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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक विवर्तनिक प्रक्रियाओं, भूकंपीय तरंगों और ज्वालामुखी उद्गार की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं जो ध्वनि तरंगों की तरह ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, लेकिन तरल माध्यम से गुजरने के दौरान इनका वेग अचानक बढ़ जाता है।
  2. 2. 'शांत ज्वालामुखी' (Shield Volcano) मुख्य रूप से कम श्यानता (Low Viscosity) वाले बेसाल्टिक लावा के अतिप्रवाह से बनते हैं, जो अत्यधिक विस्फोटक नहीं होते क्योंकि इनमें सिलिका की मात्रा कम और गैसों का दाब आसानी से निकल जाता है।
  3. 3. 'सुनामी' (Tsunami) तरंगे महासागरों में उथले पानी के पास पहुँचने पर अपनी तरंग दैर्ध्य (Wavelength) में कमी और तरंग ऊँचाई (Wave Height) में भारी वृद्धि का अनुभव करती हैं, क्योंकि इनकी गति समुद्र की गहराई के वर्गमूल के सीधे समानुपातिक होती है।
  4. 4. पैसिफिक रिंग ऑफ फायर (Pacific Ring of Fire) अभिसारी (Convergent) और अपसारी (Divergent) दोनों प्लेट सीमाओं का एक विस्तृत क्षेत्र है, जहाँ दुनिया के लगभग 75% सक्रिय ज्वालामुखी पाए जाते हैं और यह क्षेत्र दुनिया के अधिकांश गहरे भूकंपों का केंद्र भी है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि जब P-तरंगें तरल माध्यम से गुजरती हैं, तो उनका वेग कम (मंद) हो जाता है, बढ़ नहीं जाता। कथन 2 सही है, शील्ड ज्वालामुखी बेसाल्टिक अलावा के प्रवाह से बनते हैं जो कम सिलिका युक्त होने के कारण कम विस्फोटक होते हैं। कथन 3 सही है, उथले पानी में आने पर सुनामी की गति कम और ऊँचाई बहुत बढ़ जाती है क्योंकि सुनामी तरंगों की गति जल की गहराई के वर्गमूल पर निर्भर करती है। कथन 4 गलत है क्योंकि पैसिफिक रिंग ऑफ फायर मुख्य रूप से अभिसारी और रूपांतरित प्लेट सीमाओं से जुड़ा है, न कि अपसारी सीमाओं से।
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