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लुईस अम्ल (Lewis Acid) किसे कहते हैं?

Detailed Explanation

लुईस अवधारणा के अनुसार अम्ल इलेक्ट्रॉन का जोड़ा ग्रहण करते हैं।
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→ सौर सेल सामग्री? → भौतिक राशियों और उनके मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पारसेक (Parsec) खगोलीय पिंडों की दूरी मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो कि लगभग $3.26$ प्रकाश वर्ष के बराबर होती है और यह एक चाप सेकंड (1 arcsec) का लंबन कोण बनाने वाले वृत्त की त्रिज्या को दर्शाती है। 2. 'ठोस कोण' (Solid Angle) एक व्युत्पन्न भौतिक राशि है, जिसका एसआई मात्रक 'स्टेरेडियन' (Steradian) है और यह एक विमाहीन (Dimensionless) राशि है क्योंकि यह दो समान प्रकार की विमाओं वाले क्षेत्रफलों का अनुपात होती है। 3. माइक्रोन ($1 \mu m$) और फर्मी ($1 fm$) दोनों लंबाई की छोटी इकाइयाँ हैं, जहाँ एक फर्मी का मान $10^{-15}$ मीटर होता है और इसका उपयोग मुख्य रूप से नाभिकीय दूरियों या परमाणु के आकार को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। 4. किसी भौतिक राशि का विमीय सूत्र (Dimensional Formula) इस बात को स्पष्ट करता है कि उस राशि में मूल भौतिक राशियों (जैसे द्रव्यमान, लंबाई, समय) की कितनी घातें सम्मिलित हैं, और यह पद्धति मात्रक की प्रणाली बदलने पर भी परिवर्तित हो जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? → निकट दृष्टि? → रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण (Acids, Bases and Salts) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लुईस अम्ल (Lewis acid) वे रासायनिक स्पीशीज होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म (Electron pair) को ग्रहण कर सकती हैं, जबकि लुईस क्षार (Lewis base) इलेक्ट्रॉन युग्म दान करने वाले दाता होते हैं। 2. 'बफर विलयन' (Buffer solution) वे जलीय विलयन होते हैं जो बाहर से थोड़ी मात्रा में अम्ल या क्षार मिलाए जाने पर अपने pH मान में होने वाले परिवर्तन का प्रबल विरोध करते हैं, और अम्लीय बफर का एक उत्कृष्ट उदाहरण एसिटिक अम्ल तथा सोडियम एसिटेट का मिश्रण है। 3. आयनिक यौगिकों में धनायन और ऋणायन के बीच मजबूत स्थिरवैद्युत आकर्षण बल (Electrostatic force) कार्य करता है, जिसके कारण ठोस अवस्था में ये विद्युत के सुचालक होते हैं जबकि गलित अवस्था या जलीय विलयन में विद्युत चालन करने में असमर्थ हो जाते हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → मानव शरीर में वृहद पोषक तत्वों और विटामिनों के जैव रासायनिक तथा चयापचय (Metabolism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'ग््लुकोनियोजेनेसिस' (Gluconeogenesis) वह चयापचय मार्ग है जिसके द्वारा गैर-कार्बोहाइड्रेट पूर्ववर्ती जैसे लैक्टेट, ग्लिसरोल और ग्लूकोजेनिक अमीनो अम्ल से ग्लूकोज का संश्लेषण मुख्य रूप से यकृत और वृक्क में होता है, जो उपवास या भुखमरी की स्थिति में रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। 2. 'विटामिन D' (कैल्सीफेरॉल) का सक्रिय रूप '1,25-डाइहाइड्रॉक्सीकोलेकैल्सीफेरॉल' वास्तव में एक स्टेरॉयड हॉर्मोन की तरह कार्य करता है, जो आंतों से कैल्शियम और फॉस्फेट के अवशोषण को विनियमित करता है, और इसकी कमी से बच्चों में 'रिकेट्स' तथा वयस्कों में 'ऑस्टियोमैलेशिया' नामक रोग हो जाता है। 3. 'विटामिन B1' (थियामिन) का सक्रिय रूप 'थियामिन पाइरोफॉस्फेट' (TPP) कार्बोहाइड्रेट चयापचय के दौरान पाइरुवेट के एसिटाइल-कोए में ऑक्सीडेटिव डीकार्बोक्सिलेशन के लिए एक आवश्यक सह-एंजाइम है, और इसकी भारी कमी से 'बेरी-बेरी' नामक विकार उत्पन्न होता है। 4. 'विटामिन B12' (सायनोकोबलामिन) का अवशोषण छोटी आंत के शुरुआती हिस्से में स्वतंत्र रूप से हो जाता है, जिसके लिए पेट की parietal कोशिकाओं द्वारा स्रावित 'आंतरिक कारक' (Intrinsic factor) की कोई आवश्यकता नहीं होती है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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