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Geography
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विश्व के महाद्वीपों, देशों की सीमाओं, राजधानियों और प्रमुख सीमा रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. दक्षिण अमेरिका महाद्वीप का सबसे बड़ा देश 'ब्राजील' है, जिसकी सीमा इक्वाडोर और चिली को छोड़कर इस महाद्वीप के बाकी सभी स्वतंत्र देशों के साथ स्पर्श करती है।
- 2. 'मैकमोहन रेखा' (McMahon Line) भारत और चीन के बीच पूर्वी सेक्टर में स्थित एक कानूनी और आधिकारिक सीमा रेखा है, जिसका निर्धारण वर्ष 1914 के शिमला समझौते के दौरान सर हेनरी मैकमोहन द्वारा किया गया था।
- 3. अफ्रीका महाद्वीप का देश 'गैबन' भूमध्य रेखा (Equator) पर स्थित है, तथा इसकी राजधानी 'लिब्रेविल' है, जो अटलांटिक महासागर के गिनी की खाड़ी के तट पर स्थित है।
- 4. यूरोप का देश 'यूक्रेन' क्षेत्रफल की दृष्टि से रूस के बाद यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा देश है, जिसकी राजधानी कीव (Kyiv) 'डैन्यूब' नदी के तट पर स्थित है, जिसके बारे में विकिपीडिया संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: दक्षिण अमेरिका का सबसे बड़ा देश ब्राजील है, और इसकी सीमा महाद्वीप के केवल दो देशों—इक्वाडोर (Ecuador) और चिली (Chile)—को छोड़कर अन्य सभी 10 दक्षिण अमेरिकी देशों से लगती है। कथन 2 सही है: मैकमोहन रेखा भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश में स्थित सीमा रेखा है, जिसे 1914 के शिमला सम्मेलन में निर्धारित किया गया था। कथन 3 सही है: गैबन (Gabon) अफ्रीका का एक देश है जिससे भूमध्य रेखा गुजरती है, और इसकी राजधानी लिब्रेविल गिनी की खाड़ी के पास स्थित है। कथन 4 गलत है: यूक्रेन की राजधानी कीव (Kyiv) डैन्यूब नदी के तट पर नहीं, बल्कि 'नीपर' (Dnipro) नदी के तट पर स्थित है। इस प्रकार सही विकल्प (a) है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
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हमारे सौर मण्डल के ग्रहों, उनके चुंबकत्व, कक्षीय अनुनाद (Orbital Resonance) और क्षुद्रग्रहों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'शनि' (Saturn) हमारे सौर मण्डल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है जिसका घनत्व पानी से भी कम है, और इसका सबसे बड़ा उपग्रह 'टाइटन' (Titan) सौर मण्डल का एकमात्र ऐसा उपग्रह है जिसके पास एक घना नाइट्रोजन-प्रधान वायुमंडल और सतह पर तरल मीथेन की झीलें पाई जाती हैं।
2. 'बृहस्पति' (Jupiter) का चुंबकीय क्षेत्र सौर मण्डल में सूर्य के बाद सबसे शक्तिशाली है, और इसकी तीव्र रेडियो तरंगों (Decametric radio emissions) का मुख्य स्रोत इसके आंतरिक भाग में धात्विक हाइड्रोजन की उपस्थिति तथा इसके ज्वालामुखी रूप से अत्यंत सक्रिय उपग्रह 'आयो' (Io) द्वारा उत्सर्जित प्लाज्मा टोरस है।
3. 'यूरेनस' (Uranus) और 'नेप्च्यून' (Neptune) को 'बर्फ़ीले दैत्य' (Ice Giants) कहा जाता है, क्योंकि इनके आंतरिक भाग में सिलिकेट चट्टानों के बजाय मुख्य रूप से पानी, अमोनिया और मीथेन के 'बर्फ़ीले' (Fluid) मेंटल का आवरण पाया जाता है, तथा यूरेनस का अपनी कक्षीय तल से 98 डिग्री का अत्यधिक झुकाव इसके घूर्णन अक्ष को लगभग समतल बना देता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'ट्रोजन क्षुद्रग्रह' (Trojan Asteroids) वे छोटे खगोलीय पिंड हैं जो बृहस्पति ग्रह की कक्षा के आगे और पीछे लगभग 60 डिग्री के कोण पर लाग्रेंज बिंदुओं (L4 और L5) पर सूर्य की परिक्रमा करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भूकंपीय तरंगों की प्रकृति, ज्वालामुखी उद्गार के प्रकार और सुनामी की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं जो ध्वनि तरंगों की तरह ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं जो केवल ठोस माध्यमों में ही गमन करती हैं।
2. 'हवाईयन प्रकार' का ज्वालामुखी उद्गार सबसे अधिक विस्फोटक होता है जिसमें अत्यधिक चिपचिपा और सिलिका-युक्त अम्लीय लावा निकलता है, जिससे विशाल काल्डेरा का निर्माण होता है।
