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आयनन ऊर्जा आवर्त सारणी में दाएं जाने पर?

Detailed Explanation

नाभिकीय आकर्षण बढ़ने से इलेक्ट्रॉन निकालना कठिन होता है।
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→ विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों (Colligative properties) और उत्प्रेरण (Catalysis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन (Relative lowering of vapour pressure), हिमांक अवनमन और क्वथनांक उन्नयन सभी अणुसंख्यक गुणधर्म हैं, जो विलयन में उपस्थित विलेय के कणों की कुल संख्या पर निर्भर करते हैं, न कि उनकी रासायनिक प्रकृति पर। 2. वैनट Hoff गुणांक ($i$) का मान वास्तविक कणों की कुल संख्या तथा वियोजन या संघनन से पहले के कणों की कुल संख्या का अनुपात होता है, और किसी वैद्युत अपघट्य के पूर्ण वियोजन की स्थिति में $i$ का मान उसमें उत्पन्न होने वाले कुल आयनों की संख्या के बराबर होता है। 3. विषमांगी उत्प्रेरण (Heterogeneous catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारकों की भौतिक अवस्थाएँ भिन्न होती हैं, और इस प्रक्रम की क्रियाविधि मुख्य रूप से 'अधिषोषण सिद्धांत' (Adsorption theory) पर आधारित है, जिसमें अभिकारक उत्प्रेरक की सतह पर अधिशोषित होकर सक्रिय संकुल बनाते हैं। 4. एंजाइम उत्प्रेरण (Enzyme catalysis) अत्यधिक विशिष्ट और उच्च तापमान (लगभग 310K-370K) पर सबसे अधिक प्रभावी होते हैं, तथा किसी भी स्थिति में तापमान बढ़ाने पर एंजाइम की उत्प्रेरक सक्रियता अनंन्त काल तक बढ़ती जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? → रक्त का pH? → तरलों के यांत्रिकी गुणों और उनके व्यवहार—विशेषकर पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत—के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव (Surface tension) अणुओं के बीच प्रभावी संसंजक बलों (Cohesive forces) के कारण उत्पन्न होता है, और जब किसी द्रव में कोई अल्प विलेय अशुद्धि जैसे सर्फेक्टेंट मिलाई जाती है, तो यह पृष्ठ को आंशिक रूप से ढंककर द्रव के पृष्ठ तनाव को काफी हद तक कम कर देती है। 2. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) द्रवों में आंतरिक घर्षण का माप है, और जहाँ गैसों की श्यानता तापमान में वृद्धि के साथ घटती है, वहीं द्रवों की श्यानता तापमान में वृद्धि के साथ बढ़ती है क्योंकि उच्च तापमान पर द्रवों के अणुओं की गतिज ऊर्जा बढ़ने से संसंजक बल मजबूत हो जाते हैं। 3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी तरल में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोया जाता है, तो वह वस्तु अपने द्वारा विस्थापित तरल के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल का अनुभव करती है, और यह उत्प्लावन बल विस्थापित तरल के गुरुत्व केंद्र (Centre of gravity) पर कार्य करता है, न कि डूबे हुए भाग के द्रव्यमान केंद्र पर। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → मानव शरीर में 'कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स' (Oral Contraceptive Pills) में प्रयुक्त होने वाले सिंथेटिक प्रोजेस्टोजेन और एस्ट्रोजन के संयोजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ये गोलियाँ मुख्य रूप से डिंबोत्सर्जन (Ovulation) को रोकती हैं और गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) के बलगम (Mucus) को गाढ़ा कर देती हैं ताकि शुक्राणुओं का प्रवेश अवरुद्ध हो सके। 2. ये गोलियाँ गर्भाशय के एंडोमेट्रियम (Endometrium) को इस प्रकार परिवर्तित करती हैं कि वह निषेचित अंडाणु के रोपण (Implantation) के लिए अनुपयुक्त हो जाता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और चुम्बकत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम के अनुसार, किसी बंद परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय दर के अनुक्रमानुपाती होता है। 2. लेंज का नियम (Lenz's law) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का एक प्रत्यक्ष परिणाम है, जो यह बताता है कि प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिसके कारण वह स्वयं उत्पन्न होती है। 3. स्वप्रेरणा (Self-induction) किसी कुंडली का वह गुण है जिसके कारण वह कुंडली से गुजरने वाली धारा के परिवर्तन का विरोध करती है, और इसका एसआई मात्रक 'वेबर प्रति ऐम्पियर' या 'हेनरी' होता है। 4. भंवर धाराएँ (Eddy currents) किसी चालक के भीतर परिवर्तित चुंबकीय फ्लक्स के कारण उत्पन्न होने वाली प्रेरित चक्रीय धाराएँ हैं, जिनका उपयोग विद्युत ब्रेक (Magnetic braking) और प्रेरण भट्टी (Induction furnace) जैसी तकनीकों में किया जाता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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