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General Science
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दाब का मात्रक?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
पास्कल।
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मानव शरीर के तंत्रों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मानव श्वसन तंत्र में, कूपिकाओं (Alveoli) की आंतरिक सतह पर टाइप-II न्यूमोसाइट्स कोशिकाओं द्वारा 'पल्मोनरी सर्फेक्टेंट' (Pulmonary Surfactant) का स्रावण होता है, जो सतही तनाव (Surface Tension) को कम करके अंतःश्वसन के दौरान कूपिकाओं को पिचकने (Collapse) से बचाता है।
2. पाचन तंत्र के अंतर्गत, आमाशय में HCl के सक्रिय होने पर पेप्सिनोजेन निष्क्रिय पेप्सिन में बदलता है, जबकि छोटी आंत के अग्रभाग (ड्योडिनम) में अग्न्याशय द्वारा स्रावित 'ट्रिप्सिनोजेन' आंत की श्लेष्मला द्वारा स्रावित 'एंटेरोकाइनेज' द्वारा सक्रिय ट्रिप्सिन में परिवर्तित होता है।
3. परिसंचरण तंत्र में, निलय के संकुचन (Ventricular systole) के आरंभ में 'प्रथम हृदय ध्वनि' (Lub) का उत्पन्न होना द्विवलनी और त्रिवलनी कपाटों (AV valves) के बंद होने के कारण होता है।
4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में प्रतिवर्ती चाप (Reflex Arc) के मार्ग में, संवेदी न्यूरॉन से आने वाले संकेत रीढ़ की हड्डी के श्वेत द्रव्य (White matter) में स्थित अंतर-न्यूरॉन से गुजरते हुए मोटर न्यूरॉन तक पहुँचते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विलयन और उत्प्रेरण (Solutions and Catalysis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राउल्ट के नियम के अनुसार, किसी अवाष्पशील विलेय युक्त तनु विलयन के लिए वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन विलयन में विलेय के मोल अंश (Mole fraction) के ठीक बराबर होता है, और यह गुण विलेय की रासायनिक प्रकृति पर निर्भर न करके केवल कणों की संख्या पर निर्भर करता है।
2. 'वांट हॉफ गुणांक' ($i$) का मान वैद्युत अपघट्यों के वियोजन (Dissociation) की स्थिति में हमेशा एक से कम होता है, जबकि संगुणन (Association) की स्थिति में इसका मान एक से अधिक होता है।
3. 'विषमांगी उत्प्रेरण' के 'अधिशोषण सिद्धांत' (Adsorption theory) के अनुसार, अभिकर्मक अणु उत्प्रेरक की सतह पर आकर अधिशोषित होते हैं, जिससे उनकी प्रभावी सांद्रता में वृद्धि होती है और अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा ($E_a$) का मान कम हो जाता है।
4. 'एन्जाइम उत्प्रेरण' की क्रियाविधि में 'माइकलिस-मेंटेन नियतांक' ($K_m$) का मान जितना कम होता है, एंजाइम और सब्सट्रेट के बीच की बंधुता (Affinity) उतनी ही अधिक होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण और पादप हारमोन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' (Amphibians) कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें वास्तविक संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) अनुपस्थित होते हैं।
2. जिम्नोस्पर्म (अनावृतबीजी) पौधों में बीज नग्न होते हैं क्योंकि इनमें अंडाशय भित्ति नहीं पाई जाती है, किंतु इन पौधों में द्वितीयक वृद्धि (Secondary growth) का पूर्ण अभाव होता है।
3. जिबरेलिन ($GA_3$) एक अम्लीय पादप हॉर्मोन है जो तने की लंबाई में वृद्धि, आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में पर्णवृंत दीर्गीकरण और अंगूर के डंठल को लंबा करने में सहायता करता है, साथ ही यह बीज प्रसुप्ति (Seed dormancy) को तोड़कर अंकुरण को प्रेरित करता है।
4. ऑक्सिन (जैसे IAA और IBA) का मुख्य संश्लेषण स्थान प्ररोह (Shoot) और जड़ के अग्रभाग का शीर्ष भाग है, और यह पौधों में 'शीर्ष प्रमुखता' (Apical dominance) को बढ़ावा देता है जबकि पार्श्व कलियों की वृद्धि को संदमित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत ऊर्जा संरक्षण, कार्य-ऊर्जा प्रमेय और प्रत्यास्थ तथा अप्रत्यास्थ संघट्ट (Collisions) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी संरक्षी बल (Conservative force) द्वारा किया गया कार्य मार्ग पर निर्भर नहीं करता बल्कि यह केवल वस्तु की प्रारंभिक और अंतिम स्थितियों पर निर्भर करता है, और इस प्रकार के बल के अंतर्गत बंद पथ में किया गया कुल कार्य सदैव शून्य होता है।
2. कार्य-ऊर्जा प्रमेय (Work-Energy Theorem) के अनुसार, किसी वस्तु पर सभी बलों द्वारा किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है, और यह प्रमेय केवल संरक्षी बलों के लिए ही मान्य है, असंरक्षी बलों (जैसे घर्षण) के लिए लागू नहीं होती।
3. एकविमीय पूर्णतः अप्रत्यास्थ संघट्ट (Perfectriz inelastic collision) में गतिज ऊर्जा का पूर्ण संरक्षण होता है, किंतु संवेग का संरक्षण नहीं होता है, और संघट्ट के पश्चात दोनों वस्तुएं एक साथ मिलकर एक ही वेग से गति करती हैं।
4. यदि किसी निकाय पर कोई बाहरी बल आघूर्ण (External torque) शून्य हो, तो उस निकाय का कुल कोणीय संवेग (Angular momentum) संरक्षित रहता है, जो कि कोणीय संवेग संरक्षण के सिद्धांत को दर्शाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) और पादप हार्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं लेकिन लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें मुख्य पादप शरीर बीजाणुकोद्भिद (Sporophyte) होता है जो युग्मकोद्भिद पर पूर्ण रूप से आश्रित रहता है।
2. प्रकाश संश्लेषण के प्रकाश-स्वतंत्र चरण (केल्विन चक्र) के दौरान, कार्बन डाइऑक्साइड का स्थिरीकरण मुख्य रूप से C3 पौधों में RuBisCO एंजाइम द्वारा होता है, जबकि C4 पौधों में यह प्रक्रिया पहले मैलिक एसिड या ऑक्जेलोएसेटिक एसिड के रूप में पर्णमध्योतक (Mesophyll) कोशिकाओं में होती है।
3. ऑक्सिन (Auxin) और जिबरेलिन (Gibberellin) दोनों पादप वृद्धि प्रवर्धक (Growth promoters) हैं, जहाँ ऑक्सिन शीर्ष प्रमुखता (Apical dominance) के लिए उत्तरदायी है, वहीं जिबरेलिन आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में तने की लंबाई में वृद्धि और पर्णरंध्रों को बंद करने को प्रेरित करता है।
4. एब्सिसिक एसिड (ABA) एक पादप वृद्धि inhibitor (संदमक) है जो तनाव हार्मोन के रूप में कार्य करता है, तथा यह सूखे या जल-तनाव की स्थिति में पर्णरंध्रों (Stomata) के बंद होने को प्रेरित करता है ताकि वाष्पोत्सर्जन को कम किया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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