BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
15 views

भारत की जनगणना 2011, जनसंख्या वितरण और मानवाजातियों (Tribes) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में कुल अनुसूचित जनजाति (ST) की जनसंख्या का राज्यों के आधार पर सर्वाधिक प्रतिशत मिजोरम राज्य में दर्ज किया गया है, जबकि कुल संख्या के मामले में मध्य प्रदेश पहले स्थान पर है।
  2. 2. भारत में 'विशेष रूप से संवेदनशील जनजाति समूह' (PVTGs - Particularly Vulnerable Tribal Groups) की कुल आधिकारिक मान्यता प्राप्त संख्या 75 है, और इन समूहों की सर्वाधिक संख्या ओडिशा राज्य में पाई जाती है।
  3. 3. 'नगा' और 'कुकी' मानवाजातियाँ मुख्य रूप से पूर्वोत्तर भारत की पहाड़ियों में निवास करती हैं, और ये दोनों जनजातियाँ पितृवंशीय (Patrilineal) समाज व्यवस्था का पालन करती हैं तथा 'झूम' कृषि से जुड़ी हैं।
  4. 4. वर्ष 2001 से 2011 के दशक के दौरान भारत की दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसमें बिहार राज्य ने सभी बड़े राज्यों में सर्वाधिक दशकीय वृद्धि दर दर्ज की थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, मिजोरम में कुल जनसंख्या के अनुपात में ST का प्रतिशत सबसे अधिक (लगभग 94.4%) है। भारत सरकार द्वारा कुल 75 PVTGs को चिन्हित किया गया है जिनमें सर्वाधिक संख्या ओडिशा की है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, पूर्वोत्तर की जनजातियाँ और बिहार की दशकीय वृद्धि दर (25.4%) भी सही तथ्यों को दर्शाती है।
Share:

