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Geography
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भारत की जलवायु और दक्षिण-पश्चिम मानसून के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. दक्षिण-पश्चिम मानसून की 'अरब सागर शाखा' पश्चिमी घाट से टकराने के बाद प्रायद्वीपीय पठार के वृष्टिच्छाया क्षेत्र (Rain-shadow area) में भारी वर्षा करती है, जिसके कारण महाराष्ट्र का पश्चिमी भाग अधिक वर्षा प्राप्त करता है और पूर्वी भाग सूखा रहता है।
- 2. मानसून के आगमन के समय उत्तर-पश्चिम भारत के थार मरुस्थल क्षेत्र में विकसित होने वाला अत्यधिक कम वायुदाब का क्षेत्र मानसून पवनों को अपनी ओर आकर्षित करने में केंद्रीय भूमिका निभाता है।
- 3. 'मैडन-जूलियन दोलन' (Madden-Julian Oscillation - MJO) एक वैश्विक स्तर की उष्णकटिबंधीय मौसम घटना है, जो भारतीय महासागर के ऊपर से गुजरने पर मानसून की सक्रियता और वर्षा के वितरण को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है।
- 4. मानसून के 'विच्छेदन' (Break in Monsoon) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब मानसूनी ट्रफ (Monsoon Trough) अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसककर हिमालय की तलहटी में पहुँच जाती है, जिससे उत्तर भारत के मैदानी भागों में वर्षा अचानक रुक जाती है और पूर्वोत्तर राज्यों तथा हिमालयी क्षेत्रों में भारी बाढ़ आने लगती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि पश्चिमी घाट से टकराने के बाद अरब सागर शाखा पश्चिमी ढलानों (पवनमुखी भाग) पर भारी वर्षा करती है, जबकि इसके पूर्वी ढलान प्रायद्वीपीय पठार के वृष्टिच्छाया (Rain-shadow) क्षेत्र में आते हैं, जिसके कारण महाराष्ट्र का पश्चिमी भाग (तटीय कोंकण) अधिक वर्षा प्राप्त करता है और आंतरिक पूर्वी भाग (जैसे विदर्भ और मराठवाड़ा का कुछ हिस्सा) अपेक्षाकृत कम वर्षा प्राप्त करता है। कथन 2 सही है क्योंकि ग्रीष्मकाल के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत और थार मरुस्थल क्षेत्र अत्यधिक गर्म हो जाते हैं, जिससे वहाँ तीव्र निम्न वायुदाब क्षेत्र बनता है जो दक्षिणी गोलार्ध से आने वाली मानसूनी हवाओं को आकर्षित करता है। इसके अतिरिक्त, विस्तृत जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है। कथन 3 सही है क्योंकि MJO एक पूर्व की ओर बढ़ने वाली बादलों और पवनों की प्रणाली है जो हिंद महासागर के ऊपर संवहन को प्रभावित करती है। कथन 4 सही है, मानसून ट्रफ का हिमालय की तलहटी (Foot-hills) की ओर खिसकना ही 'मानसून विच्छेदन' का प्रमुख कारण है।
Related Questions
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महासागरीय जलधाराओं और उनके विशिष्ट प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कुरील जलधारा' (Kuril Current), जिसे ओयाशियो जलधारा भी कहा जाता है, प्रशांत महासागर की एक ठंडी जलधारा है जो कामचटका प्रायद्वीप के पूर्व से दक्षिण की ओर प्रवाहित होती है।
2. 'फोकलैंड जलधारा' (Falkland Current) दक्षिण अटलांटिक महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट के सहारे उत्तर दिशा में प्रवाहित होती है।
3. 'कैनरी जलधारा' (Canary Current) उत्तरी अटलांटिक महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जिसके प्रभाव से उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के तट पर शुष्क एवं मरुस्थलीय दशाओं का निर्माण होता है।
4. 'अलास्का जलधारा' (Alaska Current) प्रशांत महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो उत्तरी अमेरिका के उत्तर-पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर प्रवाहित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा की गतिकी और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का विस्तारित डूबा हुआ भाग होता है, जिसकी औसत गहराई लगभग 200 मीटर तक होती है, और यह क्षेत्र सूर्य के प्रकाश की प्रचुरता तथा पादपप्लवक (Phytoplankton) की उपलब्धता के कारण विश्व के सबसे समृद्ध मतस्यन (Fishing) क्षेत्र माने जाते हैं।
2. 'दैनी ज्वार' (Spring Tide) और 'लघु ज्वार' (Neap Tide) की स्थिति इस बात पर निर्भर करती है कि सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी की सापेक्षिक स्थितियाँ कैसी हैं; जब ये तीनों एक सीध में (Syzygy) होते हैं, तब गुरुत्वाकर्षण के संयुक्त प्रभाव से लघु ज्वार उत्पन्न होता है।
