त्वरित लिंक्स
Geography
21 views
विवर्तनिक प्रक्रियाओं, भूकंपीय तरंगों और सुनामी की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'मोहरोविकिक असांतत्य' (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट और मेंटल के बीच स्थित है, जहाँ से प्राथमिक (P) और द्वितीयक (S) भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक तीव्र वृद्धि दर्ज की जाती है।
- 2. 'सुनामी' (Tsunami) शब्द जापानी भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ 'तटीय लहरें' होता है, और ये लहरें खुले महासागर में अपनी अत्यधिक लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और कम ऊँचाई के कारण जहाजों को आसानी से महसूस हो जाती हैं।
- 3. प्रशांत महासागर की 'अग्नि वलय' (Ring of Fire) पेटी अभिसारी प्लेट किनारों (Convergent Plate Boundaries) का एक प्रमुख उदाहरण है, जहाँ सबडक्शन जोन के कारण विश्व के सबसे गहरे खाइयों और शक्तिशाली भूकंपों की उत्पत्ति होती है।
- 4. 'लिक्विफ़ैक्शन' (Liquefaction) या द्रवीकरण एक ऐसी परिघटना है जिसमें भूकंपीय झटकों के कारण जल-संतृप्त शिथिल बालू और सिल्ट जैसी मिट्टी अपनी अपरूपण शक्ति (Shear Strength) खो देती है और एक तरल पदार्थ की तरह व्यवहार करने लगती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि मोहरोविकिक असांतत्य (Moho discontinuity) भूपर्पटी (Crust) और ऊपरी मेंटल के बीच की सीमा है, जहाँ घनत्व बढ़ने के कारण भूकंपीय तरंगों की गति बढ़ जाती है। कथन 2 गलत है क्योंकि खुले महासागर में सुनामी तरंगों की तरंगदैर्ध्य बहुत अधिक और ऊँचाई बहुत कम (लगभग 1 मीटर से कम) होती है, जिसके कारण गहरे समुद्र में गुजरने वाले जहाजों को इसका आभास तक नहीं होता; ये तट के पास उथले पानी में पहुँचने पर ऊंची दीवार जैसी विनाशकारी लहरों में बदल जाती हैं। कथन 3 सही है क्योंकि रिंग ऑफ फायर मुख्य रूप से अभिसारी प्लेट सीमाओं (subduction zones) से जुड़ी है। कथन 4 सही है, द्रवीकरण (Liquefaction) भूकंपीय कंपन के दौरान जल-संतृप्त मृदा में होने वाली एक खतरनाक भौतिक प्रक्रिया है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
भारत के भौगोलिक विस्तार, अक्षांशीय-देशांतीय स्थिति तथा मानक समय रेखा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर तथा देशांतीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व तक है, जिसके कारण देश के सबसे पूर्वी और पश्चिमी छोर के स्थानीय समय में लगभग दो घंटे का अंतराल पाया जाता है।
2. भारत का मानक समय (IST) 82.5° पूर्वी देशांतर पर आधारित है, जो ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से 5.5 घंटे आगे है और यह रेखा देश के कुल 6 राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना) से होकर गुजरती है।
3. कर्क रेखा (23°30' उत्तर) भारत को लगभग दो बराबर भागों में विभाजित करती है और यह देश के कुल 8 राज्यों से होकर गुजरती है, जिनमें पश्चिम से पूर्व की ओर सही क्रम: गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की स्थलीय सीमा की लंबाई लगभग 15,106.7 किमी है, जो 7 देशों के साथ लगती है, जिसमें सबसे लंबी सीमा बांग्लादेश के साथ और सबसे छोटी सीमा म्यांमार के साथ साझा होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
वायुमंडल की संरचना, विभिन्न परतों की तापीय विशेषताओं और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्षोभसीमा (Tropopause) पर तापमान की स्थिति विषुवत वृत्त के ऊपर न्यूनतम (लगभग -80°C) और ध्रुवों के ऊपर अपेक्षाकृत अधिक होती है, जिसका प्रमुख कारण विषुवत रेखा पर क्षोभमंडल की अत्यधिक ऊँचाई और वहाँ सक्रिय संवहन धाराओं का प्रभाव है।
2. समतापमंडल (Stratosphere) के निचले भाग में तापमान स्थिर रहता है, लेकिन इसके ऊपरी हिस्से में ओजोन अणुओं द्वारा पराबैंगनी किरणों के अवशोषण के कारण ऊँचाई के साथ तापमान में तीव्र वृद्धि दर्ज की जाती है।
