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General Science
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दाब का मात्रक?

Detailed Explanation

पास्कल।
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं के कोशिकांगों (Cell organelles) और कोशिका विभाजन (Cell division) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सूत्रकणिका (Mitochondria) और हरित लवक (Chloroplast) दोनों ही अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांग हैं क्योंकि इनमें स्वयं का वर्तुल (Circular) डीएनए, 70S प्रकार के राइबोसोम और प्रोटीन संश्लेषण करने की आंशिक क्षमता पाई जाती है। 2. समसूत्री विभाजन (Mitosis) की मध्यावस्था (Metaphase) के दौरान गुणसूत्र कोशिका के मध्य रेखा पर व्यवस्थित होते हैं, और इस चरण में गुणसूत्रों की आकृति का सबसे अच्छा अध्ययन किया जाता है, क्योंकि वे अत्यधिक संघनित (Condensed) और स्पष्ट दिखाई देते हैं। 3. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की पैकीटीन (Pachynema/Pachytene) अवस्था में 'जीन विनिमय' (Crossing over) की प्रक्रिया संपन्न होती है, जो समझात गुणसूत्रों की गैर-सहभगिनी अर्धगुणसूत्रिकाओं (Non-sister chromatids) के बीच आनुवंशिक सामग्री के आदान-प्रदान को प्रेरित करती है और इसके लिए 'रेकॉम्बीनेज' एंजाइम उत्तरदायी होता है। 4. लाइसोसोम (Lysosome) अंतःझिल्ली तंत्र (Endomembrane system) का एक भाग है जो गॉल्जी उपकरण द्वारा संपुटित (Package) होता है, और इसमें इष्टतम अम्लीय पीएच ($ ext{pH}$) पर सक्रिय रहने वाले हाइड्रोलाइटिक एंजाइम (जैसे लाइपेस, प्रोटीएज और कार्बोहाइड्रेटेज) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मानव पोषण और जैव अणुओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विटामिन B12 (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जो यकृत और अन्य ऊतकों में कई वर्षों तक संग्रहीत रह सकता है, और इसके अवशोषण के लिए आमाशय की parietal कोशिकाओं द्वारा स्रावित 'नैज कारक' (Intrinsic factor) का होना अनिवार्य है। 2. 'आवश्यक अमीनो अम्ल' (Essential amino acids) वे होते हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर के भीतर पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पाता है, इसलिए उन्हें आहार के माध्यम से लेना आवश्यक होता है; उदाहरण के लिए, वैलीन, ल्यूसीन और टायरोसिन आवश्यक अमीनो अम्ल की श्रेणी में आते हैं। 3. कार्बोहाइड्रेट चयापचय में, ग्लाइकोजेनेसिस (Glycogenesis) वह प्रक्रिया है जिसमें ग्लूकोज के अणु ग्लाइकोजन में परिवर्तित होकर यकृत और कंकाल पेशियों में संचित होते हैं, जबकि ग्लूकोनियोजेनेसिस (Gluconeogenesis) गैर-कार्बोहाइड्रेट स्रोतों (जैसे अमीनो अम्ल और ग्लिसरोल) से ग्लूकोज का निर्माण है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? परमाणु संरचना और क्वांटम यांत्रिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता का सिद्धांत यह प्रतिपादित करता है कि किसी सूक्ष्म कण (जैसे इलेक्ट्रॉन) की स्थिति और उसके संवेग का एक ही समय में पूर्ण रूप से यथार्थ निर्धारण करना असंभव है, और इनकी अनिश्चितताओं का गुणनफल प्लांक नियतांक के आधे के बराबर या उससे अधिक होता है। 2. पाऊि का अपवर्जन नियम (Pauli Exclusion Principle) के अनुसार, किसी परमाणु में किन्हीं दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं ($n, l, m, s$) के मान सर्वसम (समान) नहीं हो सकते हैं, जिसका अर्थ है कि एक कक्षक में अधिकतम दो इलेक्ट्रॉन ही आ सकते हैं और उनके चक्रण (Spin) विपरीत दिशा में होने चाहिए। 3. 'हंड का बहुलकता नियम' (Hund's Rule of Maximum Multiplicity) यह बताता है कि समकक्षीय कक्षकों (Degenerate Orbitals) में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन तब तक प्रारंभ नहीं होता, जब तक कि प्रत्येक कक्षक में एक-एक इलेक्ट्रॉन समचक्रण के साथ न भर जाए। 4. मुख्य क्वांटम संख्या ($n$) इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा और कक्षक के आकार को निर्धारित करती है, जबकि द्विमांशाजी या दिगंशी क्वांटम संख्या ($l$) कक्षक की त्रि-विमीय ज्यामिति या आकृति को निरूपित करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मानव रोगों और उनके संचरण या उपचार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'प्लेग' (Plague) एक तीव्र जीवाणु जनित संक्रमण है जो 'येर्सिनिया पेस्टिस' (Yersinia pestis) के कारण होता है, और यह मुख्य रूप से संक्रमित पिस्सुओं (Fleas) के काटने से या श्वसन बूंदों के माध्यम से मनुष्यों में फैलता है। 2. 'रैबीज' (Rabies) एक विषाणु जनित संक्रामक रोग है जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, और इसके उपचार के लिए 'पाश्चर' द्वारा विकसित एंटी-रैबीज टीके के साथ-साथ 'रैबीज इम्युनोग्लोबुलिन' (RIG) का उपयोग किया जाता है। 3. 'एड्स' (AIDS) के लिए उत्तरदायी HIV एक रेट्रोवायरस है जो शरीर की 'CD4+ T-सहायक कोशिकाओं' को नष्ट करता है, और इसके निदान के लिए 'वेस्टर्न ब्लोट' परीक्षण और 'एलिसा' (ELISA) परीक्षण किए जाते हैं। 4. 'मलेरिया' प्लासमोडियम प्रजाति के परजीवी के कारण होता है, जिसके संचरण के लिए मादा 'क्युलेक्स' मच्छर प्राथमिक संवाहक के रूप में कार्य करती है और इसके उपचार में क्लोरिनक्विइन प्रभावी औषधि है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal waves) और अनुप्रस्थ तरंगों (Transverse waves) के संचरण तथा ध्वनि तरंगों के गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंगें होती हैं जो किसी माध्यम में संपीडन (Compressions) और विरलन (Rarefactions) के रूप में संचरित होती हैं, और लाप्लास के संशोधन के अनुसार माध्यम में ध्वनि का प्रसार एक रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रिया है, समतापीय नहीं। 2. किसी गैस में ध्वनि की चाल माध्यम के दाब पर निर्भर करती है, अतः यदि दाब को दोगुना कर दिया जाए तो ध्वनि की चाल भी दोगुनी हो जाती है, बशर्ते तापमान स्थिर रहे। 3. अनुप्रस्थ तरंगें केवल ठोस पदार्थों और द्रवों की सतह पर ही उत्पन्न की जा सकती हैं क्योंकि गैसों में अपरूपण प्रत्यास्थता (Shear elasticity) का अभाव होता है, जिसके कारण गैसों के भीतर अनुप्रस्थ तरंगों का संचरण संभव नहीं है। 4. जब कोई ध्वनि स्रोत श्रोता की ओर गति करता है, तो श्रोता द्वारा सुनी गई ध्वनि की आवृत्ति का बढ़ जाना 'डॉप्लर प्रभाव' (Doppler effect) कहलाता है, और यह प्रभाव प्रकाश तरंगों के साथ-साथ ध्वनि तरंगों दोनों पर लागू होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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