3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) और मलय प्रायद्वीप के बीच स्थित है, जो हिंद महासागर को प्रशांत महासागर (दक्षिण चीन सागर) से जोड़ती है और यह वैश्विक समुद्री व्यापार के लिहाज से दुनिया के सबसे व्यस्त चोकपॉइंट्स में से एक है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की सप्तमी या अष्टमी को सूर्य और चंद्रमा पृथ्वी के केंद्र पर समकोण बनाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप न्यूनतम ज्वारीय बल कार्य करता है और उस समय 'लघु ज्वार' (Neap Tide) आता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायुमंडल की संरचना, तापमान प्रवणता और वैश्विक वायुदाब पेटियों (Global Pressure Belts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समताप मंडल (Stratosphere) की निचلی परत में ओजोन गैस की सांद्रता अधिक होती है, जो सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों (UV rays) का अवशोषण करती है, जिसके कारण इस परत में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में तीव्र वृद्धि होने लगती है।
2. विषुवत वृत्त के पास क्षोभमंडल (Troposphere) की मोटाई ध्रुवों की तुलना में सबसे अधिक होती है, जिसका प्रमुख कारण भूमध्य रेखा पर संवहन धाराओं (Convection currents) का अत्यधिक प्रबल होना और गर्म हवा का ऊपर फैलना है।
3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts), जिन्हें 'अश्व अक्षांश' (Horse Latitudes) भी कहा जाता है, विशुद्ध रूप से तापीय रूप से प्रेरित (Thermally induced) पेटियाँ हैं जो अत्यधिक ठंडे तापमान के कारण हवा के नीचे बैठने से बनती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मध्यमंडल (Mesosphere) वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है, जिसमें ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान पुनः गिरने लगता है और इसकी ऊपरी सीमा (Mesopause) पर तापमान -90°C तक पहुँच जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पवन प्रणालियों, आर्द्रता, वर्षा के प्रकार और चक्रवातों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'टॉर्नेडो' (Tornado) एक अत्यंत तीव्र और विनाशकारी लघु-स्तरीय उष्णकटिबंधीय चक्रवात है, जिसकी तीव्रता का आकलन 'फुजीटा पैमाना' (Fujita Scale) द्वारा किया जाता है और यह मुख्य रूप से उत्तरी अमेरिका के ग्रेट प्लेन्स क्षेत्र में 'टॉर्नेडो एले' (Tornado Alley) में उत्पन्न होता है।
2. पर्वतीय वर्षा (Relief/Orographic Rainfall) उस समय होती है जब आर्द्र हवाएँ किसी पर्वत श्रेणी से टकराकर ऊपर उठती हैं, जिसके कारण रुद्धोष्म शीतलन (Adiabatic Cooling) होता है और पर्वत के पवनाभिमुख ढाल (Windward Slope) पर भारी वर्षा होती है, जबकि इसके विपरीत पाश्र्व या पवनावर्ती ढाल (Leeward Slope) का क्षेत्र 'वृष्टिछाया क्षेत्र' (Rain Shadow Area) बन जाता है।
3. 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbances) भूमध्य सागर क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातीय प्रणालियाँ हैं, जो जेट स्ट्रीम के प्रभाव से पूर्व की ओर यात्रा करती हैं और भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिम भाग में शीतकाल के दौरान होने वाली वर्षा के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी होती हैं।
4. 'कोरिऑलिस बल' (Coriolis Force) विषुवत वृत्त (Equator) पर अधिकतम होता है, जिसके कारण चक्रवातों का निर्माण और उनका घूर्णन भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर सबसे तीव्र गति से होता है, और यही कारण है कि अधिकांश उष्णकटिबंधीय चक्रवात 0 से 5 डिग्री अक्षांशों के बीच उत्पन्न होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय क्षेत्रों, पर्वत श्रेणियों और उनमें अवस्थित घाटियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मर्कुता' या 'मरुखा घाटी' (Markha Valley) लद्दाख श्रेणी और जास्कर श्रेणी के मध्य स्थित एक प्रसिद्ध शुष्क घाटी है, जो हेमिस राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत आती है।
2. 'जुक्कू घाटी' (Zukou Valley) नागालैंड और मणिपुर की सीमा पर स्थित है, जो अपने प्राकृतिक मौसमी जंगली फूलों और दुर्लभ जुक्कू लिली के लिए जानी जाती है, और यह बैरल पर्वत श्रेणी के नजदीक स्थित है।
3. 'कुल्लू घाटी' (Kullu Valley) धौलाधार और पीर पंजाल श्रेणियों के बीच रावी नदी द्वारा निर्मित एक अनुप्रस्थ (Transverse) घाटी है, जिसे 'देवों की घाटी' भी कहा जाता है।
4. 'साइलेंट वैली' (Silent Valley) नीलगिरी पहाड़ियों के दक्षिण-पश्चिम में कुंतिपुझा नदी बेसिन में स्थित है, जो उष्णकटिबंधीय सदाबหาร वर्षावनों और लायन-टेल्ड मकाक (सिंहपुच्छ वानर) के लिए विश्वप्रसिद्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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