त्वरित लिंक्स
Geography
1 views
सौर मंडल के ग्रहों, उनकी आंतरिक संरचना और खगोलीय पिंडों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बृहस्पति (Jupiter) का सबसे बड़ा उपग्रह 'गैनीमेड' (Ganymede) हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह है, जो आकार में बुध ग्रह से भी बड़ा है और इसका अपना चुंबकीय क्षेत्र भी पाया जाता है।
- 2. शुक्र (Venus) और मंगल (Mars) दोनों ग्रहों के वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) की मात्रा 95% से अधिक है, जिसके कारण शुक्र ग्रह पर अत्यधिक ग्रीनहाउस प्रभाव के कारण सतह का तापमान सौर मंडल में सर्वाधिक रहता है।
- 3. 'क्षुद्रग्रह पेटी' (Asteroid Belt) में स्थित 'वेस्ला' (Vesta) एकमात्र ऐसा क्षुद्रग्रह है जिसे बिना किसी खगोलीय दूरबीन की सहायता के केवल नग्न आँखों से पृथ्वी से स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
- 4. शनि (Saturn) का उपग्रह 'टाइटन' (Titan) सौर मंडल का दूसरा सबसे बड़ा उपग्रह है, और इसका सघन नाइट्रोजन-प्रधान वायुमंडल तथा सतह पर मीथेन के द्रव झीलें होने के कारण यह पृथ्वी के अलावा जीवन की संभावनाओं का एक अन्य प्रमुख केंद्र माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि गैनीमेड (Ganymede) बृहस्पति का सबसे बड़ा उपग्रह है और यह सौर मंडल का सबसे बड़ा उपग्रह होने के साथ-साथ आकार में बुध ग्रह से भी बड़ा है, साथ ही इसमें अपना आंतरिक चुंबकीय क्षेत्र भी मौजूद है। कथन 2 सही है क्योंकि शुक्र और मंगल दोनों के वायुमंडल में लगभग 95-96% कार्बन डाइऑक्साइड पाई जाती है; शुक्र पर इसका घना आवरण भगोड़ा ग्रीनहाउस प्रभाव (Runaway Greenhouse Effect) पैदा करता है जिससे यह सबसे गर्म ग्रह बनता है। कथन 3 गलत है क्योंकि 'वेस्ला' (4 Vesta) क्षुद्रग्रह पेटी का एकमात्र ऐसा क्षुद्रग्रह है जो कभी-कभी बहुत अनुकूल परिस्थितियों में नग्न आँखों से देखा जा सकता है, परंतु सामान्यतः क्षुद्रग्रह पेटी के अन्य पिंडों या इसके सामान्य वर्गीकरण के संदर्भ में यह विकल्प तथ्यात्मक रूप से यूपीएससी के मानक अनुसार त्रुटिपूर्ण है क्योंकि वेस्ला के अलावा भी कुछ दुर्लभ क्षणों में चमक देखी जाती है, लेकिन पारंपरिक और आधिकारिक रूप से केवल वेस्ला को ही एकमात्र नग्न आँखों से दिखने वाला क्षुद्रग्रह माना जाता है? यहाँ ध्यान दें कि वेस्ला को नग्न आँखों से देखा जा सकता है, किंतु खगोलीय संदर्भ में कथन 3 को आयोग अक्सर भ्रामक या आंशिक रूप से अपवादस्वरूप मानता है; इसके बजाय यदि हम मानक तथ्यों को देखें तो केवल 'वेस्ला' ही मुख्य बेल्ट का एकमात्र ऐसा क्षुद्रग्रह है जो बिना दूरबीन के दिख सकता है, फिर भी समग्र रूप से कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 3 अत्यधिक विशिष्ट होने के कारण गलत माना जाता है। विकिपीडिया संदर्भ। कथन 4 सही है क्योंकि टाइटन (Titan) शनि का सबसे बड़ा और सौर मंडल का दूसरा सबसे बड़ा उपग्रह है, जिस पर नाइट्रोजन का सघन वायुमंडल और तरल हाइड्रोकार्बन (मीथेन/इथेन) की झीलें पाई जाती हैं।
Related Questions
→
भारत में सिंचाई पद्धतियों, कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) और प्रमुख फसलों के वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सूक्ष्म सिंचाई (Micro-irrigation) के अंतर्गत ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणालियों को शामिल किया जाता है, जो जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) को अधिकतम करती हैं तथा पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में भूजल स्तर में तेजी से हो रही गिरावट को रोकने के लिए अत्यधिक प्रभावी मानी जाती हैं।
2. भारत का कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय देश को कुल 15 प्रमुख कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित करता है, जिसका मुख्य आधार तापमान, मृदा प्रकार, वर्षा और स्थलाकृति जैसी भौगोलिक विशेषताएं हैं।
3. 'धान की गहनता प्रणाली' (System of Rice Intensification - SRI) कम पानी के उपयोग, पौधों के कम घनत्व और जैविक खादों के प्रयोग पर जोर देती है, जिससे पारंपरिक बाढ़ सिंचाई पद्धति की तुलना में पानी की खपत कम होती है और पैदावार में वृद्धि होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में कुल बोए गए क्षेत्र का सबसे बड़ा हिस्सा चावल (Paddy) की कृषि के अंतर्गत आता है, और इसके उत्पादन में पश्चिम बंगाल देश का अग्रणी राज्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
विश्व के महाद्वीपों, देशों की राजधानियों और उनकी भू-आकृतिक सीमाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के अंदर स्थलीय रूप से पूरी तरह घिरे हुए (Landlocked) देश केवल पराग्वे और बोलीविया हैं, जिनकी सीमाएँ किसी भी महासागर या खुले समुद्र से नहीं मिलती हैं।
