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अटलांटिक महासागर की महासागरीय जलधाराओं और उनके परिसंचरण तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'गल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream) एक गर्म जलधारा है जो मैक्सिको की खाड़ी से उत्पन्न होकर उत्तर-पूर्वी यूरोप के पश्चिमी तटों की ओर प्रवाहित होती है और इसके प्रभाव से उत्तरी यूरोप के बंदरगाह शीतकाल में भी जमे बिना खुले रहते हैं।
- 2. 'बेंग्युला जलधारा' (Benguela Current) दक्षिणी अटलांटिक महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो अफ्रीका के दक्षिण-पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर प्रवाहित होती है और इसके प्रभाव से यहाँ कालाहारी मरुस्थल के निर्माण में सहायता मिलती है।
- 3. 'फ्लोरिडा जलधारा' (Florida Current) और 'एंटीलिज जलधारा' (Antilles Current) के मिलने से ही मुख्य गल्फ स्ट्रीम का निर्माण होता है, जो आगे चलकर उत्तरी अटलांटिक प्रवाह (North Atlantic Drift) में विलीन हो जाती है।
- 4. 'फाकलैंड जलधारा' (Falkland Current) दक्षिणी अटलांटिक महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो अर्जेंटीना के तट के पास ब्राजील की गर्म जलधारा से मिलकर अटलांटिक महासागर के सबसे बड़े मत्सय क्षेत्र का सृजन करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। गल्फ स्ट्रीम एक प्रमुख गर्म जलधारा है जो उच्च अक्षांशों पर यूरोप की जलवायु को अपेक्षाकृत समशीतोष्ण रखती है। बेंग्युला जलधारा दक्षिण अटलांटिक की एक ठंडी जलधारा है जो अफ्रीका के पश्चिमी तट पर बहती है और इसके कारण तटीय शुष्कता व कालाहारी मरुस्थल के विस्तार में भूमिका होती है। फ्लोरिडा और एंटीलिज जलधाराओं के मिलने से ही गल्फ स्ट्रीम का विस्तार होता है। कथन 4 गलत है क्योंकि 'फाकलैंड जलधारा' दक्षिणी अटलांटिक महासागर की एक **ठंडी जलधारा** है, न कि गर्म, जो ब्राजील की गर्म जलधारा से मिलकर कोहरा और प्लवक (Plankton) का विकास करती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों (कोयला, पेट्रोलियम और परमाणु खनिज) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का अधिकांश कोयला भंडार 'गोंडवाना क्रम' की चट्टानों से संबंधित है, जिसमें देश के कुल कोयला भंडार और उत्पादन का लगभग 98% हिस्सा सुरक्षित है, और यह मुख्य रूप से दामोदर, सोन और महानदी बेसिन में पाया जाता है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में टर्शीयरी (Tertiary) कालीन कोयले के प्रमुख भंडार मुख्य रूप से असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नागालैंड जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में मिलते हैं, जो उच्च सल्फर सामग्री और कम कार्बन प्रतिशत की विशेषता रखते हैं।
3. भारत में थोरियम के विशाल भंडार केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों की 'मोनाज़ाइट' (Monazite) बालू में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जिसके निष्कर्षण और प्रसंस्करण के लिए देश में भारी जल संयंत्रों (Heavy Water Plants) का उपयोग किया जाता है।
4. राजस्थान का 'गुड़ामालानी' और 'बाड़मेर बेसिन' (कैपर्न क्रूड) भारत में अपतटीय (Offshore) क्षेत्र का सबसे बड़ा उत्पादक तेल क्षेत्र है, जिसने onshore कच्चे तेल के उत्पादन में देश की कुल क्षमता को सबसे अधिक बढ़ावा दिया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सौर मंडल के ग्रहों, उनकी आंतरिक संरचना, उपग्रहों और क्षुद्र/उल्कापिंडों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'गैनिमीड' (Ganymede) हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह है, जो बृहस्पति का चक्कर लगाता है और आकार में बुध ग्रह से भी बड़ा है, तथा इस उपग्रह का अपना स्वयं का चुंबकीय क्षेत्र भी मौजूद है।
2. आंतरिक ग्रहों (Terrestrial Planets) जैसे बुध, शुक्र, पृथ्वी और मंगल का घनत्व बाह्य ग्रहों (Jovian Planets) की तुलना में बहुत अधिक होता है, क्योंकि ये मुख्य रूप से भारी चट्टानों और धातुओं से बने हैं, जबकि बाह्य ग्रह मुख्य रूप से गैसीय और तरल अवस्था में हैं।
