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Geography
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण तथा उनकी भूगर्भीय विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारत में पाए जाने वाले कुल कोयला भंडार का लगभग 90% हिस्सा और अधिकांश उच्च श्रेणी का कोकिंग कोयला 'गोंडवाना क्रम' की चट्टानों से प्राप्त होता है, जो मुख्य रूप से दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियों में संकेंद्रित हैं।
  2. 2. 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) क्षेत्र, जो भारत का सबसे बड़ा अपतटीय (Offshore) पेट्रोलियम उत्पादन क्षेत्र है, खंभात की खाड़ी के महाद्वीपीय मग्नतट पर स्थित है और यहाँ तेल का मुख्य उत्पादन 'मिओसीन' काल की चूना पत्थर संरचनाओं से होता है।
  3. 3. भारत में थोरियम के विशाल भंडार 'मोनाजाइट' (Monazite) रेत के रूप में मुख्य रूप से केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं, और मोनाजाइट रेत का निष्कर्षण मुख्य रूप से इल्मेनाइट, रुटाइल और जिरकोन के साथ किया जाता है।
  4. 4. यूरेनियम के प्रमुख भंडारों के लिए प्रसिद्ध 'तुमलापल्ले' (Tummalapalle) खदान झारखंड के सिंहभूम खनिज पट्टी में स्थित है, जो देश का सबसे बड़ा यूरेनियम उत्पादक केंद्र है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि भारत का लगभग 90% से अधिक कोयला भंडार गोंडवाना युग की चट्टानों से संबंधित है और यह मुख्य रूप से पूर्वी व मध्य भारत की नदी घाटियों में पाया जाता है। कथन 2 सही है, बॉम्बे हाई (मुम्बई हाई) पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र में स्थित है जहाँ मिओसीन युग के चूना पत्थर के भंडारों से पेट्रोलियम निकाला जाता है। कथन 3 सही है, भारत में थोरियम का मुख्य स्रोत मोनाजाइट रेत है जो प्रायद्वीपीय भारत के तटों पर प्रचुर मात्रा में मिलती है। कथन 4 गलत है क्योंकि 'तुमलापल्ले' खदान आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में स्थित है, न कि झारखंड के सिंहभूम में (सिंहभूम झारखंड का प्रसिद्ध यूरेनियम क्षेत्र जादूगोड़ा के लिए जाना जाता है)। इस विषय की अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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