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Geography
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पृथ्वी के प्रमुख उच्चावच स्वरूपों यथा पर्वत, पठार, मैदान और मरुस्थल की उत्पत्ति, भू-विवर्तनिक संरचना और उनकी भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'रॉकी पर्वतमाला' (Rocky Mountains) उत्तर अमेरिकी महाद्वीप की एक प्रमुख वलित पर्वतमाला है, जिसका निर्माण प्रशांत और उत्तरी अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेटों के अभिसरण के फलस्वरूप सेनोजोइक महाकल्प के दौरान हुआ था, और यह पर्वतमाला अलास्का से लेकर मैक्सिको तक उत्तर-दक्षिण दिशा में विस्तृत है।
- 2. 'तिब्बत का पठार' (Tibetan Plateau) विश्व का सबसे ऊँचा और सबसे बड़ा अंतःपर्वतीय (Intermontane) पठार है, जिसका निर्माण भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट की टक्कर से संपीड़न बलों के कारण हुआ है, और इसे 'विश्व की छत' भी कहा जाता है।
- 3. 'ग्रेट ऑस्ट्रेलियन बेसिन' (Great Artesian Basin) ऑस्ट्रेलिया का प्रमुख अंतर्देशीय मैदान और बेसिन है, जो शुष्क होने के बावजूद अपने विशाल भूजल भंडारों और स्वयंसिद्ध आर्टेशियन कुओं (Artesian Wells) के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
- 4. 'सहारा मरुस्थल' में स्थित 'हॉगगार' (Ahaggar) और 'तिबेस्टी' (Tibesti) पर्वत श्रेणियाँ अवशिष्ट पर्वतों (Residual Mountains) के उदाहरण नहीं हैं, बल्कि इनका निर्माण हाल के चतुष्कोणीय (Quaternary) काल में तीव्र ज्वालामुखी उदगार और गुंबदाकार उत्थान (Domical Uplift) के कारण हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि रॉकी पर्वतमाला उत्तर अमेरिका की एक नवीन वलित पर्वतमाला है जो टेक्टोनिक अभिसरण का परिणाम है। कथन 2 सही है क्योंकि तिब्बत का पठार एक अंतःपर्वतीय पठार है जो यूरेशियन और भारतीय प्लेट के अभिसरण से बना है। कथन 3 सही है क्योंकि ग्रेट ऑस्ट्रेलियन बेसिन दुनिया के सबसे बड़े आर्टेशियन बेसिनों में से एक है जहाँ भूमिगत जल प्रचुर मात्रा में मिलता है। कथन 4 गलत है क्योंकि हॉगर और तिबेस्टी पर्वत सहरा मरुस्थल के मध्य स्थित उच्च भूमियाँ हैं जो मुख्य रूप से ज्वालामुखी मूल (Volcanic origin) और अवशिष्ट संरचनाओं से संबंधित हैं, न कि केवल साधारण गुंबदाकार हालिया उत्थान से। पठारों और पर्वतों की विस्तृत जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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भारत के अपवाह तंत्र के अंतर्गत सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी प्रणालियों तथा उनकी विशिष्ट विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'सिंधु नदी' (Indus River) का उद्गम तिब्बत में मानसरोवर झील के निकट बोखार चू हिमनद से होता है, और यह भारत में केवल लद्दाख और जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेशों से प्रवाहित होते हुए पाकिस्तान में प्रवेश करती है, तथा इसकी सबसे बड़ी सहायक नदी 'चिनाव' है।
2. 'ब्रह्मपुत्र नदी' को तिब्बत में 'यांग्त्से' (Yangtze) कहा जाता है, जहाँ से यह पूर्व की ओर बहती है और अरुणाचल प्रदेश में 'दिहांग' या 'सियांग' के रूप में भारत में प्रवेश करती है, जहाँ इसमें लोहित और सुबनसिरी जैसी नदियाँ मिलती हैं।
3. 'गंगा नदी' प्रणाली का निर्माण अलकनंदा और भागीरथी नदियों के देवप्रयाग में संगम के बाद होता है, और यह नदी पश्चिम बंगाल में फरक्का के पास दो शाखाओं (भागीरथी-हुगली और पद्मा) में विभाजित हो जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार ब्रह्मपुत्र नदी जब बांग्लादेश में प्रवेश करती है, तो इसे 'जमुना' कहा जाता है, और जब यह पद्मा (गंगा) नदी के साथ मिलकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है, तो विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा 'सुंदरबन डेल्टा' बनाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायुमंडल के संगठन, विभिन्न परतों और वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायुमंडल की निचली परत 'क्षोभमंडल' में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में सामान्य ह्रास दर के अनुसार गिरावट आती है, जबकि इसके ठीक ऊपर स्थित 'समताप मंडल' में ओजोन गैस द्वारा पराबैंगनी किरणों के अवशोषण के कारण ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में वृद्धि होने लगती है।
2. भूमध्यरेखीय निम्न वायुदाब पेटी (Doldrums) का निर्माण पूर्ण रूप से 'गतिकीय रूप से प्रेरित' (Dynamically Induced) होती है, जहाँ अत्यधिक सूर्यताप के कारण गर्म हवाएँ हल्की होकर ऊपर उठती हैं और धरातल पर निम्न दाब का सृजन करती हैं।
