से आकर्षित करती है।
2. भारतीय मानसून के समय 'सोमाली जेट' (Somali Jet), जो एक क्रॉस-इक्वेटोरियल निम्न-स्तरीय जेट धारा है, पूर्वी अफ्रीका के तट के सहारे उत्तर-पूर्व दिशा में बहती हुई अरब सागर से नमीयुक्त हवाओं के प्रवाह को अत्यधिक तीव्र कर देती है।
3. पश्चिमी विक्षوب (Western Disturbances) भूमध्य सागर में उत्पन्न होने वाली शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवाती प्रणालियाँ हैं, जो शीतकाल में उपोष्ण पश्चिमी जेट स्ट्रीम (Subtropical Westerly Jet Stream) के प्रभाव से भारत के उत्तर-पश्चिम भागों में वर्षा लाती हैं, और इनका भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून की वर्षा से कोई धनात्मक या प्रत्यक्ष संबंध नहीं होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार दक्षिणी दोलन सूचकांक (Southern Oscillation Index - SOI) ताहीती और डार्विन के बीच वायुदाब के अंतर को मापता है, जहाँ एक धनात्मक (Positive) SOI मान आमतौर पर ला नीना (La Niña) की स्थिति को दर्शाता है और भारत में सामान्य या उससे अधिक मानसून वर्षा का संकेत देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सौर मंडल के ग्रहों, उनकी कक्षीय गतिकी, वायुमंडलीय संरचना और उपग्रहों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'शुक्र' (Venus) ग्रह पर अत्यधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड (लगभग 96-97%) के पाए जाने के कारण वहाँ सबसे तीव्र 'ग्रीनहाउस प्रभाव' उत्पन्न होता है, जो इसे सौर मंडल का सबसे अधिक औसत तापमान वाला ग्रह बनाता है, भले ही यह सूर्य के सबसे निकटतम ग्रह नहीं है।
2. बृहस्पति का सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह 'गैनीमीड' (Ganymede) सौर मंडल का सबसे बड़ा उपग्रह है, जो आकार में बुध ग्रह से भी बड़ा है और इसका अपना स्वयं का आंतरिक चुंबकीय क्षेत्र (Intrinsic Magnetic Field) भी मौजूद है।
3. 'शनि' ग्रह का घनत्व (Density) जल के घनत्व से भी कम (लगभग 0.69 g/cm³) है, जिसका अर्थ है कि यदि इसे इतने बड़े महासागर में रखा जाए जहाँ यह पूरी तरह समा सके, तो यह पानी पर तैरने लगेगा।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'अरुण' (Uranus) अपनी धुरी पर अत्यधिक झुका हुआ (लगभग 98°) है, जिसके कारण इसे 'लेट हुआ ग्रह' (Rolled Planet) कहा जाता है और इसके परिभ्रमण की यह अनूठी विशेषता इसके मौसमी बदलावों को अत्यधिक चरम बना देती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी के प्रमुख भू-आकृतिक स्वरूपों—पर्वतों, पठारों, मैदानों और मरुस्थलों—की उत्पत्ति, प्रकार और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'रॉकीज़', 'एंडिज' और 'अल्प्स' पर्वतमालाएँ नवीन वलित (Fold) पर्वतों के उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जिनका निर्माण विवर्तनिक प्लेटों के अभिसरण के फलस्वरूप संपीडन बलों के कारण हुआ है, जबकि भारत की 'अरावली' पर्वतमाला दुनिया की सबसे प्राचीन वलित पर्वत प्रणालियों में से एक है जो वर्तमान में अवशिष्ट (Residual) पर्वत का प्रतिनिधित्व करती है।
2. 'तिब्बत का पठार' और 'कोलोरैडो का पठार' अंतर्पर्वतीय पठार (Intermontane Plateaus) के प्रमुख उदाहरण हैं, जो चारों तरफ से ऊँची पर्वत श्रेणियों से घिरे होते हैं तथा इनका निर्माण विवर्तनिक हलचलों और भूपर्पटी के उत्थान से हुआ है।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'आटाकामा मरुस्थल' दुनिया के सबसे शुष्क मरुस्थलों में से एक है, जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर स्थित है और इसकी अत्यधिक शुष्कता का मुख्य कारण प्रशांत महासागर की ठंडी 'हम्बोल्ट जलधारा' (Peru Current) का प्रभाव तथा वृष्टिछाया (Rain Shadow) प्रभाव है।
4. 'पामीर का पठार', जिसे 'विश्व की छत' (Roof of the World) कहा जाता है, एक लावा पठार (Volcanic Plateau) का क्लासिक उदाहरण है, जिसका निर्माण विशाल बेसॉल्टिक लावा के दरारी उद्गार (Fissure Eruption) के कारण हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के भौगोलिक विस्तार, अक्षांशीय-देशांती स्थिति और मानक समय रेखा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, जिसके कारण देश के सबसे दक्षिणी और सबसे उत्तरी बिंदु के बीच लगभग 30° का अक्षांशीय विस्तार पाया जाता है, और इसके परिणामस्वरूप कन्याकुमारी और कश्मीर के बीच स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतर उत्पन्न होता है।
2. भारत का मानक समय (IST) 82.5° पूर्वी देशांतर रेखा पर आधारित है, जो उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के पास से गुजरती है और यह ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से 5 घंटे आगे है, तथा यह देशांतर रेखा कुल 5 राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश) से होकर गुजरती है।
3. कर्क रेखा (23.5° उत्तर) भारत के लगभग मध्य से होकर गुजरती है और यह कुल 8 राज्यों (गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम) से गुजरती है, जिसमें झारखंड की राजधानी रांची इस रेखा के सबसे निकट स्थित राजधानी शहर है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किलोमीटर है, जो विश्व के कुल स्थलीय क्षेत्रफल का लगभग 2.4% हिस्सा है, और यह क्षेत्रफल की दृष्टि से विश्व का सातवां सबसे बड़ा देश है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के भौगोलिक विस्तार, सीमाई बिंदुओं और देशांतर-अक्षांशीय रेखाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, जबकि इसके सुदूर दक्षिणतम बिंदु 'इंदिरा पॉइंट' का अक्षांश 6°45' उत्तर है जो ग्रेट निकोबार द्वीप पर स्थित है।
2. भारत का देशांतर विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व तक है, जिसके कारण देश के सबसे पश्चिमी छोर (गुजरात के गुहारामती) और सबसे पूर्वी छोर (अरुणाचल प्रदेश के किबिथु) के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतर पाया जाता है।
3. 82°30' पूर्वी देशांतर रेखा को भारत की 'मानक याम्योत्तर' (Standard Meridian) माना गया है, जो उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से गुजरती है और यह रेखा कुल पाँच राज्यों — उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश से होकर जाती है।
4. भारत की स्थलीय सीमा की कुल लंबाई लगभग 15,200 किमी है, जो उत्तर-पश्चिम में पाकिस्तान और अफगानिस्तान, उत्तर में चीन (तिब्बत), पूर्व में नेपाल और भूटान, तथा सुदूर पूर्व में म्यांमार एवं बांग्लादेश के साथ साझा होती है, जिसमें सर्वाधिक लंबी सीमा म्यांमार के साथ लगती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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