त्वरित लिंक्स
Geography
1 views
पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूपर्पटी (Crust) के रासायनिक संघटन और विभिन्न प्रकार की चट्टानों (शैल) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) में भार के अनुसार सर्वाधिक प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व 'ऑक्सीजन' है, जिसके पश्चात 'सिलिकॉन' और 'एल्यूमीनियम' का स्थान आता है, जबकि संपूर्ण पृथ्वी के क्रोड (Core) में सबसे अधिक प्रधानता 'लोहे' (Iron) और 'निकल' की होती है।
- 2. रूपांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) मूल आग्नेय और अवसादी चट्टानों के अत्यधिक ताप (Temperature), दाब (Pressure) और रासायनिक रूप से सक्रिय तरल पदार्थों के प्रभाव से अपनी मूल संरचना या खनिज संयोजन में परिवर्तन के फलस्वरूप बनती हैं, इस प्रक्रिया को कायांतरण कहा जाता है।
- 3. बेसाल्टिक मैग्मा के पृथ्वी की सतह के नीचे और ऊपर जमने से क्रमशः 'ग्रैनिटिक' जैसी अंतर्भेदी (Intrusive) और 'गेब्लो' जैसी बहिर्भेदी (Extrusive) आग्नेय चट्टानों का निर्माण होता है।
- 4. अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks) मुख्य रूप से संस्तर या परतों के रूप में पाई जाती हैं, इसलिए इन्हें 'परदार चट्टानें' (Stratified Rocks) भी कहा जाता है, और इनमें जीवाश्मों (Fossils) के पाए जाने की संभावना सर्वाधिक होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) में ऑक्सीजन (लगभग 46.6%), सिलिकॉन (27.7%) और एल्यूमीनियम (8.1%) सबसे प्रचुर तत्व हैं। संपूर्ण पृथ्वी के द्रव्यमान का अधिकांश भाग लोहे (35%) और ऑक्सीजन (30%) से बना है। कथन 2 सही है: अत्यधिक ताप, दाब और रासायनिक परिवर्तन के कारण आग्नेय और अवसादी चट्टानों के रूप बदलने की प्रक्रिया को कायांतरण (Metamorphism) कहते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि बेसाल्टिक मैग्मा के सतह के नीचे ठंडा होने से 'गेब्लो' या 'डोलराइट' (अंतर्भेदी) और सतह के ऊपर जमने से 'बेसाल्ट' (बहिर्भेदी) बनती है, जबकि ग्रेनाइट एक अम्लीय अंतर्भेदी आग्नेय चट्टान है जो बेसाल्टिक नहीं होती। कथन 4 सही है: अवसादी चट्टानें निक्षेपण के कारण परतों में बनती हैं, इसलिए इन्हें परदार चट्टानें कहा जाता है और इनमें प्राचीन जीवों के अवशेष या जीवाश्म (Fossils) सुरक्षित रहते हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
भारत की प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं, झीलों और जलप्रपातों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महानदी पर निर्मित 'हीराकुंड बाँध' (Hirakud Dam) विश्व के सबसे लंबे मुख्यधारा के मिट्टी और कंक्रीट से निर्मित बाँधों में से एक है, जिसके पीछे बनी 'महात्मा गांधी जलाशय' (Hirkud Reservoir) नामक कृत्रिम झील इस परियोजना का प्रमुख हिस्सा है।
2. चंबल घाटी परियोजना के अंतर्गत बनाए गए 'गाँधी सागर बाँध' को मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में निर्मित किया गया है, जो इस परियोजना का पहला बाँध है और इसका मुख्य उद्देश्य जलविद्युत उत्पादन तथा सिंचाई है।
3. कर्नाटक में कावेरी नदी पर स्थित 'शिवसमुद्रम जलप्रपात' भारत के शुरुआती जलविद्युत बिजलीघरों (Hydroelectric Power Stations) में से एक है, जिसकी स्थापना वर्ष 1902 में कोलार स्वर्ण क्षेत्र को बिजली आपूर्ति के लिए की गई थी।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील 'लोकटक झील' मणिपुर में स्थित है, जो अपनी अनूठी 'फुगड़ी' (Phumdis - तैरती हुई वनस्पति और मिट्टी के द्वीप) के लिए विश्वप्रसिद्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत के भौगोलिक विस्तार, स्थिति और अक्षांश-देशांतर रेखाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर के मध्य है, जबकि संपूर्ण देश का अक्षांश विस्तार (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के इंदिरा पॉइंट सहित) 6°45' उत्तर से प्रारंभ होता है।
2. देश का देशांतरीय विस्तार लगभग 30° का है, जिसके कारण अरुणाचल प्रदेश और गुजरात के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतर पाया जाता है, और यही कारण है कि 82°30' पूर्वी देशांतर रेखा को भारत की 'मानक मध्याह्न रेखा' (Standard Meridian) माना गया है, जो मिर्जापुर के पास से गुजरती है।
