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निम्नलिखित में से कौन बफर विलयन का मुख्य गुण है?

Detailed Explanation

बफर विलयन बाहरी अम्ल या क्षार मिलाने पर भी अपने pH मान को स्थिर रखता है।
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Related Questions

→ यूकेरियोटिक कोशिका चक्र (Eukaryotic Cell Cycle) और कोशिका विभाजन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कोशिका चक्र की 'G0 अवस्था' (शंत अवस्था) में कोशिकाएं उपापचय रूप से सक्रिय रहती हैं किंतु वे कोशिका चक्र से बाहर निकलकर बिना विभाजित हुए लंबी अवधि तक जीवित रह सकती हैं, जैसे कि मानव शरीर की हृदय पेशी कोशिकाएं (Cardiac muscle cells)। 2. सूत्री विभाजन (Mitosis) की 'मेटाफेज' (Metaphase) अवस्था के दौरान गुणसूत्र कोशिका के मध्य रेखा (Equator) पर संरेखित हो जाते हैं, और इस अवस्था में तर्कु तंतु (Spindle fibers) गुणसूत्रों के सेंट्रोमियर पर स्थित 'काइनेटोकोर' (Kinetochore) प्रोटीन संरचना से जुड़ते हैं। 3. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की 'पैकितीन' (Pachytene) उप-अवस्था में समझात गुणसूत्रों के नॉन-सिस्टर क्रोमैटिड्स के बीच आनुवंशिक सामग्री का विनिमय होता है, जिसे 'क्रॉसिंग ओवर' कहा जाता है, और यह प्रक्रिया 'रेकॉम्बीनेज' एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित होती है। 4. अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) के दौरान गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है, जो हमेशा युग्मक जनन (Gametogenesis) के समय ही होती है और यह प्रक्रिया सभी पादप एवं जंतु कोशिकाओं में द्विगुणित से अगुणित अवस्था में परिवर्तन के लिए अनिवार्य है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'भर्जन' (Roasting) वह प्रक्रिया है जिसमें अयस्क को वायु की अत्यधिक मात्रा में उसके गलनांक बिंदु से नीचे गर्म किया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप सल्फाइड अयस्क ऑक्साइड में परिवर्तित हो जाते हैं और वाष्पशील अशुद्धियाँ दूर हो जाती हैं। 2. थर्माइट वेल्डिंग (Thermite welding) में एल्युमिनियम पाउडर का उपयोग एक शक्तिशाली अपचायक के रूप में किया जाता है, जो फेरिक ऑक्साइड ($Fe_2O_3$) के साथ तीव्र अभिक्रिया करके पिघला हुआ लोहा उत्पन्न करता है, क्योंकि एल्युमिनियम की ऑक्सीजन के प्रति बंधुता आयरन से बहुत अधिक होती है। 3. 'जिंकोसाइट' (Zincite) और 'कैलेमीन' (Calamine) दोनों ही जिंक के प्रमुख अयस्क हैं, जिनमें से कैलेमीन एक कार्बोनेट अयस्क है जिसके निष्कर्षण के लिए निस्तापन (Calcination) प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → मानव रोगों, उनके संचरण के माध्यमों, रोगजनकों (Pathogens) और उनके नैदानिक परीक्षणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'ट्यूबरकुलोसिस' (तपेदिक) माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु के कारण होता है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, और इसके निदान के लिए किया जाने वाला 'माउंटॉक्स परीक्षण' (Mantoux test) एक प्रकार का त्वचा परीक्षण है जो सेल-मीडिएटेड इम्युनिटी पर आधारित होता है। 2. 'एड्स' (AIDS) उत्पन्न करने वाला एचआईवी (HIV) एक रेट्रोवायरस है जिसमें आनुवंशिक पदार्थ के रूप में द्वि-रज्जुक आरएनए (Double-stranded RNA) पाया जाता है, जो संक्रमण के पश्चात होस्ट कोशिकाओं के रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज एंजाइम का उपयोग करके डीएनए का संश्लेषण करता है। 3. 'मलेरिया' प्लासमोडियम प्रजाति के परजीवी के कारण होता है, जिसमें प्लासमोडियम फाल्ciparum सबसे गंभीर प्रकार का मलेरिया उत्पन्न करता है और यह मस्तिष्क को प्रभावित करके 'सेरेब्रल मलेरिया' का कारण बन सकता है, जिसका वाहक मादा एनाफिलिस मच्छर होता है। 4. 'टाइफाइड' साल्मोनेला टाइफी नामक जीवाणु जनित रोग है, जिसकी पुष्टि के लिए 'विडाल परीक्षण' (Widal test) किया जाता है, जो रोगी के सीरम में मौजूद एंटीबॉडी और जीवाणु के एंटीजन के बीच प्रति-अवक्षेपण या संकोचलन (Agglutination) प्रतिक्रिया पर आधारित होता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों (Colligative properties) और उत्प्रेरण (Catalysis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन (Relative lowering of vapour pressure), हिमांक अवनमन और क्वथनांक उन्नयन सभी अणुसंख्यक गुणधर्म हैं, जो विलयन में उपस्थित विलेय के कणों की कुल संख्या पर निर्भर करते हैं, न कि उनकी रासायनिक प्रकृति पर। 2. वैनट Hoff गुणांक ($i$) का मान वास्तविक कणों की कुल संख्या तथा वियोजन या संघनन से पहले के कणों की कुल संख्या का अनुपात होता है, और किसी वैद्युत अपघट्य के पूर्ण वियोजन की स्थिति में $i$ का मान उसमें उत्पन्न होने वाले कुल आयनों की संख्या के बराबर होता है। 3. विषमांगी उत्प्रेरण (Heterogeneous catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारकों की भौतिक अवस्थाएँ भिन्न होती हैं, और इस प्रक्रम की क्रियाविधि मुख्य रूप से 'अधिषोषण सिद्धांत' (Adsorption theory) पर आधारित है, जिसमें अभिकारक उत्प्रेरक की सतह पर अधिशोषित होकर सक्रिय संकुल बनाते हैं। 4. एंजाइम उत्प्रेरण (Enzyme catalysis) अत्यधिक विशिष्ट और उच्च तापमान (लगभग 310K-370K) पर सबसे अधिक प्रभावी होते हैं, तथा किसी भी स्थिति में तापमान बढ़ाने पर एंजाइम की उत्प्रेरक सक्रियता अनंन्त काल तक बढ़ती जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? → यांत्रिकी (Mechanics) में गति के नियमों, जड़त्व और संरक्षित राशियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी वस्तु का जड़त्व (Inertia) उसके द्रव्यमान का प्रत्यक्ष माप है; अर्थात जिस वस्तु का द्रव्यमान जितना अधिक होता है, उसके विराम या गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करने की प्रवृत्ति उतनी ही अधिक होती है। 2. न्यूटन के गति के तृतीय नियम के अनुसार, क्रिया और प्रतिक्रिया बल हमेशा दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं, जिसके कारण वे एक-दूसरे को निरस्त (Cancel) कर देते हैं और परिणामस्वरूप निकाय का कुल त्वरण शून्य हो जाता है। 3. जब कोई व्यक्ति किसी गतिशील लिफ्ट में ऊपर की ओर त्वरित गति से यात्रा करता है, तो लिफ्ट के फर्श द्वारा उस व्यक्ति पर आरोपित अभिलंब प्रतिक्रिया बल (Normal reaction force) उसके वास्तविक भार से अधिक प्रतीत होता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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