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Geography
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पृथ्वी के प्रमुख पर्वतों, पठारों और मरुस्थलों के निर्माण एवं उनकी भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'एंडीज पर्वतमाला' (Andes Mountains) विश्व की सबसे लंबी वलित पर्वत श्रृंखला है, जिसका निर्माण दक्षिण अमेरिकी प्लेट और नाजका प्लेट के अभिसरण (Convergence) के फलस्वरूप महासागरीय-महाद्वीपीय संपीड़न से हुआ है।
- 2. 'तिब्बत का पठार' (Tibetan Plateau) एक प्रकार का 'अन्तरापर्वतीय पठार' (Intermontane Plateau) है, जो हिमालय और कुतुन शाल श्रेणियों के बीच स्थित है तथा पृथ्वी पर सबसे ऊँचा और विस्तृत पठार होने के कारण इसे 'विश्व की छत' कहा जाता है।
- 3. 'अटाकामा मरुस्थल' (Atacama Desert) दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर स्थित दुनिया के सबसे शुष्क मरुस्थलों में से एक है, जिसके अत्यधिक शुष्क होने का मुख्य कारण पेरू (हम्बोल्ट) ठंडी जलधारा का प्रभाव और एंडीज पर्वतमाला द्वारा बनने वाली वृष्टिच्छाया (Rain shadow) स्थिति है।
- 4. 'ग्रेट बेसिन मरुस्थल' (Great Basin Desert) संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित एक उष्णकटिबंधीय मरुस्थल का उदाहरण है, जो रॉकी पर्वतमाला के पूर्व में स्थित होने के कारण वर्ष भर उच्च तापमान और अत्यधिक वाष्पीकरण का अनुभव करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि एंडीज पर्वतमाला दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट के सहारे फैली दुनिया की सबसे लंबी वलित पर्वत श्रृंखला है, जिसका निर्माण नाजका प्लेट के दक्षिण अमेरिकी प्लेट के नीचे सबडक्ट होने के कारण हुआ है। कथन 2 सही है क्योंकि तिब्बत का पठार दो विशाल पर्वत श्रेणियों के मध्य स्थित एक अंतरापर्वतीय पठार है। कथन 3 सही है क्योंकि अटाकामा मरुस्थल में अत्यधिक शुष्क दशाएँ पेरू की ठंडी जलधारा और एंडीज के वृष्टिच्छाया क्षेत्र में पड़ने के कारण उत्पन्न होती हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि 'ग्रेट बेसिन मरुस्थल' एक उष्णकटिबंधीय मरुस्थल नहीं, बल्कि एक 'शीत मरुस्थल' (Cold Desert) है जो शीतोष्ण कटिबंध में आंतरिक द्रोणी (Basin) के रूप में स्थित है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और जलसंधियों (Straits) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय नितल के उच्चावच में 'महाद्वीपीय मग्नतट' (Continental Shelf) सबसे उथला भाग होता है, जिसकी औसत गहराई 120 से 200 मीटर तक होती है और यह क्षेत्र विश्व के सबसे समृद्ध मतस्यन (Fishing) क्षेत्रों के रूप में जाना जाता है।
2. 'सिजीजी' (Syzygy) की स्थिति वह खगोलीय दशा है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक ही सीधी रेखा में होते हैं, और इस दौरान गुरुत्वाकर्षण बलों के संयुक्त प्रभाव से दीर्घ ज्वार (Spring Tide) उत्पन्न होता है।
3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) हिंद महासागर को प्रशांत महासागर (दक्षिण चीन सागर) से जोड़ती है और यह सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) को मलय प्रायद्वीप से अलग करती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार लघु ज्वार (Neap Tide) के समय चंद्रमा और सूर्य पृथ्वी के केंद्र पर समकोण बनाते हैं, जिससे दोनों के गुरुत्वाकर्षण बल एक-दूसरे के प्रभाव को संतुलित करते हैं और इस कारण सामान्य ज्वार की तुलना में ज्वार की ऊँचाई कम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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0 डिग्री देशांतर रेखा को क्या कहा जाता है?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के भौगोलिक वितरण तथा उनकी भूगर्भीय विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में कोयले के कुल संचित भंडारों का लगभग 98% हिस्सा 'गोंडवाना क्रम' की चट्टानों में पाया जाता है, जो मुख्य रूप से दामोदर, सोन, महानदी और गोदावरी नदी घाटियों में संकेंद्रित हैं, तथा यहाँ का अधिकांश कोयला बिटुमिनस प्रकार का है।
2. 'टर्तीयक युगीन कोयला' (Tertiary Coal) मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे असम, मेघालय, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में पाया जाता है, जिसकी विशेषता यह है कि इसमें उच्च सल्फर सामग्री (High Sulphur Content) पाई जाती है।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के कुल संचित भंडारों का सबसे बड़ा हिस्सा अपतटीय (Offshore) क्षेत्रों, विशेष रूप से 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) में स्थित है।
4. भारत में 'थोरियम' के विशाल संचित भंडार तटीय क्षेत्रों की 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sands) में पाए जाते हैं, जो मुख्य रूप से केरल के तटीय क्षेत्रों में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, जबकि यूरेनियम के प्रमुख भंडार झारखंड के जादूगोड़ा खान से निकाले जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं और उनसे संबंधित नदियों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. हीराकुंड बाँध परियोजना - महान नदी (ओडिशा)
2. तुंगभद्रा बहुउद्देशीय परियोजना - कृष्णा नदी की सहायक नदी तुंगभद्रा (कर्नाटक और आंध्र प्रदेश)
3. रिहन्द परियोजना - सोन नदी की सहायक नदी रिहन्द (उत्तर प्रदेश)
4. माताटीला परियोजना - बेतवा नदी (उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय क्षेत्रों, पर्वत श्रेणियों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति एवं घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पीर पंजाल श्रेणी' (Pir Panjal Range) लघु हिमालय (Lesser Himalayas) की सबसे लंबी और महत्वपूर्ण श्रेणी है, जो कश्मीर घाटी को जम्मू क्षेत्र से अलग करती है और इसी श्रेणी में प्रसिद्ध 'बनिहाल दर्रा' स्थित है जो जवाहर सुरंग के माध्यम से सड़क मार्ग प्रदान करता है।
2. 'ज़ास्कर श्रेणी' (Zaskar Range) महान हिमालय के उत्तर में समानांतर रूप से फैली हुई है, जो लद्दाख क्षेत्र को तिब्बत से अलग करती है और इसके पूर्वी भाग में प्रसिद्ध 'मरुसू दर्रा' तथा 'फोटो ला' जैसे महत्वपूर्ण दर्रे स्थित हैं।
3. 'चुंबी घाटी' (Chumbi Valley) एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घाटी है जो भारत, भूटान और चीन (तिब्बत) के त्रिसंगम (Tri-junction) के समीप स्थित है और यह सिक्किम को तिब्बत से जोड़ने वाले 'नाथू ला' तथा 'जेलेप ला' दर्रों के निकट अवस्थित है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'कुल्लू घाटी' (Kullu Valley) धौलाधार और पीर पंजाल श्रेणियों के बीच ब्यास नदी द्वारा निर्मित एक विस्तृत अनुदैर्ध्य घाटी है, जिसे 'देवों की घाटी' भी कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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