त्वरित लिंक्स
Geography
1 views
भारत की जलवायु और मानसून की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ग्रीष्मकाल में तिब्बत के पठार का अत्यधिक गर्म होना निम्न वायुदाब क्षेत्र का निर्माण करता है, जो दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाओं को भूमध्य रेखा पार करने के बाद फेरल के नियम के कारण दक्षिण-पश्चिमी मानसून हवाओं के रूप में भारत की ओर आकर्षित करता है।
- 2. 'अल-निनो' (El Nino) घटना के दौरान प्रशांत महासागर के पूर्वी तट (पेरू के तट) पर जल का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप पर मानसून की वर्षा में वृद्धि होती है और अत्यधिक बाढ़ की स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं।
- 3. 'मैथ्यू मैडेलन इफेक्ट' या 'मैडेन-जुलियन दोलन' (MJO - Madden-Julian Oscillation) एक पूर्व की ओर बढ़ने वाली बादलों और वर्षा की महासागरीय-वायुमंडलीय प्रणाली है, जो हिंद महासागर के ऊपर भारतीय मानसून के सक्रिय और कमजोर चरणों (Active and Break phases) को प्रभावित करती है।
- 4. उत्तर भारत के मैदानी भागों में शीतकाल के दौरान होने वाली 'मावठ' (Western Disturbances) भूमध्य सागर क्षेत्र से उठने वाले शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों के कारण होती है, जो रबी की फसलों (विशेषकर गेहूँ) के लिए अत्यंत लाभदायक होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि ग्रीष्मकाल में तिब्बत का पठार तीव्र ताप के कारण एक शक्तिशाली निम्न वायुदाब केंद्र बन जाता है, जो दक्षिणी गोलार्ध की दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक पवनों को भूमध्य रेखा पार करने के बाद कोरिओलिस बल के प्रभाव से दक्षिण-पश्चिमी मानसून के रूप में खींचता है। कथन 2 गलत है क्योंकि अल-निनो घटना के दौरान पेरू के तट पर गर्म जलधारा के उभरने से भारतीय मानसून कमजोर हो जाता है और देश में सूखे या कम वर्षा की स्थिति बनती है, न कि वर्षा में वृद्धि होती है। कथन 3 सही है क्योंकि मैडेन-जुलियन दोलन (MJO) एक वैश्विक उष्णकटिबंधीय आवरण है जो हिंद महासागर के ऊपर मानसून के सक्रिय और विराम (Break) चरणों को नियंत्रित करता है। कथन 4 सही है क्योंकि पश्चिमी विक्षوب भूमध्य सागर से उत्पन्न होकर उत्तर-पश्चिम भारत में शीतकालीन वर्षा ('मावठ') लाते हैं, जो रबी फसलों के लिए वरदान है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
→
महासागरीय जलधाराओं और उनके क्षेत्रीय प्रभावों तथा गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'फोकलैंड जलधारा' (Falkland Current) दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट के सहारे प्रवाहित होने वाली एक ठंडी जलधारा है, जो अंटार्कटिका से उत्तर की ओर आती है और रियो डी ला प्लाटा के मुहाने के पास ब्राजील की गर्म जलधारा से मिलती है।
2. 'क्यूरोशियो जलधारा' (Kuroshio Current) प्रशांत महासागर की एक गर्म जलधारा है, जिसे 'जापान की काली धारा' भी कहा जाता है, और यह गल्फ स्ट्रीम के समतुल्य उत्तरी प्रशांत महासागर में कार्य करती है।
3. 'बेंगुएला जलधारा' (Benguela Current) हिंद महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो अफ्रीकी महाद्वीप के पश्चिमी तट के सहारे दक्षिण से उत्तर की ओर प्रवाहित होती है और नामीब मरुस्थल के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार अल नीनो (El Nino) घटना के दौरान पेरू के तट पर ठंडी हम्बोल्ट जलधारा के स्थान पर एक गर्म जलधारा का अस्थायी विकास होता है, जिससे दक्षिण अमेरिकी तट पर जल का तापमान बढ़ जाता है और भारतीय मानसून कमजोर हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत के प्रमुख पर्वतीय क्षेत्रों, पर्वत श्रृंखलाओं और उनसे संबंधित घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'धौलाधार श्रेणी' लघु हिमालय (Himachal/Lesser Himalayas) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश में फैली हुई है और इसी श्रेणी के दक्षिण में प्रसिद्ध 'कांगड़ा घाटी' तथा 'कुल्लू घाटी' अवस्थित हैं।
2. 'नामचा बरवा' पर्वत शिखर महान हिमालय के पूर्वी छोर पर अरुणाचल प्रदेश और तिब्बत की सीमा के निकट स्थित है, जिसके ठीक दक्षिण से ब्रह्मपुत्र नदी भारत में प्रवेश करने के लिए एक गार्ज (Gorge) का निर्माण करती है।
