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Geography
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विश्व के महाद्वीपों, देशों की सीमाओं, राजधानियों और प्रमुख सीमा रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. दक्षिण अमेरिका महाद्वीप का सबसे बड़ा देश 'ब्राजील' है, जिसकी सीमा इस महाद्वीप के इक्वाडोर और चिली को छोड़कर अन्य सभी 10 स्वतंत्र देशों के साथ स्पर्श करती है।
- 2. 'डूरंड रेखा' (Durand Line) वर्तमान में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच की आधिकारिक सीमा रेखा है, जिसका निर्धारण वर्ष 1893 में ब्रिटिश कर्नल सर मोर्टिमर डूरंड द्वारा किया गया था।
- 3. अफ्रीका महाद्वीप का देश 'गैबन' भूमध्य रेखा (Equator) पर स्थित है, तथा इसकी राजधानी 'लिब्रेविल' अटलांटिक महासागर के गिनी की खाड़ी के तट पर स्थित है।
- 4. यूरोप का देश 'यूक्रेन' क्षेत्रफल की दृष्टि से रूस के बाद यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा देश है, जिसकी राजधानी कीव (Kyiv) 'डैन्यूब' नदी के तट पर स्थित है, जिसके बारे में विकिपीडिया संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: दक्षिण अमेरिका महाद्वीप का सबसे बड़ा देश ब्राजील है और यह इक्वाडोर तथा चिली को छोड़कर महाद्वीप के शेष सभी 10 स्वतंत्र देशों (जैसे अर्जेंटीना, बोलीविया, कोलंबिया, गुयाना, पैराग्वे, पेरू, सूरीनाम, उरुग्वे, वेनेजुएला और फ्रेंच गयाना) के साथ अपनी सीमा साझा करता है। कथन 2 सही है: डूरंड रेखा पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच स्थित है, जिसका निर्धारण 1893 में ब्रिटिश कर्नल मोर्टिमर डूरंड द्वारा किया गया था। कथन 3 सही है: गैबन अफ्रीका का एक देश है जो विषुवत रेखा (भूमध्य रेखा) पर स्थित है और इसकी राजधानी लिब्रेविल गिनी की खाड़ी के तट पर है। कथन 4 गलत है: यूक्रेन यूरोप का रूस के बाद क्षेत्रफल की दृष्टि से दूसरा सबसे बड़ा देश अवश्य है, लेकिन इसकी राजधानी कीव (Kyiv) 'डैन्यूब' नदी के तट पर नहीं, बल्कि 'नीपर' (Dnipro) नदी के तट पर स्थित है। अतः विकल्प (a) सही है।
Related Questions
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वायुमंडल की संरचना, तापमान प्रवणता और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समताप मंडल (Stratosphere) की ऊपरी सीमा पर स्थित 'स्ट्रैटोपॉज' (Stratopause) के पास तापमान पृथ्वी की सतह की तुलना में काफी अधिक होता है, जिसका मुख्य कारण ओजोन परत द्वारा पराबैंगनी किरणों (UV rays) का अवشोषक होना है।
2. विषुवत वृत्त के पास क्षोभमंडल की मोटाई ध्रुवों की तुलना में अधिक होती है, क्योंकि विषुवत रेखा पर लगातार संवहन धाराओं (Convection currents) के प्रबल होने के कारण गर्म हवाएँ अधिक ऊँचाई तक फैलती हैं।
3. 'अश्व अक्षांश' (Horse Latitudes) उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियों के अंतर्गत दोनों गोलार्धों में 30° से 35° अक्षांशों के मध्य स्थित हैं, जहाँ ठंडी हवाओं के अभिसरण के कारण निरंतर चक्रवातीय वर्षा होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार आयनमंडल (Ionosphere) में स्थित 'ई-परत' (E-layer) या केनली-हिविससाइड परत (Kennelly-Heaviside layer) मध्यम और उच्च आवृत्ति की रेडियो तरंगों को पृथ्वी की सतह पर वापस परावर्तित करने में सक्षम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, असंबद्धताओं (Discontinuities) और चट्टानों के चक्र (Rock Cycle) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कॉनराड असंबद्धता' (Conrad Discontinuity) ऊपरी क्रस्ट और निचली क्रस्ट के बीच अलग करने वाली रेखा है, जबकि 'गुटेनबर्ग असंबद्धता' (Gutenberg Discontinuity) निचली मेंटल और बाह्य क्रोड़ के मध्य स्थित है।
2. मोहरोविकिक असंबद्धता (Mohorovicic Discontinuity) के नीचे पृथ्वी की ऊपरी मेंटल में 'एस्थेस्फियर' (Asthenosphere) पाया जाता है, जो अत्यधिक उच्च तापमान और दबाव के कारण अर्ध-पिघली हुई (Plastic/Molten) अवस्था में होता है और प्लेट विवर्तनिकी के लिए मुख्य ऊर्जा स्रोत प्रदान करता है।
3. रूपांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) मूल रूप से केवल आग्नेय चट्टानों के अत्यधिक ताप और दाब के प्रभाव से रूप बदलने पर बनती हैं, और sedimentary (अवसादी) चट्टानें कभी भी कायांतरित नहीं हो सकती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी के क्रोड़ (Core) का निर्माण मुख्य रूप से निकल और लोहे (Nife) से हुआ है, जिसके कारण बाह्य क्रोड़ तरल अवस्था में होने के बावजूद पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी के प्रमुख पर्वतीय तंत्रों, अंतरापर्वतीय पठारों और शुष्क मरुस्थलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पामीर का पठार' (Pamir Knot), जिसे 'विश्व की छत' भी कहा जाता है, एक अंतरापर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) का प्रमुख उदाहरण है, जो तियन शान, काराकोरम, कुनलन और हिंदूकुश पर्वतश्रेणियों के मिलने से बनता है।
2. दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में स्थित 'अटाकामा मरुस्थल' मुख्य रूप से एक शीत मरुस्थल है, जिसके अत्यधिक शुष्क होने का प्रमुख कारण यहाँ प्रशांत महासागर से बहने वाली उष्णकटिबंधीय 'पेरूवियन जलधारा' (हम्बोल्ड धारा) का प्रभाव है, जो तटीय भागों में भारी वर्षा कराती है।
3. 'एनाटोलिया का पठार' (Anatolian Plateau) टर्की में स्थित एक अंतरापर्वतीय पठार है, जो उत्तर में पोंटिक श्रेणियों और दक्षिण में टॉरस श्रेणियों के बीच स्थित है और यह अपनी शुष्क से अर्द्ध-शुष्क जलवायु के लिए जाना जाता है।
4. उत्तर अमेरिका की महान बेसिन (Great Basin) मरुस्थलीय प्रदेश वर्षा छाया क्षेत्र (Rain Shadow Area) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो सिएरा नेवादा पर्वत के पूर्व में स्थित होने के कारण प्रशांत महासागर से आने वाली आर्द्र हवाओं से वंचित रह जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों की भूगर्भीय विशेषताओं, उनके वितरण और निष्कर्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का अधिकांश कोयला भंडार गोंडवाना क्रम की चट्टानों से प्राप्त होता है, जिसमें मुख्य रूप से बिटुमिनस कोयला पाया जाता है, जबकि टर्शरी कालीन कोयला मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों में मिलता है जो उच्च गंधक (High Sulphur) युक्त होता है।
2. देश में 'कालोल', 'मेहसाणा' और 'अंकलेश्वर' पेट्रोलियम क्षेत्र खंभात बेसिन (गुजरात) के अंतर्गत स्थलीय (Onshore) तेल क्षेत्र हैं, जबकि कृष्णा-गोदावरी (K-G) बेसिन का अपतटीय क्षेत्र हाल के वर्षों में प्राकृतिक गैस के विशाल भंडारों के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है।
3. भारत में 'मोनोसाइट' (Monazite) के विशाल भंडार केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों की बालू में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे थोरियम का निष्कर्षण किया जाता है, जबकि 'यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड' (UCIL) द्वारा झारखंड के जादूगोड़ा के अतिरिक्त मेघालय के डोमियथियट क्षेत्र में भी यूरेनियम भंडारों के विकास का कार्य प्रस्तावित है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम मुख्य रूप से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है, जिसमें प्राकृतिक यूरेनियम को ईंधन के रूप में और भारी पानी (Heavy Water) को मॉडरेटर के रूप में उपयोग करने वाले दाबित भारी पानी रिएक्टरों (PHWR) की श्रृंखला प्रमुख है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र और नदियों की विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सिंधु नदी तंत्र की प्रमुख सहायक नदी 'चिनाब' (चंद्र और भागा नदियों का संगम) सिंधु में मिलने से पहले भारत के भीतर ही झेलम, रावी और सतलज नदियों का जल अपने साथ समाहित कर लेती है।
2. प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ मुख्य रूप से पूर्ववर्ती (Antecedent) अपवाह तंत्र का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, जिसका प्रमुख प्रमाण नर्मदा और ताप्ती नदियाँ हैं जो रिफ्ट घाटी से बहते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं।
3. गोदावरी नदी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी प्रणाली है, जिसे 'दक्षिण गंगा' भी कहा जाता है, और इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ प्रनহিতা, इंद्रावती और मंजीरा हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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