BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
1 views

सौर मंडल के बाह्य ग्रहों (Jovian Planets), उनके उपग्रहों और क्षुद्रग्रहों की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. सभी बाह्य ग्रह (बृहस्पति, शनि, अरुण और वरुण) गैसीय ग्रह हैं, जिनका घनत्व आंतरिक (स्थलीय) ग्रहों की तुलना में बहुत कम है, और इन सभी ग्रहों के चारों ओर प्रचुर मात्रा में वलय (Rings) प्रणालियाँ पाई जाती हैं।
  2. 2. शनि ग्रह का सबसे बड़ा उपग्रह 'टाइटन' (Titan) है, जो सौर मंडल का एकमात्र ऐसा उपग्रह है जिसके पास पृथ्वी जैसा घना वायुमंडल (मुख्य रूप से नाइट्रोजन) और सतह पर तरल मीथेन/इथेन के झीलें मौजूद हैं।
  3. 3. अरुण (Uranus) सौर मंडल का एकमात्र ऐसा ग्रह है जो अपनी धुरी पर अत्यधिक झुका होने (लगभग 98 डिग्री) के कारण अंतरिक्ष में लेटा हुआ प्रतीत होता है, और यह शुक्र की तरह ही पूर्व से पश्चिम की ओर (Clockwise) घूर्णन करता है।
  4. 4. क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) में स्थित 'सेरेस' (Ceres) सबसे बड़ा पिंड है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) द्वारा बौना ग्रह (Dwarf Planet) घोषित किया गया है, और यह आंतरिक सौर मंडल में सूर्य की परिक्रमा करने वाला एकमात्र बौना ग्रह है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि यद्यपि सभी बाह्य ग्रह गैसीय और कम घनत्व वाले हैं, लेकिन यह कहना गलत है कि 'सभी' बाह्य ग्रहों के चारों ओर वलय प्रणालियाँ पाई जाती हैं; वलय प्रणाली मुख्य रूप से शनि के साथ-साथ बृहस्पति, अरुण और वरुण के पास भी अत्यंत सूक्ष्म रूप में है, लेकिन पारंपरिक रूप से प्रमुख और दृश्यमान वलय शनि की पहचान माने जाते हैं और सभी बाह्य ग्रहों पर समान रूप से विकसित वलय नहीं होते। इसके अलावा, कथन 2 बिल्कुल सही है क्योंकि टाइटन शनि का सबसे बड़ा और सौर मंडल का दूसरा सबसे बड़ा उपग्रह है, जिसका वायुमंडल अत्यधिक घना है। कथन 3 गलत है क्योंकि अरुण (Uranus) शुक्र की तरह पूर्व से पश्चिम नहीं, बल्कि अपनी धुरी पर पश्चिम से पूर्व की ओर ही घूमता है, बस उसका घूर्णन अक्ष अत्यधिक झुका हुआ है जिससे वह लुढ़कता हुआ प्रतीत होता है। कथन 4 सही है क्योंकि 'सेरेस' क्षुद्रग्रह पेटी का सबसे बड़ा पिंड है जिसे बौना ग्रह माना गया है और यह आंतरिक सौर मंडल (मंगल और बृहस्पति के बीच) में स्थित एकमात्र बौना ग्रह है।
Share:

Related Questions

वायुमंडल के संगठन, विभिन्न परतों और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वायुमंडल में गैसों के कुल द्रव्यमान का अधिकांश हिस्सा क्षोभमंडल (Troposphere) और समताप मंडल (Stratosphere) तक ही सीमित है, जिसमें आयतन के आधार पर नाइट्रोजन (लगभग 78.08%) और ऑक्सीजन (लगभग 20.95%) मिलकर कुल शुष्क हवा का 99% से अधिक भाग बनाते हैं। 2. ओजोन परत (Ozone Layer) समताप मंडल के निचले हिस्से में लगभग 15 से 50 किलोमीटर की ऊँचाई के बीच पाई जाती है, और इस परत में ऊँचाई के साथ तापमान में कमी आने के बजाय तीव्र वृद्धि होती है, क्योंकि ओजोन अणु सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को अवशोषित करते हैं। 3. भूमध्यरेखीय निम्न वायुदाब पेटी (Equatorial Low Pressure Belt), जिसे 'डोलड्रम' (Doldrums) भी कहा जाता है, पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न होने वाली गतिजन्य पेटियों में से एक है, जहाँ वर्षभर सूर्य की किरणें सीधी पड़ने के कारण संवहन धाराओं (Convectional Currents) का निर्माण होता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उपोष्ण कटिबंधीय उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts) गतिजन्य रूप से उत्पन्न होती हैं, जो पृथ्वी के घूर्णन के कारण विषुवत वृत्त से उठने वाली हवाओं के 30° से 35° अक्षांशों के बीच नीचे बैठने (Subsidence) के फलस्वरूप निर्मित होती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भूकंपीय तरंगों, ज्वालामुखी उद्गार की क्रियाओं और सुनामी की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं और ये ठोस, तरल तथा गैसीय तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं और ये केवल ठोस माध्यम से ही गुजर सकती हैं। 2. 'सुनामी' (Tsunami) शब्द जापानी भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ 'तटीय लहरें' होता है, और इनकी उत्पत्ति मुख्य रूप से समुद्र के नीचे आने वाले बड़े पैमाने पर भूकंपों (विवर्तनिक गतिविधियों) के कारण होती है, जिसके परिणामस्वरूप महासागरीय जल का अचानक विस्थापन होता है। 3. शील्ड ज्वालामुखी (Shield Volcanoes) मुख्य रूप से कम श्यानता (Low Viscosity) वाले बेसाल्टिक लावा के अतिप्रवाह से बनते हैं, जो अत्यधिक विस्फोटक होते हैं और सिंडर शंकु (Cinder Cones) का निर्माण करते हैं, जैसे हवाई द्वीप के ज्वालामुखी। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भूकंप का उद्गम केंद्र (Focus / Hypocenter) पृथ्वी के भीतर वह बिंदु होता है जहाँ से ऊर्जा तरंगें निकलती हैं, और ठीक इसके ऊपर पृथ्वी की सतह पर स्थित बिंदु को अधिकेंद्र (Epicenter) कहा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति तथा उन्हें जोड़ने वाले मार्गों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शिपकी ला दर्रा (Shipki La) सतलुज नदी घाटी में हिमाचल प्रदेश को तिब्बत (चीन) से जोड़ता है और यह भारत-चीन व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण सीमा चौकी है। 2. नीति दर्रा और माना दर्रा उत्तराखंड को तिब्बत से जोड़ने वाले प्रमुख पार-हिमालयी दर्रे हैं, जो नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत स्थित हैं। 3. जोजी ला दर्रा (Zoji La) पीर पंजाल श्रेणी पर स्थित है, जो श्रीनगर को कारगिल और लेह से जोड़ता है तथा सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण बंद रहता है। 4. दीफु दर्रा (Diphu Pass) अरुणाचल प्रदेश और म्यांमार की सीमा पर स्थित एक त्रि-संधि (Tri-junction) दर्रा है जो भारत, चीन और म्यांमार की सीमाओं को मिलाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? तारामंडल, स्टेलर इवोल्यूशन (तारकीय विकास) और ब्रह्माण्ड विज्ञान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर' (Subrahmanyan Chandrasekhar) द्वारा प्रतिपादित 'चंद्रशेखर सीमा' (Chandrasekhar Limit) लगभग 1.44 सौर द्रव्यमान के बराबर होती है, जो यह निर्धारित करती है कि कौन-सा तारा अपने जीवन के अंत में श्वेत वामन (White Dwarf) बनेगा और कौन-सा तारा न्यूट्रॉन तारा या ब्लैक होल में परिवर्तित होगा। 2. जब कोई विशाल तारा अपने अंत में गुरुत्वाकर्षण के कारण अत्यधिक संकुचित हो जाता है, तो उसका पलायन वेग (Escape Velocity) प्रकाश के वेग से भी अधिक हो जाता है, जिससे उससे प्रकाश का भी उत्सर्जन रुक जाता है और वह 'कृष्ण विवर' (Black Hole) का रूप ले लेता है। 3. 'हबल का नियम' (Hubble's Law) यह बताता है कि आकाशगंगाओं की हमसे दूर जाने की गति (Recessional Velocity) उनकी हमसे दूरी के व्युत्क्रमानुपाती (Inversely Proportional) होती है, जो ब्रह्माण्ड के स्थिर (Static) होने का प्रत्यक्ष प्रमाण देती है। 4. 'पल्सर' (Pulsar) वस्तुतः तेजी से घूमने वाले और अत्यधिक शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र वाले न्यूट्रॉन तारे होते हैं, जो नियमित अंतराल पर विद्युत चुम्बकीय विकिरण (रेडियो तरंगों) की पल्स उत्सर्जित करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? हिमालय पर्वत श्रृंखला किस प्रकार के पर्वतों का उदाहरण है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.