3. 'उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियों' (Subtropical High-Pressure Belts) का निर्माण गतिकीय कारकों द्वारा होता है, जहाँ भूमध्य रेखा और ध्रुवीय क्षेत्रों से उठने वाली हवाएँ ठंडी होकर 30° से 35° अक्षांशों के बीच नीचे बैठती हैं (Subsidence)।
4. मध्यमंडल (Mesosphere) वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है, जिसमें ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान पुनः गिरने लगता है और इसकी ऊपरी सीमा (मध्यसीमा) पर तापमान लगभग -100°C तक पहुँच जाता है, जिसके बारे में विकिपीडिया संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनकी उत्पत्ति को प्रभावित करने वाले कारकों तथा प्रमुख धाराओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय जलधाराएँ महासागरों में जल का एक निश्चित दिशा में 3-D निरंतर प्रवाह है, जो मुख्य रूप से पृथ्वी के घूर्णन (कोरिओलिस बल), प्रचलित हवाओं (प्रवाहित पवनें), तापमान और लवणता में भिन्नता के कारण उत्पन्न होता है।
2. 'गल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream) एक ठंडी जलधारा है जो मैक्सिको की खाड़ी से उत्तर की ओर बहती हुई पश्चिमी यूरोप के तटों पर पहुँचकर वहाँ के तापमान को अत्यधिक सर्द और हिमाच्छादित बना देती है।
3. 'लैब्राडोर जलधारा' (Labrador Current) एक ठंडी जलधारा है जो आर्कटिक महासागर से दक्षिण की ओर बहती हुई न्यूफाउंडलैंड के पास गर्म गल्फ स्ट्रीम से मिलती है, जिससे वहाँ दुनिया के सबसे समृद्ध मत्स्यन क्षेत्रों (Fishing Grounds) में से एक का विकास होता है।
4. 'पेरूवियन या हम्बोल्ट जलधारा' (Humboldt Current) प्रशांत महासागर की एक गर्म जलधारा है, जिसके तापमान में वृद्धि होने से 'एल निनो' (El Niño) घटना का निर्माण होता है और भारतीय मानसून कमजोर पड़ जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा की गतिकी और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का डूबा हुआ सीमांत भाग होता है, जिसकी औसत गहराई 200 मीटर तक होती है और यह क्षेत्र विश्व के सबसे समृद्ध मतस्य क्षेत्रों तथा पेट्रोलियम भंडारों के रूप में जाने जाते हैं।
2. 'अपजीय ज्वार' (Apogean Tide) कीोत्पत्ति तब होती है जब चंद्रमा पृथ्वी से अपनी अधिकतम दूरी (अपभू / Apogee) पर होता है, जिसके परिणामस्वरूप सामान्य ज्वार की तुलना में लगभग 20% नीचा ज्वार उत्पन्न होता है।
3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) हिंद महासागर को प्रशांत महासागर (दक्षिण चीन सागर) से जोड़ती है तथा यह सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) और मलय प्रायद्वीप के बीच स्थित है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार वृहत ज्वार (Spring Tide) प्रत्येक माह की पूर्णिमा और अमावस्या को आते हैं, क्योंकि इस स्थिति में सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा (सिजिगी) में होते हैं और उनके गुरुत्वाकर्षण बल संयुक्त रूप से कार्य करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी के प्रमुख भू-आकृतिक स्वरूपों—पर्वतों, पठारों, मैदानों और मरुस्थलों की उत्पत्ति एवं विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कॉलोराडो का पठार' (Colorado Plateau) एक अंतर-पर्वतीय (Intermontane) पठार का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसका निर्माण अंतर्जात बलों के कारण धरातल के ऊपर उठने और बाद में कोलोराडो नदी द्वारा गहरी महाखड्डों (Canyons) के निर्माण के परिणामस्वरूप हुआ है।
2. 'ग्रेट बेसिन मरुस्थल' (Great Basin Desert) संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित एक शीत (शीतोष्ण) मरुस्थल है, जो मुख्य रूप से सिएरा नेवादा पर्वत श्रृंखला के वृष्टिछाया क्षेत्र (Rain-shadow Area) में स्थित होने के कारण अर्ध-शुष्क और शुष्क दशाओं का प्रदर्शन करता है।
3. 'हंगरी का मैदान' (Pannonian Plain/Hungarian Plain) एक प्रकार का संचयन मैदान (Depositional Plain) है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से डेन्यूब और टिस्सा नदियों द्वारा बहाकर लाई गई उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी के निक्षेपण से हुआ है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'अंतःपर्वतीय पठार' (Intermontane Plateaus) वे उच्च भूमि क्षेत्र होते हैं जो चारों तरफ से ऊँचे वलित पर्वतों से घिरे होते हैं, और तिब्बत तथा बोलिविया के पठार इसके विश्वप्रसिद्ध उदाहरण हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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