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Geography
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भारत के प्रमुख पर्वतीय क्षेत्रों, पर्वत श्रेणियों और उनमें अवस्थित घाटियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'मर्कुता' या 'मरुखा घाटी' (Markha Valley) लद्दाख श्रेणी और जास्कर श्रेणी के मध्य स्थित एक प्रसिद्ध शुष्क घाटी है, जो हेमिस राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत आती है।
- 2. 'जुक्कू घाटी' (Zukou Valley) नागालैंड और मणिपुर की सीमा पर स्थित है, जो अपने प्राकृतिक मौसमी जंगली फूलों और दुर्लभ जुक्कू लिली के लिए जानी जाती है, और यह बैरल पर्वत श्रेणी के नजदीक स्थित है।
- 3. 'कुल्लू घाटी' (Kullu Valley) धौलाधार और पीर पंजाल श्रेणियों के बीच रावी नदी द्वारा निर्मित एक अनुप्रस्थ (Transverse) घाटी है, जिसे 'देवों की घाटी' भी कहा जाता है।
- 4. 'साइलेंट वैली' (Silent Valley) नीलगिरी पहाड़ियों के दक्षिण-पश्चिम में कुंतिपुझा नदी बेसिन में स्थित है, जो उष्णकटिबंधीय सदाबหาร वर्षावनों और लायन-टेल्ड मकाक (सिंहपुच्छ वानर) के लिए विश्वप्रसिद्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि मर्कुता या मर्कुधा घाटी (Markha Valley) लद्दाख क्षेत्र में लेह के दक्षिण में स्थित एक सुंदर और शुष्क घाटी है, जो हेमिस राष्ट्रीय उद्यान से होकर गुजरती है। कथन 2 सही है क्योंकि जुक्कू घाटी (Zukou Valley) नागालैंड और मणिपुर की सीमा पर माउंट इसापु के पीछे स्थित है और यह अपनी जैव विविधता तथा मौसमी फूलों के लिए प्रसिद्ध है। कथन 3 गलत है क्योंकि कुल्लू घाटी धौलाधार और पीर पंजाल श्रेणियों के बीच रावी नदी द्वारा नहीं, बल्कि **ब्यास नदी** द्वारा निर्मित एक अनुप्रस्थ घाटी है। कथन 4 सही है क्योंकि साइलेंट वैली (Silent Valley) केरल के पलक्कड़ जिले में नीलगिरी पहाड़ियों के वर्षावन क्षेत्र में कुंतिपुझा नदी के तट पर स्थित है। भारत के विभिन्न पर्वतीय क्षेत्रों के बारे में अधिक जानने के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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हमारे सौर मंडल के ग्रहों, उनकी गति, घूर्णन अक्ष के झुकाव और वायुमंडलीय विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. शुक्र (Venus) और अरुण (Uranus) सौर मंडल के ऐसे दो ग्रह हैं जो अन्य ग्रहों के विपरीत पूर्व से पश्चिम (Clockwise/Retrograde) दिशा में अपनी धुरी पर घूर्णन करते हैं, जिसके कारण इन ग्रहों पर सूर्य पश्चिम में उगता और पूर्व में अस्त होता है।
2. अरुण (Uranus) का घूर्णन अक्ष अपनी कक्षीय तल से इतना अधिक झुका हुआ है (लगभग 98 डिग्री) कि यह अपने कक्षीय पथ पर लगभग 'लेट हुआ' सा प्रतीत होता है, इसी कारण इसे 'लेटा हुआ ग्रह' (Rolled Planet) कहा जाता है।
3. बृहस्पति (Jupiter) का घनत्व सौर मंडल के सभी ग्रहों में सबसे कम है (जल के घनत्व से भी कम), जबकि पृथ्वी का औसत घनत्व सौर मंडल के सभी ग्रहों में सर्वाधिक है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'मंगल ग्रह' (Mars) को 'लाल ग्रह' कहा जाता है, जिसकी सतह पर आयरन ऑक्साइड (लौह आक्साइड) की प्रचुरता के कारण इसका रंग लाल दिखाई देता है और इसके दो छोटे प्राकृतिक उपग्रह 'फोबॉस' और 'डीमोस' हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बुर्जिल दर्रा' (Burzil Darra) कश्मीर घाटी को देवसाए मैदानों (गिलगित-बाल्टिस्तान) से जोड़ता है और यह प्राचीन सिल्क रूट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
2. 'नीति दर्रा' (Niti Pass) उत्तराखंड राज्य को तिब्बत से जोड़ता है और यह कैलाश-मानसरोवर यात्रा के लिए उपयोग किए जाने वाले प्रमुख दर्रों में से एक है।
3. 'यांग्याप दर्रा' (Yangyap Pass) अरुणाचल प्रदेश राज्य में स्थित है, और इसी दर्रे के पास से ब्रह्मपुत्र नदी भारत के तिब्बती क्षेत्र (सांगपो) से अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करती है।
