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General Science
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सापेक्षता के अनुसार प्रकाश की गति का मान क्या रहता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
प्रकाश की गति सभी जड़त्वीय फ्रेम में स्थिर रहती है।
Related Questions
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश ($Z_{eff}$) में वृद्धि के कारण परमाणु त्रिज्या में निरंतर कमी आती है, किंतु उत्कृष्ट गैसों (Noble gases) की वान डर वाल्स त्रिज्या (Van der Waals radius) उनके संबंधित हैलोजन तत्वों की सहसंयोजक त्रिज्या से काफी अधिक होती है।
2. ऑक्सीजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी का मान नाइट्रोजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी से अधिक होता है, क्योंकि नाइट्रोजन के 2p कक्षक में आधे भरे (half-filled) होने के कारण प्राप्त अतिरिक्त स्थायित्व को तोड़ने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
3. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान फ्लोरीन की तुलना में क्लोरीन का अधिक होता है, जिसका प्रमुख कारण फ्लोरीन के छोटे आकार के कारण इसके सघन इलेक्ट्रॉन मेघ द्वारा आने वाले इलेक्ट्रॉन पर प्रतिकर्षण बल लगाना है।
4. लैंथानाइड संकुचन (Lanthanoid Contraction) के प्रभाव के कारण आवर्त सारणी में छठे आवर्त के संक्रमण तत्वों (जैसे Hf) की परमाणु त्रिज्या पाँचवें आवर्त के उनके ठीक ऊपर के समरूप तत्वों (जैसे Zr) की तुलना में लगभग समान हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और विभिन्न हॉर्मोनों की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अग्र पीयूष ग्रंथि (Anterior pituitary) द्वारा स्रावित 'प्रोलैक्टिन' (Prolactin) हॉर्मोन मुख्य रूप से स्तन ग्रंथियों के विकास और दुग्ध उत्पादन को उत्तेजित करता है, जबकि 'ऑक्सीटोसिन' हॉर्मोन का स्राव पश्च पीयूष ग्रंथि से होता है जो दुग्ध के निष्कासन (Milk ejection) और प्रसव के दौरान गर्भाशय की चिकनी पेशियों के संकुचन को प्रेरित करता है।
2. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal gland) का वल्कुट (Cortex) भाग 'कॉर्टिसोल' (Cortisol) का स्राव करता है, जो एक मुख्य ग्लूकोकॉर्टिकोइड है और यह शरीर में ग्लाइकोजेनोलिसिस को प्रेरित करने के साथ-साथ सूजनरोधी (Anti-inflammatory) प्रतिक्रिया और प्रतिरक्षा प्रणाली के दमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
3. थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'थैलीटोनिन' (Calcitonin) हॉर्मोन रक्त में कैल्शियम के स्तर को बढ़ाने का कार्य करता है, जो कि पैराथायराइड हॉर्मोन (PTH) के प्रभावों का पूरी तरह से पूरक (Synergistic) होता है और हड्डियों से कैल्शियम के अवशोषण को तीव्र करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव रोगों, उनके संचरण के माध्यम और उनके उपचार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'टाइफाइड' (आंत्र ज्वर) एक जीवाणु जनित रोग है जो 'सालमोनेला टाइफी' (Salmonella typhi) जीवाणु के संक्रमण से होता है, और इसके संपुष्टि के लिए 'विडाल परीक्षण' (Widal test) किया जाता है।
2. 'फाइलेरियासिस' (हाथीपांव) का संक्रमण क्रिमि 'वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टी' (Wuchereria bancrofti) के कारण होता है, जो मादा एनोफेलीज मच्छर के काटने से मानव शरीर में फैलता है और इसके कारण लसीका वाहिकाओं में चिरकारी सूजन आ जाती है।
3. एड्स (AIDS) उत्पन्न करने वाला 'ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस' (HIV) एक रेट्रोवायरस है जो मुख्य रूप से 'सहायक टी-लिम्फोसाइट्स' ($T_h$ कोशिकाओं) को संक्रमित करके उनकी संख्या को धीरे-धीरे कम कर देता है।
4. जन्मजात और उपार्जित प्रतिरक्षा के अंतर्गत, 'इंटरफेरॉन' (Interferons) प्रोटीन विषाणु-संक्रमित कोशिकाओं द्वारा स्रावित किए जाते हैं जो आसपास की गैर-संक्रमित कोशिकाओं को और अधिक विषाणु संक्रमण से बचाने का कार्य करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और चुम्बकत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ सेबद्ध चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
2. लेंज का नियम (Lenz's law) ऊर्जा संरक्षण के नियम का एक प्रत्यक्ष परिणाम है, जो यह बताता है कि प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिसके कारण वह स्वयं उत्पन्न होती है।
3. भंवर धाराएँ (Eddy currents) किसी चालक के भीतर तब उत्पन्न होती हैं जब उसे परिवर्तित चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है, और इनका उपयोग प्रेरण भट्टी (Induction furnace) में धातुओं को पिघलाने तथा चुंबकीय ब्रेक (Magnetic braking) प्रणालियों में किया जाता है।
4. किसी धारावाही परिनालिका (Solenoid) के भीतर चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता उसके सिरों पर अधिकतम होती है और केंद्र की ओर जाने पर घटती जाती है, तथा यह क्षेत्र परिनालिका की त्रिज्या पर निर्भर करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश ($Z_{eff}$) में क्रमिक वृद्धि होने के कारण परमाणु त्रिज्या (Atomic Radius) में सामान्यतः कमी आती है, किंतु शून्य वर्ग (अक्रिय गैसों) की वान डेर वाल्स त्रिज्या उनके ठीक पहले के हैलोजन तत्वों की सहसंयोजक त्रिज्या की तुलना में काफी बड़ी होती है।
2. नाइट्रोजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (First Ionization Enthalpy) का मान ऑक्सीजन की तुलना में अधिक होता है, जिसका प्रमुख कारण नाइट्रोजन के $2p^3$ कक्षक का पूर्ण रूप से भरा होना (Fully-filled) है।
3. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी क्लोरीन की तुलना में अधिक ऋणात्मक होती है क्योंकि फ्लोरीन का परमाणु आकार बहुत छोटा होता है।
4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के प्रभाव के कारण, 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे हाफ्नियम, Hf) की परमाणु त्रिज्याएँ लगभग उनके ठीक ऊपर स्थित 4d श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम, Zr) के लगभग समान हो जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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