3. 'मर्खा घाटी' (Markha Valley) लद्दाख क्षेत्र में हेमिस राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत स्थित एक प्रसिद्ध ट्रेकिंग घाटी है, जो शुष्क ठंडे मरुस्थलीय पर्यावरण और बौद्ध मठों के लिए जानी जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शिवालिक श्रेणी (Outer Himalayas) हिमालय की सबसे नवीनतम और बाह्य श्रृंखला है, जिसका निर्माण अन्य श्रेणियों के मलबे के संचयन से हुआ है और इसके निचले भागों में समतल घाटियाँ पाई जाती हैं जिन्हें 'दून' (Deon/Doon) कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत की जलवायु और मानसून की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान 'तिब्बत का पठार' तीव्र तापीय तापन (Thermal Heating) के कारण एक शक्तिशाली निम्न वायुदाब केंद्र के रूप में विकसित होता है, जो ऊपरी क्षोभमंडल में 'पूर्वी जेट स्ट्रीम' (Easterly Jet Stream) को जन्म देकर मानसून को भारतीय उपमहाद्वीप की ओर आकर्षित करने में सहायक होता है।
2. 'मैडेन-जुलियन दोलन' (Madden-Julian Oscillation - MJO) एक पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ने वाली महासागरीय-वायुमंडलीय तरंग है, जिसके भारतीय महासागर क्षेत्र में 'सक्रिय चरण' (Active Phase) के दौरान भारत में मानसूनी वर्षा में वृद्धि होती है, जबकि 'अवरुद्ध चरण' (Suppressed Phase) सूखे की स्थिति उत्पन्न कर सकता है।
3. 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbances) भूमध्य सागर क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात प्रणालियाँ हैं, जो उपोष्ण कटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम द्वारा भारत के उत्तर-पश्चिम भाग में लाई जाती हैं और रबी की फसलों के लिए अत्यधिक लाभदायक होती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में मानसून का 'अचानक फूटना' (Burst of Monsoon) मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी व्यापारिक हवाओं के अचानक प्रतिवर्तन और भूमध्यरेखीय पछुआ हवाओं के भारतीय उपमहाद्वीप पर आगमन के परिणामस्वरुप भारी गर्जना और बिजली कड़कने के साथ वर्षा के आरंभ होने को दर्शाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत में सिंचाई पद्धतियों, कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) और प्रमुख फसलों की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'टपकन सिंचाई' (Drip Irrigation) सूक्ष्म सिंचाई की सबसे अधिक जल-कुशल विधि है, जो वाष्पीकरण और रिसाव के माध्यम से होने वाले जल की हानि को लगभग समाप्त कर देती है तथा इससे लवणता (Salinity) और खरपतवार की समस्याओं में भी कमी आती है।
2. भारत में 'धान' (Paddy) की खेती के लिए पारंपरिक रूप से भारी जल की आवश्यकता होती है, किंतु 'श्री विधि' (System of Rice Intensification - SRI) पद्धति में कम पानी, छोटे पौधों के रोपण और व्यापक दूरी का उपयोग करके धान की उत्पादकता को बढ़ाया जाता है।
3. 'झूम कृषि' (Shifting Cultivation) जिसे पूर्वोत्तर भारत में 'झूम' कहा जाता है, एक स्थायी और गहन कृषि पद्धति है जिसमें रासायनिक उर्वरकों का भारी उपयोग करके लगातार कई वर्षों तक एक ही भूमि पर फसलें उगाई जाती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार राष्ट्रीय कृषि आयोग (National Commission on Agriculture) ने भारत को कृषि-जलवायु विविधताओं के आधार पर कुल 15 मुख्य कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत के प्रमुख हिमालयी और प्रायद्वीपीय दरों तथा उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बुर्जिल दर्रा' (Burzil Darra) कश्मीर घाटी को लद्दाख के देवसाई मैदानों से जोड़ता है और यह महान हिमालय श्रेणी में स्थित है, जो श्रीनगर से गिलगित का प्राचीन मार्ग प्रदान करता है।
2. 'बनिहाल दर्रा' (Banihal Pass) पीर पंजाल श्रेणी में स्थित है, जो जम्मू को श्रीनगर से सड़क मार्ग द्वारा जोड़ता है और इसी दर्रे के नीचे 'जवाहर सुरंग' (Jawahar Tunnel) का निर्माण किया गया है।
3. 'शिपकी ला दर्रा' (Shipki La) हिमाचल प्रदेश को तिब्बत से जोड़ता है और विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सतलुज नदी इसी दर्रे के पास से भारत में प्रवेश करती है।
4. 'पालघाट दर्रा' (Palghat Gap) नीलगिरी और अन्नामलाई पहाड़ियों के बीच स्थित है, जो केरल के कोच्चि और पलक्कड़ को तमिलनाडु के मदुरै से जोड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.