BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
2 views

महासागरीय जलधाराओं और उनकी भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. गल्फ स्ट्रीम (Gulf Stream) एक गर्म जलधारा है जो मैक्सिको की खाड़ी से निकलकर उत्तरी अटलांटिक महासागर से होते हुए यूरोप के पश्चिमी तटों तक पहुँचती है और वहाँ के बंदरगाहों को सर्दियों में भी बर्फ से मुक्त रखती है।
  2. 2. 'लैब्राडोर धारा' (Labrador Current) एक ठंडी जलधारा है जो आर्कटिक महासागर से दक्षिण की ओर प्रवाहित होती है और न्यूफाउंडलैंड के पास गल्फ स्ट्रीम से मिलने के बाद विश्व के सबसे बड़े 'मत्स्यन बैंक' (Grand Banks) का निर्माण करती है।
  3. 3. दक्षिणी गोलार्ध के महासागरों में महासागरीय जलधाराएँ कोरियॉलिस बल के प्रभाव के कारण घड़ी की सुइयों की दिशा में (Clockwise) प्रवाहित होती हैं।
  4. 4. पेरू धारा (Humboldt Current) प्रशांत महासागर में दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट के सहारे बहने वाली एक ठंडी जलधारा है, जिसके कमजोर पड़ने या नष्ट होने से 'अल नीनो' (El Nino) घटना का विकास होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि गल्फ स्ट्रीम उत्तरी अटलांटिक महासागर की एक प्रमुख गर्म जलधारा है, जो उच्च अक्षांशों पर यूरोप के पश्चिमी तट के तापमान को नियंत्रित रखती है। कथन 2 सही है; लैब्राडोर की ठंडी धारा और गल्फ स्ट्रीम की गर्म धारा का मिलन क्षेत्र न्यूफाउंडलैंड के तट के पास 'ग्रैंड बैंक' बनाता है जो प्लवक (Plankton) की प्रचुरता के कारण विश्व का प्रमुख मत्स्यन क्षेत्र है। कथन 3 गलत है क्योंकि कोरियॉलिस बल के कारण उत्तरी गोलार्ध में जलधाराएँ घड़ी की दिशा में (Clockwise) तथा दक्षिणी गोलार्ध में घड़ी की विपरीत दिशा में (Counter-clockwise) प्रवाहित होती हैं। कथन 4 सही है, पेरू तट के पास ठंडी हम्बोल्ट धारा के कमजोर पड़ने पर दक्षिण अमेरिकी तट पर गर्म पानी का फैलाव 'अल नीनो' कहलाता है।
Share:

Related Questions

पृथ्वी के प्रमुख पर्वत, पठार और मरुस्थलों की भू-आकृतिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'कॉलोराडो का पठार' (Colorado Plateau) संयुक्त राज्य अमेरिका के पश्चिम में स्थित एक अंतरपर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) है, जो अपनी क्षैतिज अवसादी चट्टानों और नदियों द्वारा गहरी कटी हुई घाटियों यानी कैन्यन (Canyons), जैसे 'ग्रैंड कैन्यन', के निर्माण के लिए विश्व प्रसिद्ध है। 2. 'पामीर का पठार' (Pamir Knot), जिसे 'विश्व की छत' भी कहा जाता है, टियन शान, कुनलुन, काराकोरम और हिंदूकुश पर्वत श्रेणियों का एक विशाल मिलन बिंदु या पर्वतीय गाँठ है। 3. 'ग्रैंड सेंडी मरुस्थल' (Great Sandy Desert) और 'गिब्सन मरुस्थल' (Gibson Desert) दोनों पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में स्थित उष्णकटिबंधीय बालुकायुक्त और पथरीले मरुस्थल हैं, जो ऑस्ट्रेलियाई शील्ड के अंतर्गत आते हैं। 4. 'दश्त-ए कविर' (Dasht-e Kavir) और 'दश्त-ए लुट' (Dasht-e Lut) ईरान के पठार पर स्थित दो प्रमुख नमकयुक्त और अत्यधिक गर्म मरुस्थल हैं, जिनका निर्माण चारों ओर से उच्च पर्वतमालाओं से घिरे होने के कारण विकसित हुए वृष्टिच्छाया प्रभाव के परिणामस्वरुप हुआ है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनके तापीय तथा भौगोलिक प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'एल निनो' (El Niño) घटना के दौरान भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के पूर्वी और मध्य भाग में सतह के जल का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जो 'पेरू की ठंडी जलधारा' (Humboldt Current) के प्रभाव को कमजोर कर देता है और दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर भारी वर्षा तथा मत्स्य उद्योग में भारी गिरावट का कारण बनता है। 2. उत्तरी अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली 'गल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream) और 'नार्थ अटलांटिक ड्रिफ्ट' के प्रभाव के कारण पश्चिमी यूरोप के बंदरगाह उच्च अक्षांशों पर स्थित होने के बावजूद शीतकाल में भी जमता नहीं है और खुले रहते हैं। 3. 'कैनेरी जलधारा' (Canary Current) उत्तरी अटलांटिक महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो अफ्रीका के उत्तर-पश्चिमी तट के सहारे प्रवाहित होती है और इसके प्रभाव से सहारा मरुस्थल के तटीय क्षेत्रों में वर्षा की मात्रा में वृद्धि होती है तथा आर्द्र जलवायु का विकास होता है। 4. महासागरीय जलधाराओं के संचलन में पृथ्वी का घूर्णन और 'कोरिऑलिस बल' (Coriolis Force) प्रमुख भूमिका निभाते हैं, जिसके कारण ये जलधाराएँ उत्तरी गोलार्ध में अपनी मूल दिशा से दाईं ओर (घड़ी की सुई की दिशा में - Clockwise) और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर (घड़ी की सुई की विपरीत दिशा में - Counter-clockwise) विक्षेपित हो जाती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? भारतीय मानसून की उत्पत्ति, उसकी क्रियाविधि और वर्षा के स्थानिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'जेट स्ट्रीम सिद्धांत' के अनुसार, ग्रीष्मकाल में उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम (Tropical Easterly Jet Stream) का तिब्बत के पठार के ऊपर उत्पन्न होना और भारतीय उपमहाद्वीप पर ऊपरी क्षोभमंडल में प्रवाहित होना दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन और उसके सक्रिय होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 2. भारतीय मानसून की वर्षा का स्थानिक वितरण काफी असमान है; जहाँ पश्चिमी घाट के पवन-विमुखी (Leeward) ढलान और मेघालय के पठारी क्षेत्र (मासिनराम/चेरापूंजी) में अत्यधिक वर्षा होती है, वहीं अरावली पर्वतमाला की वृष्टि-छाया (Rain-shadow) स्थिति के कारण राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसूनी वर्षा बहुत कम होती है। 3. 'अल नीनो' (El Niño) घटना, जो प्रशांत महासागर में पेरू के तट के पास सतही जल के असामान्य रूप से गर्म होने से जुड़ी है, भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की हवाओं को और अधिक मजबूत करती है जिससे देश में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की जाती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मानसून का पीछे हटना (Retreating Monsoon) या उत्तर-पूर्वी मानसून मुख्य रूप से शरद ऋतु में होता है, जिसके दौरान तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों (कोरोमंडल तट) में शीतकालीन वर्षा प्राप्त होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत के प्रमुख हिमालयी और प्रायद्वीपीय दर्रों तथा उनकी अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'बुर्जिला दर्रा' (Burzil Pass) कश्मीर घाटी को लद्दाख के देवसाई मैदानों से जोड़ਦਾ है, जबकि 'काराकोरम दर्रा' लद्दाख क्षेत्र में काराकोरम श्रेणी पर स्थित भारत का सबसे ऊँचा मोटर योग्य दर्रा है जो भारत को चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ता है। 2. हिमाचल प्रदेश में स्थित 'शिपकी ला दर्रा' जास्कर रेंज में अवस्थित है, जिसके निकट से सतलुज नदी भारत में प्रवेश करती है, तथा यह शिमला को तिब्बत से जोड़ने वाला एक प्रमुख व्यापारिक मार्ग है। 3. अरुणाचल प्रदेश में स्थित 'बोमडिला दर्रा' तवांग घाटी को ल्हासा (तिब्बत) से जोड़ता है, जबकि 'दीफू दर्रा' (Diphu Pass) अरुणाचल प्रदेश, म्यांमार और चीन की त्रि-संधि (Tri-junction) सीमा के निकट पूर्वी हिमालय में स्थित एक रणनीतिक दर्रा है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार दक्षिण भारत के पश्चिमी घाट में स्थित 'पालघाट दर्रा' (Palakkad Gap) नीलगिरी और अन्नामलाई पहाड़ियों के बीच स्थित एक प्रमुख अंतराल है, जो कोच्चि को चेन्नई से जोड़ने वाली रेल और सड़क मार्ग को सुगम बनाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'कुरोशियो जलधारा' (Kuroshio Current) प्रशांत महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो फिलीपींस के तट से उत्तर की ओर बहती हुई जापान के पूर्वी तट तक पहुँचती है और इसे 'जापान की काली धारा' भी कहा जाता है। 2. 'फॉकलैंड जलधारा' (Falkland Current) अटलांटिक महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो अंटार्कटिका की ओर से उत्तर की ओर प्रवाहित होकर दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट (अर्जेंटीना) के सहारे बहती है। 3. 'लैब्राडोर जलधारा' (Labrador Current) उत्तरी अटलांटिक महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो बैफिन खाड़ी से दक्षिण की ओर प्रवाहित होती है और गल्फ स्ट्रीम से मिलकर 'ग्रैंड बैंक' के पास घने कोहरे का निर्माण करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.