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Geography
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भारत के प्रमुख उद्योगों, औद्योगिक प्रदेशों तथा परिवहन नेटवर्क के भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. हुगली औद्योगिक प्रदेश (Hooghly Industrial Region) का विकास मुख्य रूप से दाम्बा घाटी क्षेत्र से सस्ते कोयले की प्राप्ति, कलकत्ता बंदरगाह की सुविधा और जूट उद्योग के स्थानीयकरण के कारण हुआ है, जो उत्तर में बंडेल से लेकर दक्षिण में बिड़लापुर तक फैला हुआ है।
  2. 2. देश में 'स्वर्ण चतुर्भुज' परियोजना के उत्तर-दक्षिण (श्रीनगर से कन्याकुमारी) और पूर्व-पश्चिम (पोरबंदर से सिलचर) गलियारे झारखंड राज्य के रांची शहर में एक-दूसरे को आपस में काटते हैं।
  3. 3. राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-2 (NW-2), जो ब्रह्मपुत्र नदी पर सदिया से धुबरी के बीच लगभग 891 किलोमीटर की लंबाई में नौगम्य है, पूर्वोत्तर भारत में माल ढुलाई और अंतर्देशीय जल परिवहन का एक प्रमुख मार्ग है।
  4. 4. पिट-लोकेशन (Pit-location) उद्योग वे उद्योग होते हैं जिन्हें कच्चे माल के वजन में भारी कमी (Weight-losing raw materials) होने के कारण कच्चे माल के खनन क्षेत्रों के पास ही स्थापित किया जाता है, जैसे लौह-इस्पात और एल्युमिनियम उद्योग।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: हुगली औद्योगिक प्रदेश का विकास दाम्बा (रानीगंज/झरिया) घाटी क्षेत्र से कोयले की प्राप्ति, कोलकाता बंदरगाह की उपलब्धता और जूट उत्पादन के कारण हुआ है, जिसका विस्तार उत्तर में बंडेल से दक्षिण में बिड़लापुर तक है। कथन 2 गलत है: स्वर्ण चतुर्भुज परियोजना के उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम गलियारे एक-दूसरे को झाँसी (उत्तर प्रदेश) में काटते हैं, न कि रांची में। कथन 3 सही है: राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-2 (NW-2) ब्रह्मपुत्र नदी पर सदिया से धुबरी के मध्य स्थित है। कथन 4 सही है: भारी वजन घटाने वाले कच्चे माल पर आधारित उद्योगों (Weight-losing industries) को पिट-लोकेशन उद्योग कहा जाता है क्योंकि इन्हें परिवहन लागत बचाने के लिए कच्चे माल के स्रोतों के निकट स्थापित किया जाता है।
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