3. कर्क रेखा (23°30' उत्तर) भारत को लगभग दो बराबर भागों में विभाजित करती है और यह देश के कुल आठ राज्यों से होकर गुजरती है, जिसमें मिजोरम सबसे पूर्वी और गुजरात सबसे पश्चिमी छोर पर स्थित राज्य हैं जहाँ से यह रेखा गुजरती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
भारत के प्रमुख उद्योगों, औद्योगिक गलियारों (Industrial Corridors) और परिवहन तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा' (DMIC) परियोजना भारत की एक महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा पहल है, जो मुख्य रूप से समर्पित माल ढुलाई गलियारे (Dedicated Freight Corridor - DFC) के दोनों ओर लगभग 150 किलोमीटर के प्रभाव क्षेत्र में आधुनिक औद्योगिक क्षेत्रों और स्मार्ट शहरों का विकास कर रही है।
2. 'स्वर्ण चतुर्भुज' (Golden Quadrilateral) परियोजना देश के चार महानगरों—दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता—को जोड़ने वाली छह लेन वाली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना है, जिसका क्रियान्वयन और प्रबंधन 'भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण' (NHAI) द्वारा किया जाता है।
3. भारत का पहला अंतर-देशीय जलमार्ग (National Waterway-1) गंगा-भागीरथी-हुगली नदी प्रणाली पर हल्दिया से प्रयागराज के बीच स्थित है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 1,620 किलोमीटर है और यह देश का सबसे लंबा घोषित राष्ट्रीय जलमार्ग है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार स्वतंत्रता के पश्चात भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के पहले बड़े एकीकृत इस्पात संयंत्र के रूप में 'भिलाई इस्पात संयंत्र' की स्थापना छत्तीसगढ़ में तत्कालीन सोवियत संघ (USSR) के सहयोग से की गई थी, जबकि राउरकेला और दुर्गापुर संयंत्र क्रमशः ब्रिटेन और जर्मनी के सहयोग से स्थापित किए गए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत की प्रमुख झीलों, जलप्रपातों और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'लोनार झील' (Lonar Lake), जो महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में स्थित है, एक क्रेटर झील है जिसका निर्माण प्लीस्टोसिन काल में उल्कापिंड के आघात (Meteorite Impact) से हुआ था और यह बेसाल्ट चट्टानों में बनी विश्व की एकमात्र बड़ी क्रेटर झील है।
2. 'कुंचिकल जलप्रपात' (Kunchikal Falls), जो कर्नाटक के शिमोगा जिले में वराह नदी पर स्थित है, भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात (लगभग 455 मीटर) है, जबकि 'जोग (गेरसोप्पा) जलप्रपात' भारत का सबसे ऊँचा सीधा (Plunge) गिरने वाला जलप्रपात है।
3. 'दामोदर घाटी परियोजना' (Damodar Valley Corporation - DVC) स्वतंत्र भारत की पहली बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना है, जिसे अमेरिकी 'टेनेसी वैली अथॉरिटी' (TVA) की तर्ज पर डिजाइन किया गया था और इसके अंतर्गत मैथन, तिलैया और पानार तथा कोनार जैसे बड़े बांध बनाए गए हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
पृथ्वी की आंतरिक संरचना, विभिन्न असंबद्धताओं (Discontinuities) और शैल चक्र (Rock Cycle) की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कोनार्ड असंबद्धता' (Conrad Discontinuity) ऊपरी क्रस्ट (Sial) और निचली क्रस्ट (Sima) के बीच स्थित होती है, जबकि 'मोहोरविक असंबद्धता' (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट और मेंटल के बीच सीमा बनाती है।
2. 'पर्idotite' (पेरीडोटाइट) और 'एक्लोगाइट' जैसी चट्टानें मुख्य रूप से पृथ्वी के ऊपरी मेंटल का निर्माण करती हैं, और मेंटल का यह भाग अत्यधिक उच्च ताप और दाब के कारण प्लास्टिक जैसी अर्ध-ठोस अवस्था में रहता है।
3. चूना पत्थर (Limestone) के रूपांतरण से 'संगमरमर' (Marble) का निर्माण होता है, जो एक प्रकार की अ-पत्रित (Non-foliated) रूपांतरित चट्टान है, क्योंकि इसमें खनिज कणों की परतों या पट्टियों का अभाव होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी का क्रोड (Core) मुख्य रूप से निकल और लोहे (Nife) से बना है, जिसमें बाह्य क्रोड तरल अवस्था में होने के कारण प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) को अपवर्तित (Refract) कर देता है लेकिन S-तरंगों को पूरी तरह रोक लेता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.