3. क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति की कक्षाओं के बीच स्थित है, और इसमें पाए जाने वाले सबसे बड़े पिंड 'सेरेस' (Ceres) को अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ द्वारा बौने ग्रह के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उल्कापिंड (Meteorites) अंतरिक्ष में घूमने वाले ऐसे छोटे चट्टानी या धात्विक टुकड़े होते हैं जो पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने पर घर्षण के कारण जल जाते हैं, और जो टुकड़े पूरी तरह जल नहीं पाते तथा पृथ्वी की सतह से टकराते हैं, उन्हें उल्कापिंड कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत में सिंचाई पद्धतियों, कृषि पद्धतियों (जैसे सूक्ष्म सिंचाई और फसल गहनता) और प्रमुख फसलों के भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में कुल सिंचित क्षेत्र के स्रोतों में नलकूपों और अन्य कुओं (Tube wells and Wells) का हिस्सा सर्वाधिक है, और राज्यवार स्थिति में उत्तर प्रदेश नलकूप सिंचाई द्वारा सबसे अधिक सिंचित क्षेत्रफल वाला राज्य है।
2. 'टपक सिंचाई' (Drip Irrigation) और 'फव्वारा सिंचाई' (Sprinkler Irrigation) जैसी सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियाँ जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) को अत्यधिक बढ़ाती हैं, और प्रधानमंत्री कृषि सिंचन योजना (PMKSY) के 'पर ड्राप मोर क्रॉप' (Per Drop More Crop) घटक के तहत इनके प्रसार पर विशेष बल दिया जाता है।
3. भारत में 'फसल गहनता' (Cropping Intensity) देश के सभी राज्यों में एकसमान है, तथा पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में उच्च फसल गहनता का प्रमुख कारण उन्नत सिंचाई सुविधाओं और नहरी तंत्र की उपलब्धता के साथ-साथ धान-गेहूं फसल चक्र का सघन अभ्यास है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार दक्षिणी और पश्चिमी भारत के प्रायद्वीपीय पठारी भागों (जैसे महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश) में धरातलीय विषमताओं और कठोर चट्टानी भू-संरचना के कारण तालाब (Tanks) और कुएँ सिंचाई के पारंपरिक एवं प्रमुख साधन रहे हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की प्रमुख झीलों, जलप्रपातों और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'सोंगवा झील' या पूर्वोत्तर की प्रसिद्ध 'लोकटक झील' पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है, जिसके दक्षिणी भाग में दुनिया का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान 'केइबु लामजाओ' स्थित है, जो संगई हिरण का प्राकृतिक आवास है।
2. 'चिल्का झील' भारत की सबसे बड़ी तटीय लैगून झील है, जो महानदी के डेल्टा के दक्षिण में स्थित है, और यह एक अत्यधिक महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि होने के कारण रामसर साइट सूची में भी शामिल है।
3. 'कुंचिकल जलप्रपात' (Kunchikal Falls) भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात है, जो वराही नदी पर कर्नाटक राज्य में स्थित है, तथा यह शिमोगा और उडुपी जिलों की सीमा के पास गहरी घाटियों का निर्माण करता है।
4. 'सरदार सरोवर परियोजना' नर्मदा नदी पर निर्मित एक विशाल बहुउद्देशीय परियोजना है, जिसका लाभ मुख्य रूप से गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान राज्यों को मिलता है, तथा इसी परियोजना के तहत 'नर्मदा मुख्य नहर' देश की सबसे बड़ी कंक्रीट-लाइन वाली नहर प्रणालियों में से एक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की मृदा प्रणालियों, उनके सूक्ष्म पोषक तत्वों, गठन तथा वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल और पीली मृदा का विकास दक्कन के पठार के पूर्वी और दक्षिणी भागों में रवेदार आग्नेय चट्टानों पर कम वर्षा वाले क्षेत्रों में होता है, और इस मृदा में पीला रंग फेरिक हाइड्रॉक्साइड की उपस्थिति के कारण होता है जबकि लाल रंग क्रिस्टलीय संरचना में लौह ऑक्साइड के प्रसार को दर्शाता है।
2. 'काली कपास मृदा' (Regur Soil) का निर्माण बेसाल्टिक लावा के विखंडन से होता है, जिसमें ह्यूमस की मात्रा बहुत अधिक और नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा जैविक पदार्थों की प्रचुरता पाई जाती है, जिसके कारण यह अत्यधिक उर्वर होती है।
3. लैटेराइट मृदा का विकास उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र 'निक्षालन' (Leaching) के परिणामस्वरूप होता है, जिसमें सिलिका का क्षालन हो जाता है तथा लौह एवं एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष बचते हैं, और यह मृदा काजू की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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