3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts) मुख्य रूप से तापीय कारकों (Thermal factors) द्वारा निर्मित होती हैं, क्योंकि यहाँ वर्ष भर सूर्य की किरणें लंबवत पड़ने के कारण अत्यधिक गर्म हवा ऊपर उठती है और ठंडी होकर नीचे बैठती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मध्यमंडल (Mesosphere) वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है, जहाँ ऊँचाई के साथ तापमान में लगातार गिरावट आती है और इसके ऊपरी सीमा (मेसोपॉज) पर तापमान -90°C या उससे भी नीचे चला जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत के भौगोलिक विस्तार, भू-आकृतिक सीमाओं और अक्षांश-देशांतर रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर तथा देशांतरीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व के मध्य है, जिसके कारण इसके सबसे पश्चिमी (गुहारमोती, गुजरात) और सबसे पूर्वी (किबीथू, अरुणाचल प्रदेश) छोर के स्थानीय समय में लगभग दो घंटे का अंतर पाया जाता है।
2. भारत का सुदूर दक्षिणतम बिंदु (Southernmost Point) मुख्य भूमि पर कन्याकुमारी में स्थित 'केप कोमोरिन' है, जबकि संपूर्ण भारतीय संघ का सबसे सुदूर दक्षिणतम बिंदु 'इंदिरा पॉइंट' है जो निकोबार द्वीप समूह के ग्रेट निकोबार द्वीप पर 6°45' उत्तरी अक्षांश के पास स्थित है।
3. भारत की जल सीमा (Maritime Boundary) मुख्य भूमि के तट से लेकर 12 नॉटिकल मील (समुद्री मील) की दूरी तक 'प्रादेशिक जल' (Territorial Waters) के रूप में निर्धारित है, जिस पर देश को संपूर्ण संप्रभुता प्राप्त है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार कर्क रेखा (23°30' उत्तर) भारत के लगभग मध्य से गुजरती है और यह कुल 8 राज्यों से होकर निकलती है, जिसमें राजस्थान और त्रिपुरा ऐसे दो राज्य हैं जो इस रेखा के सबसे उत्तरी और सबसे दक्षिणी सिरे पर स्थित हैं।
→
भारत की जनगणना 2011 और जनसंख्या वितरण के प्रारूप के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के कुल जनसंख्या का लगभग 68.8% भाग ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करता है, और 2011 की जनगणना के अनुसार ग्रामीण जनसंख्या का उच्चतम अनुपात (Percentage) हिमाचल प्रदेश राज्य में दर्ज किया गया है।
2. देश में 'दैनिक प्रवासियों' (Commuters) को छोड़कर, कुल मुख्य श्रमिकों (Main Workers) की श्रेणी में वे व्यक्ति शामिल हैं जिन्होंने संदर्भ वर्ष के दौरान 183 दिन या उससे अधिक दिनों के लिए रोजगार प्राप्त किया हो।
3. भारत की कुल जनसंख्या में अनुसूचित जातियों (Scheduled Castes) का उच्चतम प्रतिशत पंजाब राज्य में है, जबकि कुल अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribes) जनसंख्या का सबसे बड़ा भाग मध्य प्रदेश राज्य में दर्ज किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों (शैल) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) में भार के अनुसार सबसे अधिक मात्रा ऑक्सीजन (लगभग 46.6%) की पाई जाती है, जिसके बाद सिलिकॉन (लगभग 27.7%) और एल्युमीनियम का स्थान आता है, जबकि संपूर्ण पृथ्वी के स्तर पर सर्वाधिक प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व लोहा (Iron) है।
2. 'बेसाल्ट' और 'ग्रेब्रो' दोनों ही आग्नेय चट्टानें हैं, परंतु बेसाल्ट एक बहिर्भेदी (Extrusive) आग्नेय चट्टान है जो द्रुत शीतलन के कारण सूक्ष्म कणों वाली होती है, जबकि ग्रेब्रो एक अंतर्भेदी (Intrusive) आग्नेय चट्टान है जो भूगर्भ में मंद शीतलन के कारण बड़े रवेदार (Coarse-grained) रूप में पाई जाती है।
3. कायांतरित (Metamorphic) चट्टानों का निर्माण अत्यधिक ताप, दाब या रासायनिक रूप से सक्रिय तरल पदार्थों के प्रभाव से पूर्ववर्ती आग्नेय या अवसादी चट्टानों के पुनर्गठन द्वारा होता है, जिसके अंतर्गत चूना पत्थर (Limestone) रूपांतरित होकर संगमरमर (Marble) में तथा बलुआ पत्थर (Sandstone) क्वार्ट्जाइट में परिवर्तित हो जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की क्रोड (Core) मुख्य रूप से निकल और लोहे से बनी है, जिसे 'निफे' (NIFE) परत भी कहा जाता है, और इसका बाहरी क्रोड पिघली हुई अवस्था में होने के कारण पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) के सृजन के लिए उत्तरदायी है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.