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Geography
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भारत में सिंचाई तकनीकों, कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) और प्रमुख फसलों के भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियाँ (टपक और फव्वारा सिंचाई), जो जल उपयोग दक्षता को अधिकतम करने के लिए जानी जाती हैं, के तहत कुल सूक्ष्म सिंचित क्षेत्र में क्षेत्रफल के आधार पर शीर्ष स्थान महाराष्ट्र और कर्नाटक राज्यों का है।
- 2. भारत की प्रमुख व्यावसायिक फसल 'गन्ना' (Sugarcane) के लिए उष्ण और आद्र जलवायु की आवश्यकता होती है, और उत्तर भारत की तुलना में प्रायद्वीपीय भारत में गन्ने की प्रति हेक्टेयर उपज अधिक तथा पेराई सत्र लंबा होता है, क्योंकि वहाँ पाला (Frost) नहीं पड़ता और समुद्र समकारी प्रभाव डालता है।
- 3. 'ड्रायलैंड फार्मिंग' (Dryland Farming) या शुष्क भूमि कृषि मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में की जाती है जहाँ वार्षिक वर्षा 75 सेमी से कम होती है, और इस पद्धति के अंतर्गत मुख्य रूप से बाजरा, ज्वार, दलहन और तिलहन जैसी सूखा-सहस्र (Drought-resistant) फसलें उगाई जाती हैं।
- 4. पंजाब और हरियाणा जैसे उत्तर-पश्चिमी राज्यों में गहन नलकूप सिंचाई के अत्यधिक उपयोग के कारण भूजल स्तर में भारी गिरावट आई है, जिसके परिणामस्वरूप भूमिगत जल के लवणों में फ्लोराइड और आर्सेनिक की मात्रा में निरंतर कमी दर्ज की जा रही है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: भारत में सूक्ष्म सिंचाई (Micro-irrigation) के अंतर्गत राज्यों में राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक अग्रणी हैं, जहाँ जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। कथन 2 सही है: प्रायद्वीपीय भारत में गन्ने की उत्पादकता और शर्करा की मात्रा (Sucrose content) उत्तर भारत की अपेक्षा अधिक होती है क्योंकि वहाँ पाले का प्रकोप नहीं होता और उष्णकटिबंधीय जलवायु मिलती है। कथन 3 सही है: शुष्क भूमि कृषि या ड्रायलैंड फार्मिंग कम वर्षा वाले क्षेत्रों में बिना सिंचाई के की जाती है, जहाँ बाजरा और ज्वार जैसी फसलें प्रमुख हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि अत्यधिक नलकूप सिंचाई और भूजल के अति-दोहन के कारण भूजल में फ्लोराइड, आर्सेनिक और लवणों की सांद्रता (Contamination) घटती नहीं बल्कि गंभीर रूप से बढ़ जाती है।
Related Questions
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूपर्पटी (Crust) के संघटन और चट्टानों के रूपांतरण (Metamorphism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कॉनराड असंतुलन (Conrad Discontinuity) ऊपरी सियाल (Sial) और निचली सीमा (Sima) के बीच स्थित है, जबकि गुटेनबर्ग असंतुलन (Gutenberg Discontinuity) मेंटल और आउटर कोर के मध्य स्थित है जहाँ S-तरंगों का संचरण पूर्णतः रुक जाता है।
2. आग्नेय चट्टानों (Igneous Rocks) में पेरिडोटाइट और गैब्रो आंतरिक (Intrusive) आग्नेय चट्टानों के प्रमुख उदाहरण हैं, जिनका निर्माण मैग्मा के धरातल के नीचे धीरे-धीरे ठंडा होने से बड़े रवेदार (Crystalline) स्वरूप में होता है।
3. संपर्क या स्पर्श कायांतरण (Contact Metamorphism) के दौरान अत्यधिक विवर्तनिक दबाव के कारण क्षेत्रीय स्तर पर बलुआ पत्थर (Sandstone) का रूपांतरण क्वार्ट्जाइट में तथा शेल (Shale) का रूपांतरण स्लेट में होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी के क्रोड (Core) में निकल और लोहे की अधिकता होने के कारण इसे 'निफे' (Nife) परत कहा जाता है, जो उच्च घनत्व के कारण पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) के सृजन में मुख्य भूमिका निभाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायुमंडल की संरचना, विभिन्न परतों और वायुदाब पेटियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समताप मंडल (Stratosphere) की निचली सीमा में ओजोन गैस की बहुलता पाई जाती है, जो पराबैंगनी किरणों को अवशोषित कर इस परत के तापमान में ऊंचाई के साथ वृद्धि करती है, और यहीं जेट विमानों की उड़ान के लिए आदर्श दशाएं मिलती हैं।
