त्वरित लिंक्स
Geography
20 views
विवर्तनिक भूकंपों की उत्पत्ति, दोष रेखाओं (Fault Lines) के प्रकार और सुनामी तरंगों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'रूपांतरित भ्रंश' (Transform Faults) वे प्लेट किनारे होते हैं जहाँ न तो नई क्रस्ट का निर्माण होता है और न ही उसका उपभोग (Destruction), बल्कि प्लेटें एक-दूसरे के समांतर क्षैतिज दिशा में फिसलती हैं, जिसका उत्कृष्ट उदाहरण सैन एंड्रियास भ्रंश है।
- 2. 'सुनामी तरंगें' खुले महासागर में अपनी अत्यधिक लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और कम ऊँचाई के कारण जहाजों के लिए अत्यंत खतरनाक होती हैं और खुले समुद्र में ही विशालकाय दीवारों का रूप ले लेती हैं।
- 3. 'एपिकेंटर' (Epicentre) पृथ्वी की सतह पर वह बिंदु होता है जो ठीक हाइपोसेंटर (Focus) के ऊपर होता है, और यहीं पर सबसे पहले भूकंपीय तरंगें (Seismic Waves) पहुँचती हैं तथा अधिकतम विनाशकारी ऊर्जा मुक्त करती हैं।
- 4. 'सबडक्शन जोन' (Subduction Zone) में होने वाले अभिसारी प्लेट संचलन के दौरान जब जलमग्न महाद्वीपीय मग्नतट या समुद्री तल अचानक ऊपर उठता है, तो जल का भारी विस्थापन होता है जिससे सुनामी जैसी विनाशकारी लहरें उत्पन्न होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि रूपांतरित भ्रंशों (Transform Faults) पर प्लेटें एक-दूसरे के क्षैतिज रूप से बगल से गुजरती हैं, जहाँ क्रस्ट का न तो निर्माण होता है और न ही विनाश। कथन 2 गलत है क्योंकि खुले महासागर (Deep Ocean) में सुनामी तरंगों की तरंगदैर्ध्य (Wavelength) बहुत लंबी और ऊँचाई (Amplitude) बहुत कम (मात्र 1 मीटर से भी कम) होती है, जिस कारण गहरे समुद्र में जहाजों को इसका आभास तक नहीं होता; ये उथले तटीय क्षेत्रों में पहुँचकर अपनी गति कम होने पर ऊँची दीवारों में बदल जाती हैं। कथन 3 सही है क्योंकि अधिकेंद्र (Epicentre) भूकंपीय फोकस (Hypocentre) के ठीक ऊपर सतह पर स्थित वह बिंदु है जहाँ सबसे पहले और सबसे तीव्र भूकंपीय तरंगें महसूस की जाती हैं। कथन 4 सही है क्योंकि अभिसारी प्लेट सीमाओं पर सबडक्शन जोन में अचानक हुए ऊर्ध्वाधर विस्थापन से महासागरीय जल का भारी मात्रा में विस्थापन होता है, जिससे विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सुनामी तरंगों का निर्माण होता है। अतः सही विकल्प (c) है।
Related Questions
→
महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलडमरूमध्य (Straits) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का डूबा हुआ सीमांत भाग होता है, जिसकी औसत गहराई लगभग 200 मीटर तक होती है, और यह क्षेत्र सूर्य के प्रकाश की उपलब्धता के कारण प्लवक (Plankton) के विकास के लिए अनुकूल होने के कारण विश्व के सबसे बड़े मत्स्य क्षेत्रों का निर्माण करता है।
2. 'दीर्घ ज्वार' (Spring Tide) के दौरान सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में (Syzygy की स्थिति में) होते हैं, जिससे सूर्य और चंद्रमा के संयुक्त गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव से सामान्य से ऊँचे ज्वार उत्पन्न होते हैं, और यह स्थिति अमावस्या तथा पूर्णिमा दोनों दिनों में होती है।
3. 'मलक्का जलडमरूमध्य' (Strait of Malacca) सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) को मलय प्रायद्वीप (मलेशिया) से अलग करता है तथा प्रशांत महासागर (दक्षिण चीन सागर) को हिंद महासागर (अंडमान सागर) से जोड़ता है, जो विश्व के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी पर ज्वार-भाटा की उत्पत्ति में सूर्य की तुलना में चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल लगभग दोगुना अधिक प्रभावी होता है, क्योंकि चंद्रमा पृथ्वी के अत्यधिक निकट स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
महासागरीय जलधाराओं और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कुरोशियो जलधारा' (Kuroshio Current) उत्तर प्रशांत महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो फिलीपींस के तट से उत्तर की ओर बहते हुए जापान के पूर्वी तट के सहारे प्रवाहित होती है और इसे 'जापान की काली धारा' भी कहा जाता है।
2. 'बेंग्युला जलधारा' (Benguela Current) दक्षिण अटलांटिक महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो अफ्रीकी महाद्वीप के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर बहती है और इसके प्रभाव से कालाहारी मरुस्थल के तटीय भागों में अति-शुष्क परिस्थितियों का निर्माण होता है।
3. 'लैब्राडोर जलधारा' (Labrador Current) आर्कटिक महासागर से दक्षिण की ओर बहने वाली एक गर्म जलधारा है, जो न्यूफाउंडलैंड के तट के पास गल्फ स्ट्रीम से मिलकर दुनिया के सबसे बड़े मरुस्थलीय क्षेत्रों का निर्माण करती है।
4. 'अलास्का जलधारा' (Alaska Current) उत्तरी प्रशांत महासागर के उच्च अक्षांशों पर प्रवाहित होने वाली एक ठंडी जलधारा है, जो अलास्का की खाड़ी में तापमान को अत्यधिक गिरा देती है और बंदरगाहों को जमा देती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में पाए जाने वाले कुल कोयले का अधिकांश हिस्सा टर्शियरी (Tertiary) युग का है, जो मुख्य रूप से असम, अरुणाचल प्रदेश और राजस्थान में पाया जाता है और इसमें सल्फर की मात्रा बहुत कम होती है।
2. गोडवाना क्रम का कोयला मुख्य रूप से दाम्बा घाटी, सोन-महानादी घाटी और गोदावरी घाटी में केंद्रित है, और यह देश के कुल कोयला उत्पादन और भंडार का लगभग 98% हिस्सा प्रदान करता है।
3. भारत में 'मुंबई हाई' (Mumbai High) अपतटीय क्षेत्र देश का सबसे बड़ा पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र है, जहाँ खनिज तेल का उत्पादन मुख्य रूप से मियोसीन युग की चूना पत्थर (Miocene Limestone) संरचनाओं से प्राप्त होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार यूरेनियम के प्रमुख भंडार झारखंड में जादुगोड़ा के अलावा आंध्र प्रदेश में तुमलपल्ले क्षेत्र में भी पाए जाते हैं, जिसे दुनिया के सबसे बड़े यूरेनियम भंडारों में से एक माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
विश्व की सबसे बड़ी नदी द्वीप (River Island) कौन सी है, जो भारत में स्थित है?
→
भारत की जलवायु को किस प्रकार की जलवायु के रूप में वर्गीकृत किया जाता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.