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भारत के प्रमुख उद्योगों, औद्योगिक कॉरिडोर्स और परिवहन अवसंरचना (राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे एवं जलमार्ग) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर्स' (DMIC) परियोजना भारत की एक प्रमुख अवसंरचना पहल है, जो समर्पित मालवहन गलियारे (Dedicated Freight Corridor - DFC) के दोनों ओर उच्च तकनीक वाले औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की कल्पना करती है।
  2. 2. राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-1 (NW-1) हल्दिया से प्रयागराज तक गंगा-भागीरथी-हूगली नदी प्रणाली पर स्थित देश का सबसे लंबा आंतरिक जलमार्ग है, जिसका प्रबंधन अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) द्वारा किया जाता है।
  3. 3. विशाखापत्तनम, जो कि भारत के पूर्वी तट पर स्थित है, को भारतीय इस्पात उद्योग के संदर्भ में 'सार्वजनिक क्षेत्र का पहला समुद्र-तटीय इस्पात संयंत्र' (First Coast-based Integrated Steel Plant) होने का गौरव प्राप्त है।
  4. 4. भारत माला परियोजना (Bharatmala Pariyojana) के तहत देश में केवल राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया गया है, और इसमें तटीय क्षेत्रों, बंदरगाहों तथा सीमावर्ती सड़कों के विकास को पूरी तरह से शामिल नहीं किया गया है, जिसके बारे में विकिपीडिया संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC) पश्चिमी समर्पित मालवहन गलियारे (WDFC) के समानांतर विकसित किया जा रहा एक मेगा-इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। कथन 2 सही है क्योंकि NW-1 (हल्दिया-प्रयागराज खंड) गंगा-भागीरथी-हूगली नदी प्रणाली पर स्थित भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय जलमार्ग है। कथन 3 सही है क्योंकि विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र (RINL) भारत का पहला तटवर्ती (coast-based) एकीकृत इस्पात संयंत्र है। कथन 4 गलत है क्योंकि भारतमाला परियोजना का उद्देश्य केवल राष्ट्रीय राजमार्गों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आर्थिक गलियारों, अंतर-गलियारे और फीडर मार्गों, राष्ट्रीय गलियारा दक्षता सुधार, सीमावर्ती व अंतरराष्ट्रीय संपर्क सड़कों, तटीय व बंदरगाह संपर्क सड़कों और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का व्यापक विकास शामिल है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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