2. क्षोभमंडल (Troposphere) में ऊंचाई के साथ तापमान में होने वाली गिरावट की सामान्य दर (Normal Lapse Rate) लगभग 6.5 डिग्री सेल्सियस प्रति 1,000 मीटर होती है, जिसका मुख्य कारण पृथ्वी के धरातल से निकलने वाली पार्थिव विकिरण (Terrestrial Radiation) द्वारा इस परत का गर्म होना है।
3. भूमध्यरेखीय निम्न वायुदाब पेटी (Equatorial Low Pressure Belt), जिसे 'डोलड्रम' भी कहा जाता है, मुख्य रूप से थर्मल कारणों (ऊष्मीय कारकों) से उत्पन्न होती है, जहाँ वर्ष भर उच्च तापमान के कारण हवाएं गर्म होकर ऊपर उठती हैं।
4. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High Pressure Belts) गतिकीय रूप से प्रेरित (Dynamically Induced) होती हैं, जो पृथ्वी के घूर्णन के कारण विषुवत वृत्त से ऊपर उठी हवाओं के 30°-35° अक्षांशों के पास नीचे बैठने (Subsidence) से निर्मित होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारतीय मानसून की उत्पत्ति, उसकी क्रियाविधि और वर्षा के स्थानिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल में तिब्बत के पठार का अत्यधिक गर्म होना एक विशाल तापीय निम्न वायुदाब (Thermal Low Pressure) क्षेत्र का निर्माण करता है, जो दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाओं को विषुवत रेखा पार करने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून के रूप में आकर्षित करता है।
2. 'भारतीय हिंद महासागर द्विध्रुव' (Indian Ocean Dipole - IOD) का 'धनात्मक चरण' (Positive IOD) पश्चिमी हिंद महासागर (सोमवार तट के पास) को गर्म और पूर्वी हिंद महासागर (इंडोनेशिया के पास) को ठंडा करता है, जिससे भारत में मानसूनी वर्षा में अनुकूल वृद्धि होती है।
3. 'मैडियन-जूलियन दोलन' (Madden-Julian Oscillation - MJO) एक पूर्व की ओर बढ़ने वाली वायुमंडलीयीय तरंग प्रणाली है, जिसका सक्रिय चरण (Active Phase) भारतीय महासागर के ऊपर आने पर मानसूनी वर्षा की गतिविधियों को कमजोर कर देता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मानसून का 'प्रस्फोट' (Monsoon Burst) मुख्य रूप से केरल तट पर जून के प्रथम सप्ताह में होता है, जो प्रायद्वीपीय भारत की स्थलाकृति और उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम (Tropical Easterly Jet Stream) की सक्रियता से गहराई से जुड़ा हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विश्व की प्रमुख नदियाँ और उनके किनारे स्थित ऐतिहासिक एवं प्रमुख नगरों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. रोटरीडम (Rotterdam) - राइन नदी के मुहाने पर स्थित यूरोप का सबसे व्यस्त बंदरगाह है।
2. रोम (Rome) - टाइबर नदी के किनारे बसा शहर है, जो इटली की राजधानी है।
3. बुडापेस्ट (Budapest) - डेन्यूब नदी के तट पर स्थित है, जो ऑस्ट्रिया की राजधानी है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनके प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय जलधाराओं की दिशा उत्तरी गोलार्द्ध में कोरियोलिस बल के प्रभाव से घड़ी की सुई की दिशा (Clockwise) में और दक्षिणी गोलार्द्ध में घड़ी की सुई की विपरीत दिशा (Anti-clockwise) में होती है, जो मुख्य रूप से प्रचलित पवनों और पृथ्वी के घूर्णन द्वारा नियंत्रित होती है।
2. उत्तरी अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली 'कनारी जलधारा' (Canary Current) एक गर्म जलधारा है जो अफ्रीका के उत्तर-पश्चिमी तट के साथ बहते हुए सहारा मरुस्थल के निर्माण में अपनी शुष्क विशेषताओं के कारण महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
3. दक्षिणी गोलार्द्ध में प्रशांत महासागर के पश्चिमी तट पर प्रवाहित होने वाली 'पेरू या हंबोल्ट जलधारा' (Peru Current) एक ठंडी जलधारा है, जिसके प्रवाह क्षेत्र में प्लवक (Plankton) की प्रचुरता के कारण दुनिया के सबसे बड़े मछली पकड़ने के मैदानों में से एक का विकास होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सुशीमा जलधारा (Tsushima Current) प्रशांत महासागर में क्यूरोशियो जलधारा की एक शाखा है जो जापान सागर की ओर उत्तर की ओर प्रवाहित होती है और एक गर्म जलधारा के रूप में जानी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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