4. 'दीफु दर्रा' (Diphu Pass) अरुणाचल प्रदेश और म्यांमार की सीमा पर स्थित एक त्रि-बिंदु (Tri-junction) दर्रा है जो भारत, म्यांमार और चीन की सीमाओं को मिलाता है, जिसके बारे में विकिपीडिया संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भूकंपीय प्रक्रियाओं, विवर्तनिक प्लेट सीमाओं और सुनामी की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'सुनामी तरंगें' गहरे समुद्र में अत्यंत कम तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और उच्च आयाम वाली जल तरंगें होती हैं, जो अत्यधिक तीव्र गति से यात्रा करती हैं, और उथले तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करते ही इनकी गति बढ़ जाती है जबकि तरंग ऊँचाई घट जाती है।
2. 'हॉटस्पॉट' (Hotspot) ज्वालामुखी गतिविधियाँ विवर्तनिक प्लेटों के अभिसारी या अपसारी किनारों पर न होकर, मैन्टल प्लूम (Mantle Plumes) के प्रभाव से प्लेटों के आंतरिक भाग में घटित होती हैं, जिसका एक प्रमुख भूवैज्ञानिक उदाहरण हवाई द्वीप श्रृंखला है।
3. 'एपिकेंटर' (Epicentre) पृथ्वी के आंतरिक भाग में स्थित वह बिंदु होता है जहाँ से भूकंपीय ऊर्जा सबसे पहले मुक्त होती है, जबकि 'हाइपोसेंटर' (Hypocentre) इसके ठीक ऊपर धरातल पर स्थित वह पहला स्थान होता है जहाँ भूकंपीय तरंगों का सबसे पहले अनुभव किया जाता है।
4. 'प्रशांत महासागर का अग्नि वलय' (Ring of Fire) दुनिया का सबसे बड़ा भूकंपीय और ज्वालामुखीय क्षेत्र है, जहाँ मुख्य रूप से अभिसारी (Convergent) और रूपांतरित (Transform) प्लेट सीमाओं के कारण विश्व के 75% से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी पाए जाते हैं。
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारतीय जलवायु और मानसून के संदर्भ में, 'एल नीनो-दक्षिणी दोलन' (ENSO) तथा 'भारतीय महासागर द्विध्रुव' (IOD) की अंतःक्रिया के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब प्रशांत महासागर में 'अल नीनो' (El Niño) सक्रिय होता है, तो यह सामान्यतः भारतीय उपमहाद्वीप में ग्रीष्मकालीन मानसून वर्षा को कमजोर करता है, क्योंकि यह दक्षिण-पूर्व एशिया और भारत की ओर बहने वाली नमीयुक्त हवाओं के मार्ग को बाधित कर देता है।
2. 'धनात्मक भारतीय महासागर द्विध्रुव' (Positive IOD) की स्थिति में पश्चिमी हिंद महासागर (अफ़्रीका के तट के पास) असामान्य रूप से गर्म हो जाता है, जबकि पूर्वी हिंद महासागर (इंडोनेशिया के पास) ठंडा हो जाता है, जो भारत में अल नीनो के नकारात्मक प्रभावों को आंशिक रूप से संतुलित या कमजोर कर सकता है।
3. 'मैडन-जूलियन दोलन' (MJO) एक वैश्विक स्तर पर पूर्व की ओर बढ़ने वाली बादलों और वर्षा की पखवाड़े भर की तरंग है, और जब यह हिंद महासागर क्षेत्र के ऊपर से गुजरती है, तो यह भारतीय मानसून की सक्रियता (Active Phase) को तीव्र करती है।
4. दक्षिणी दोलन सूचकांक (SOI) का ऋणात्मक मान ताहिती (प्रशांत महासागर) और डार्विन (ऑस्टेलिया) के बीच उच्च दाब अंतर को दर्शाता है, जो भारत में सामान्य से अधिक भारी मानसूनी वर्षा का सूचक होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनके तापीय एवं क्षेत्रीय प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'सोमाली जलधारा' (Somali Current) मानसूनी हवाओं के मौसमी उत्क्रमण (Seasonal Reversal) के साथ अपनी दिशा बदलती है, जिसके कारण ग्रीष्मकाल में यह दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर प्रवाहित होने वाली एक ठंडी अपवेलिंग (Upwelling) जलधारा बन जाती है।
2. 'पश्चिमी ऑस्ट्रियाई जलधारा' (West Australian Current) हिंद महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो महाद्वीप के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर प्रवाहित होती है और इसके कारण ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी भाग में शुष्क परिस्थितियों का निर्माण होता है।
3. 'ओयाशियो जलधारा' (Oyashio Current), जिसे कुरील जलधारा भी कहा जाता है, प्रशांत महासागर की एक गर्म जलधारा है जो बेरिंग जलडमरूमध्य से दक्षिण की ओर प्रवाहित होकर जापान के उत्तर-पूर्वी तट को अत्यधिक उष्ण बना देती है।
4. 'फाल्कलैंड जलधारा' (Falkland Current) दक्षिण अटलांटिक महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट के सहारे दक्षिण से उत्तर की ओर प्रवाहित होती है और ब्राजील जलधारा के साथ मिलकर रियो डी ला प्लाटा के पास 'सांगोदा' अभिसरण क्षेत्र का निर्माण करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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