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General Science
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प्लांक नियतांक का SI मात्रक क्या है?

Detailed Explanation

इसका मान 6.626 x 10^-34 J s होता है।
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Related Questions

→ प्रकाशिकी (Optics) के सिद्धांतों और लेंस-दर्पण के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब कोई प्रकाश किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और उसका आपतन कोण माध्यमों के युग्म के लिए क्रांतिक कोण (Critical angle) से अधिक हो जाता है, तो किरण का अपवर्तन होने के बजाय वह उसी माध्यम में पूर्ण रूप से परावर्तित हो जाती है, जिसे पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) कहते हैं। 2. एक उत्तल लेंस (Convex lens) को जब ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की फोकस दूरी बढ़ जाती है और उसकी प्रकृति अभिसारी से बदलकर अपसारी (Diverging) हो जाती है। 3. गोलीय दर्पणों के लिए, यदि वस्तु की स्थिति और फोकस दूरी ज्ञात हो, तो दर्पण सूत्र $\frac{1}{f} = \frac{1}{v} + \frac{1}{u}$ में 'u' (वस्तु दूरी) और 'v' (प्रतिबिंब दूरी) दोनों के मानों को हमेशा पारंपरिक चिह्न परिपाटी के अनुसार ऋणात्मक (-) ही लिया जाता है, चाहे दर्पण अवतल हो या उत्तल। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक तथा भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सोडियम और पोटैशियम जैसी अत्यधिक प्रतिक्रियाशील क्षार धातुएँ इतनी नरम होती हैं कि इन्हें चाकू से आसानी से काटा जा सकता है, और ये ऑक्सीजन के साथ तीव्र अभिक्रिया करके क्षारीय ऑक्साइड बनाती हैं जो जल में घुलकर क्षार प्रदान करते हैं। 2. पारा (Mercury) कमरे के तापमान पर एकमात्र ऐसी तरल धातु है जो काँच को गीला नहीं करती है और इसका उच्च घनत्व तथा कम वाष्प दाब इसे थर्मामीटर के लिए आदर्श बनाता है। 3. कार्बन का अपरूप 'हीरा' (Diamond) विद्युत का कुचालक होता है क्योंकि इसका प्रत्येक कार्बन परमाणु अन्य चार कार्बन परमाणुओं से सहसंयोजक बंध द्वारा चतुष्फलकीय रूप से जुड़ा होता है, जिससे कोई भी मुक्त इलेक्ट्रॉन उपलब्ध नहीं होता है। 4. 'एक्वा रेजिया' (Aqua Regia) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल का $3:1$ के अनुपात में मिश्रण है, जो स्वर्ण और प्लैटिनम जैसी उत्कृष्ट (Noble) धातुओं को भी घोलने की क्षमता रखता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रक्त समूह 'O' को सार्वभौमिक दाता (Universal Donor) माना जाता है क्योंकि इसकी लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की सतह पर एंटीजन A और एंटीजन B दोनों अनुपस्थित होते हैं, जिससे यह किसी भी अन्य रक्त समूह के व्यक्ति को दिया जा सकता है बिना आधान प्रतिक्रिया (Transfusion reaction) के। 2. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फेटलिस (Erythroblastosis fetalis) एक ऐसी स्थिति है जो तब उत्पन्न हो सकती है जब एक Rh-धनात्मक (Rh+) पिता और Rh-ऋणात्मक (Rh-) माता से उत्पन्न होने वाला पहला बच्चा Rh+ हो, जिससे माता के शरीर में Rh एंटीबॉडी विकसित हो जाते हैं और यह स्थिति पहले बच्चे के जन्म के समय घातक सिद्ध होती है। 3. रुधिर प्लाज्मा में उपस्थित प्राकृतिक एंटीबॉडी (एग्लुटीनिन) 'anti-A' और 'anti-B' प्रकृति में मुख्य रूप से IgM प्रकार के इम्युनोग्लोबुलिन होते हैं, जो आकार में बड़े होने के कारण प्लेसेंटा को पार नहीं कर पाते हैं। 4. रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया (Blood Coagulation) के दौरान, प्रोथ्रोम्बिन को थ्रोम्बिन में बदलने के लिए 'थ्रोम्बोप्लास्टिन' एंजाइम परिसर और कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) की अनिवार्य आवश्यकता होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हाइपोथैलेमस-पिट्यूटरी अक्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हाइपोथैलेमस से स्रावित होने वाले 'रिलीजिंग हार्मोन्स' और 'इन्हिबिटरी हार्मोन्स' पोर्टल शिरा तंत्र के माध्यम से अग्र पीयूष ग्रंथि (Adenohypophysis) तक पहुँचकर उसके हार्मोन स्राव को नियंत्रित करते हैं। 2. ऑक्सीटोसिन और वैसोप्रेसिन (ADH) हाइपोथैलेमस की तंत्रिका स्रावी कोशिकाओं (Neurosecretory cells) द्वारा संश्लेषित होते हैं और पश्च पीयूष ग्रंथि (Neurohypophysis) में संग्रहित होकर वहीं से रक्त में स्रावित होते हैं। 3. अधिवृक्क वल्कल (Adrenal cortex) का नियंत्रण मुख्य रूप से अग्र पीयूष ग्रंथि द्वारा स्रावित 'एड्रिनोकोर्टिकोट्रोफिक हार्मोन' (ACTH) के माध्यम से होता है, जो ग्लूकोकॉर्टिकोइड्स के उत्पादन को प्रेरित करता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → विलयन और उत्प्रेरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन (Relative lowering of vapour pressure) एक अणुसंख्यक गुणधर्म है, जो विलायक में घुले हुए अवाष्पशील विलेय के मोल प्रभाज के पूर्णतः बराबर होता है तथा यह विलेय की रासायनिक प्रकृति पर निर्भर नहीं करता है। 2. समांग उत्प्रेरण (Homogeneous catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारक दोनों एक ही भौतिक अवस्था (जैसे सभी गैस या सभी द्रव) में होते हैं, और इस प्रक्रिया की क्रियाविधि को 'मध्यवर्ती यौगिक निर्माण सिद्धांत' (Intermediate compound formation theory) द्वारा समझाया जाता है। 3. जिग्लर-नट्टा उत्प्रेरक ($TiCl_4 + Al(C_2H_5)_3$) एक विषमांग उत्प्रेरक का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसका उपयोग उच्च घनत्व वाले पॉलीइथिलीन (HDPE) के औद्योगिक उत्पादन में किया जाता है। 4. एंजाइम उत्प्रेरण (Enzyme catalysis) अपनी अत्यधिक विशिष्ट प्रकृति के लिए जाने जाते हैं, और 'ताला-कुंजी' (Lock and Key) मॉडल के अनुसार एंजाइम रासायनिक अभिक्रिया के साम्यावस्था स्थिरांक ($K_{eq}$) को परिवर्तित कर पश्च अभिक्रिया की दर को अत्यधिक तीव्र कर देते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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