Related Questions

→ भारत के अपवाह तंत्र (Drainage System) के संदर्भ में, हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं, उनके उद्गम, जलप्रवाह और भू-आकृतिक स्वरूपों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हिमालयी नदियाँ अपने विकास के प्रारंभिक चरणों में अत्यधिक अपरदन करती हैं और 'पूर्ववर्ती' (Antecedent) अपवाह प्रतिरूप का निर्माण करती हैं, जहाँ सिंधु, सतलुज और ब्रह्मपुत्र जैसी नदियाँ हिमालय के उत्थान के साथ-साथ अपनी घाटियों को गहरा करती गई हैं। 2. प्रायद्वीपीय पठार की नदियाँ सामान्यतः 'परिपक्व' (Mature) अवस्था में हैं और इनकी घाटियों की ढाल प्रवणता बहुत कम होती है, जिसके कारण ये अपने मार्ग में अत्यधिक विसर्प (Meanders) बनाती हैं और हिमालयी नदियों की तुलना में मैदानी भागों में मार्ग परिवर्तन के लिए अधिक कुख्यात हैं। 3. लूनी नदी भारत के प्रायद्वीपीय और शुष्क पश्चिमी भाग की एक प्रमुख अंतःस्थलीय (Inland Drainage) नदी प्रणाली का उदाहरण है, जो अरावली पहाड़ियों से निकलकर कच्छ के रण के दलदली क्षेत्रों में विलुप्त हो जाती है और समुद्र तक नहीं पहुँच पाती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, प्रायद्वीपीय भारत की अधिकांश नदियाँ (जैसे नर्मदा और ताप्ती को छोड़कर) पश्चिम से पूर्व की ओर बहती हैं और बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं, जिसका प्रमुख कारण प्रायद्वीपीय पठार का सामान्य ढाल पश्चिम से पूर्व की ओर होना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → पृथ्वी की वायुमंडलीय पवन प्रणालियों, आर्द्रता के स्वरूपों और चक्रवातों की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'रोअरिंग फोरटीज' (Roaring Forties) दक्षिणी गोलार्ध में 40° से 50° दक्षिणी अक्षांशों के मध्य बहने वाली तीव्र और निर्बाध पश्चिमी हवाएँ हैं, जिनका ऐसा वेग मुख्य रूप से इस क्षेत्र में विशाल महासागरीय क्षेत्रों की उपस्थिति और भू-भागों के नगण्य अवरोध के कारण होता है। 2. 'निरपेक्ष आर्द्रता' (Absolute Humidity) दिए गए तापमान पर हवा के एक निश्चित आयतन में मौजूद जलवाष्प की वास्तविक मात्रा होती है, जिसे सामान्यतः ग्राम प्रति घन मीटर ($ ext{g/m}^3$) में व्यक्त किया जाता है, और यह तापमान में परिवर्तन के साथ बदलती है। 3. 'शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात' (Temperate Cyclones) केवल जलीय सतहों पर उत्पन्न होते हैं और उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की तुलना में इनका आकार बहुत छोटा होता है, तथा ये कोरियोलिस बल के अभाव के कारण विषुवत रेखा के पास सर्वाधिक सक्रिय होते हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) को उत्तरी अटलांटिक में 'हरिकेन' और प्रशांत महासागर के पश्चिमी तथा चीन सागर क्षेत्र में 'टाइफून' के नाम से जाना जाता है, जिन्हें ऊर्जा मुख्य रूप से महासागरीय सतह से वाष्प के संघनन के दौरान निकलने वाली गुप्त ऊष्मा (Latent Heat) से प्राप्त होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों (कोयला, पेट्रोलियम, परमाणु खनिज) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में गोंडवाना युग का कोयला मुख्य रूप से दामोदर, सोन, महानदी और गोदावरी घाटियों में पाया जाता है, और देश के कुल कोयला भंडार और उत्पादन का लगभग 98% से अधिक हिस्सा इसी संरचना से प्राप्त होता है। 2. राजस्थान में स्थित 'पचपदरा' और गुजरात में 'अंकलेश्वर' क्षेत्र क्रूड ऑयल (पेट्रोलियम) के प्रमुख उत्पादक हैं, जबकि मुंबई हाई देश का सबसे बड़ा अपतटीय (Offshore) पेट्रोलियम क्षेत्र है जो खंभात की खाड़ी के मियोसीन युगीन संस्तर पर स्थित है। 3. भारत में थोरियम का मुख्य स्रोत 'मोनाज़िट' (Monazite) रेत है, जो केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है, और केरल के चावरा तथा मनवलकुरिची इसके प्रमुख खनन केंद्र हैं। 4. यूरेनियम के उत्पादन में झारखंड का 'जादुगुड़ा' खान देश की पहली और सबसे प्रसिद्ध खदान है, इसके अलावा मेघालय के डोमियथियांग (Domiasiat) क्षेत्र में भी यूरेनियम के विशाल भंडार पाए जाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → पृथ्वी के प्रमुख पर्वत, पठार, मैदान और मरुस्थल के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'पामीर का पठार' (Pamir Plateau), जिसे 'विश्व की छत' (Roof of the World) कहा जाता है, एक अंतःपर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) का प्रमुख उदाहरण है, जो तियन शान, कुनलन, काराकोरम और हिंदूकुश पर्वत श्रेणियों के मिलने से बनता है। 2. 'टकलाकाकन मरुस्थल' (Taklamakan Desert) चीन के शिनजियांग प्रांत में स्थित एक शीत मरुस्थल है, जो उत्तर में तियन शान और दक्षिण में कुनलन पर्वतों से घिरा होने के कारण वृष्टिछाया क्षेत्र (Rain-shadow Area) में स्थित है। 3. उत्तरी अमेरिका के महान मैदान (Great Plains) मुख्य रूप से कृषि और घास के मैदानों के लिए प्रसिद्ध हैं, और इनका निर्माण मुख्य रूप से रॉकी पर्वतों से बहकर आने वाली नदियों द्वारा लाई गई उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी के निक्षेपण से हुआ है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार दक्कन का पठार (Deccan Plateau) एक लावा पठार है, जिसका निर्माण ज्वालामुखी के दरारी उद्गार (Fissure Eruption) के परिणामस्वरूप मेसोज़ोइक महाकल्प के अंत में क्रेटेशियस काल के दौरान हुआ था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → हमारे सौर मंडल की उत्पत्ति, ग्रहों की विशेषताओं, उपग्रहों और छोटे खगोलीय पिंडों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'लाप्लास की निहारिका परिकल्पना' (Nebular Hypothesis) के अनुसार सौर मंडल का निर्माण एक विशाल और धीमी गति से घूमने वाले तप्त गैसीय नेबुला के शीतलन और संकुचन के परिणामस्वरूप हुआ था, जिसके केंद्रीय भाग से सूर्य और बाह्य भागों के पदार्थों से वलयों के संघनन द्वारा ग्रहों का निर्माण हुआ। 2. बृहस्पति का सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह 'गैनीमेड' (Ganymede) हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा उपग्रह है, जो आकार में बुध ग्रह से भी बड़ा है और इसके पास अपना स्वयं का आंतरिक चुंबकीय क्षेत्र (Intrinsic Magnetic Field) मौजूद है। 3. 'सैटर्न' (शनि) के उपग्रह 'टाइटन' (Titan) पर मीथेन चक्र (Methane Cycle) पाया जाता है, जिसकी सतह पर तरल हाइड्रोकार्बन (मीथेन और इथेन) की झीलें और नदियाँ बहती हैं, और यह पृथ्वी के अलावा सौर मंडल का एकमात्र ऐसा पिंड है जिस पर द्रव की स्थायी उपस्थिति है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'उल्कापिंड' (Meteorites) अंतरिक्ष से पृथ्वी की सतह पर पहुँचने वाले चट्टानी या धात्विक अवशेष हैं, जबकि वे पिंड जो पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने पर घर्षण के कारण चमक उठते हैं, उन्हें 'उल्का' (Meteors) कहा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.