3. सुनामी तरंगें महासागरों के गहरे पानी में अत्यंत कम आयाम (Amplitude) और लंबी तरंग दैर्ध्य (Wavelength) वाली होती हैं, जिसके कारण गहरे समुद्र में जहाजों को इसका आभास नहीं होता है, किंतु उथले तटीय क्षेत्रों में पहुँचने पर इनकी गति कम हो जाती है और इनकी ऊँचाई में भारी वृद्धि हो जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार रिक्टर स्केल (Richter Scale) भूकंप की ऊर्जा या परिमाण (Magnitude) को मापता है, जो एक लघुगणकीय (Logarithmic) पैमाना है, जबकि मरकैली स्केल (Mercalli Scale) भूकंप के कारण होने वाली दृश्य क्षति और तीव्रता (Intensity) को व्यक्त करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) और विभिन्न प्रकार की चट्टानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं जो ध्वनि तरंगों की तरह चलती हैं और यह ठोस, तरल तथा गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-waves) केवल ठोस माध्यम से ही गुजर सकती हैं।
2. 'ग्रेनाइट' एक प्रमुख बहिर्भेदी (Extrusive) आग्नेय चट्टान है, जो ज्वालामुखी उद्गार के समय धरातल पर लावा के अत्यधिक तीव्र गति से ठंडा होने के कारण सूक्ष्म और महीन रवे का निर्माण करती है।
3. अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks) मुख्य रूप से संस्तरण (Stratification) या पर्दों के रूप में पाई जाती हैं, और इन चट्टानों में प्राचीन वनस्पतियों तथा जीवों के जीवाश्म (Fossils) सुरक्षित पाए जाते हैं।
4. रूपांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) अत्यधिक ताप, दाब या रासायनिक रूप से सक्रिय तरल पदार्थों के प्रभाव से अपने मूल रूप में परिवर्तन के माध्यम से बनती हैं, जिसमें चूना पत्थर का रूपांतरण होकर संगमरमर का बनना इसका उत्कृष्ट उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय उच्चावच (Ocean Relief), ज्वार-भाटा (Tides) की गतिकी और विश्व की प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'महासागरीय गर्त' (Ocean Trenches) महासागरीय नितल के सबसे गहरे भाग होते हैं, जो सामान्यतः अभिसारी प्लेट सीमाओं (Convergent Plate Boundaries) और सबडक्शन क्षेत्रों के सहारे पाए जाते हैं, जैसे प्रशांत महासागर में स्थित 'मरियाना गर्त' (Mariana Trench)।
2. 'अपोजी' (Apogee) वह खगोलीय स्थिति है जब चंद्रमा अपनी कक्षा में परिक्रमण करते हुए पृथ्वी से अधिकतम दूरी पर होता है, जिसके परिणामस्वरूप उस समय उत्पन्न होने वाला ज्वार सामान्य ज्वार की तुलना में नीचा होता है।
3. 'जिब्राल्टर जलसंधि' (Strait of Gibraltar) अटलांटिक महासागर को भूमध्य सागर से जोड़ती है और यह यूरोप महाद्वीप के स्पेन को अफ्रीका महाद्वीप के मोरक्को से अलग करती है, जिसे 'भूमध्य सागर की कुंजी' भी कहा जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'दैनिक ज्वार' (Diurnal Tide) वह ज्वार प्रणाली है जिसमें प्रत्येक 12 घंटे के अंतराल पर दो उच्च ज्वार और दो निम्न ज्वार प्रतिदिन नियमित रूप से आते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के वन आवरण, राष्ट्रीय उद्यानों, बायोस्फीयर रिजर्व और वन्यजीव संरक्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट' (ISFR) के अनुसार देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल में से वनों और वृक्षों का कुल आवरण लगभग 24.62 प्रतिशत है, जिसमें क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे अधिक वन आवरण मध्य प्रदेश में तथा कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के प्रतिशत के रूप में मिजोरम में सर्वाधिक वन आवरण पाया जाता है।
2. 'नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व' भारत का प्रथम स्थापित बायोस्फीयर रिजर्व था, जिसे 1986 में यूनेस्को के 'मैन एंड बायोस्फीयर' (MAB) कार्यक्रम के तहत मान्यता दी गई थी, और यह तमिलनाडु, केरल तथा कर्नाटक राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में विस्तृत है।
3. मध्य प्रदेश में स्थित 'कूनो राष्ट्रीय उद्यान' (Kuno National Park) में भारत की बहुप्रतीक्षित 'चीता पुनरुत्पादक परियोजना' (Cheetah Reintroduction Project) के तहत अफ्रीकी चीतों को नामिबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाकर खुले वनों और घास के मैदानों में बसाया गया है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में मैंग्रोव वनों का सबसे बड़ा क्षेत्रफल अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पाया जाता है, जबकि मुख्य भूमि पर पश्चिम बंगाल का सुंदरबन डेल्टा क्षेत्र मैंग्रोव आवरण में दूसरे स्थान पर आता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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