2. 'रेडक्लिफ रेखा' (Radcliffe Line) केवल भारत और पाकिस्तान के बीच की सीमा को निर्धारित करती है, और 1947 के विभाजन के समय इसका पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) की सीमा निर्धारण से कोई संबंध नहीं था।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'डूरंड रेखा' वर्तमान में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच स्थित है, जबकि एशिया और यूरोप की भौगोलिक सीमा को अलग करने वाली प्रमुख पर्वत श्रृंखलाओं में 'यूराल पर्वत' और 'काकेशस पर्वत' शामिल हैं।
4. अफ्रीका महाद्वीप में स्थित 'बुर्किना फासो' (Burkina Faso) की राजधानी वागाडुगु है, और यह देश चारों तरफ से भूमि से घिरा हुआ (Landlocked) एक साहेल क्षेत्र का देश है जो पश्चिम अफ्रीका में स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत के अपवाह तंत्र (Drainage System) के संदर्भ में, हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की संरचना, उनके उगम और प्रवाह प्रतिरूप (Drainage Patterns) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी अपवाह तंत्र की अधिकांश नदियाँ पूर्ववर्ती (Antecedent) अपवाह का उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जिसका अर्थ है कि ये नदियाँ हिमालय के उत्थान से पहले से विद्यमान थीं और उत्थान के साथ-साथ गहरी घाटियों व गार्ज का निर्माण करती रहीं।
2. प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ 'वृक्षाकार' (Dendritic) अपवाह प्रतिरूप का सबसे अच्छा प्रतिनिधित्व करती हैं, जबकि पश्चिमी घाट के कगार के पास उत्पन्न होने वाली नदियाँ प्रायः 'अरेबियन सी ड्रेनेज' के अंतर्गत 'रेडियल' (Radial) और 'जालीनुमा' (Trellis) प्रतिरूप का निर्माण करती हैं।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रायद्वीपीय नदियों में नर्मदा और तापी नदियाँ अपवाद स्वरूप पूर्व की ओर बहने के बजाय पश्चिमी दिशा में प्रवाहित होती हैं और खंभात की खाड़ी में गिरते समय ज्वारनदमुख (Estuary) का निर्माण करती हैं, क्योंकि वे प्राचीन विवर्तनिक भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) का अनुसरण करती हैं।
4. कोसी नदी को 'बिहार का शोक' कहा जाता है, जो नेपाल से निकलकर गंगा में मिलने से पहले अपने मार्ग में अत्यधिक पार्श्व अपरदन (Lateral Erosion) और भयंकर मार्ग परिवर्तन (Avulsion) के लिए विश्वविख्यात है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत की मृदा प्रणालियों और उनके विशिष्ट वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल और पीली मृदा का विकास मुख्य रूप से दक्कन पठार के पूर्वी और दक्षिणी भागों में रवेदार आग्नेय चट्टानों पर कम वर्षा वाले क्षेत्रों में होता है, तथा जल के साथ मिलने पर लौह ऑक्साइड के जलयोजन (Hydration) के कारण यह पीले रंग में परिवर्तित हो जाती है।
2. शुष्क और मरुस्थलीय मृदाओं (Arid Soils) का विस्तार मुख्य रूप से अरावली के पश्चिम में थार मरुस्थल क्षेत्र में पाया जाता है, जिनमें ह्यूमस और नाइट्रोजन की मात्रा नगण्य तथा कैल्शियम कार्बोनेट की अधिकता के कारण नीचे की परतों में 'कंकड़' की परत पाई जाती है।
3. पीट और दलदली मृदाएँ (Peaty and Marshy Soils) भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में मृत कार्बनिक पदार्थों के बड़े पैमाने पर संचय से विकसित होती हैं, जिनमें पोटाश और फॉस्फोरस की प्रचुरता होती है, जिससे ये मृदाएँ धान की खेती के लिए सबसे कम उपजाऊ मानी जाती हैं।
4. पर्वतीय और वन मृदाएँ (Forest and Mountain Soils) मुख्य रूप से हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाती हैं, जहाँ ढाल के अनुसार इनकी बनावट में भिन्नता पाई जाती है, तथा घाटियों के निचले हिस्सों में ये मृदाएँ अधिक उपजाऊ और अम्लीय प्रकृति की होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
वाष्पीकरण, संघनन के प्रकार और विभिन्न प्रकार की वर्षा (Rainfall Types) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'संवहनीय वर्षा' (Convectional Rainfall) मुख्य रूप से भूमध्यरेखीय क्षेत्रों और उष्णकटिबंधीय भागों में प्रतिदिन दोपहर के बाद कपाशावर्षा मेघों (Cumulonimbus Clouds) के विकास के कारण होती है, जिसमें गर्जन और चमक के साथ भारी वर्षा होती है।
2. 'पर्वतीय वर्षा' (Orographic Rainfall) के समय, जब आर्द्र पवनें किसी पर्वत श्रृंखला से टकराकर ऊपर उठती हैं और ठंडी होती हैं, तो पर्वत के 'पवन-विमुख ढाल' (Leeward side) पर सबसे अधिक वर्षा होती है, जबकि दूसरे ढाल पर वर्षा की कमी हो जाती है।
3. 'वाष्पोत्सर्जन' (Transpiration) पौधों की पत्तियों के रंध्रों (Stomata) के माध्यम से जल के वाष्प के रूप में वायुमंडल में छोड़ने की प्रक्रिया है, जो कुल वायुमंडलीय आर्द्रता में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.