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Geography
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सौर मंडल, ग्रहों की गति और खगोलीय पिंडों की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. केपलर के ग्रहों की गति के द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) के अनुसार, किसी ग्रह को सूर्य से मिलाने वाली रेखा समान समय में समान क्षेत्रफल तय करती है, जिसका अर्थ है कि जब ग्रह सूर्य के निकट (उपसौर/Perihelion) होता है, तो उसकी कक्षीय चाल अधिकतम होती है।
- 2. आंतरिक ग्रह (पार्थिव ग्रह) मुख्य रूप से चट्टानों और धातुओं से बने होते हैं, जिनका घनत्व अधिक होता है और उनके उपग्रहों की संख्या बाह्य ग्रहों (जोवियन ग्रहों) की तुलना में बहुत कम या शून्य होती है, जैसा कि बुध और शुक्र के पास कोई प्राकृतिक उपग्रह नहीं है।
- 3. क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) मुख्य रूप से बृहस्पति और शनि ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित होती है, जहाँ हज़ारों छोटे चट्टानी पिंड सूर्य की परिक्रमा करते हैं।
- 4. पुच्छल तारे (Comets) के सिर का चमकीला भाग और उसकी पूँช हमेशा सूर्य की दिशा की ओर इंगित करती है, क्योंकि सौर पवनें (Solar Winds) और विकिरण दाब गैसों को सूर्य की तरफ खींचते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: जोहान्स केपलर के द्वितीय नियम के अनुसार, क्षेत्रफलीय चाल नियत रहती है। जब ग्रह उपसौर (Perihelion) पर होता है, तो वह सूर्य के सबसे पास होता है और उसकी गति तीव्रतम होती है। कथन 2 सही है: बुध और शुक्र ऐसे आंतरिक ग्रह हैं जिनका कोई प्राकृतिक उपग्रह नहीं है, तथा पार्थिव ग्रहों का घनत्व जोवियन ग्रहों की तुलना में अधिक होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि क्षुद्रग्रह पेटी मंगल (Mars) और बृहस्पति (Jupiter) की कक्षाओं के बीच स्थित है, न कि बृहस्पति और शनि के बीच। कथन 4 गलत है क्योंकि पुच्छल तारे की पूँछ हमेशा सूर्य से **दूर** (विपरीत दिशा में) होती है, न कि सूर्य की ओर, जिसका मुख्य कारण सौर पवन और सौर विकिरण का दबाव है। ब्रह्माण्ड और खगोलीय पिंडों के बारे में अधिक जानने के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
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भारत की जनगणना 2011 के अंतिम आंकड़ों और मानवजातीय (Racial) विन्यास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की जनसंख्या के मानवजातीय वर्गीकरण के लिए प्रख्यात मानवविज्ञानी बी.एस. गुहा (B.S. Guha) ने देश की आबादी को छह मुख्य नस्लीय समूहों में विभाजित किया है, जिसमें 'नॉर्डिक' (Nordic) नस्ल के लोग मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम भारत और पंजाब-हरियाणा क्षेत्र में पाए जाते हैं, जबकि 'डिनारिक' (Dinaric) समूह के लोग पश्चिमी बंगाल, कर्नाटक और कुर्ग क्षेत्रों में अधिक केंद्रित हैं।
2. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में कुल जनसंख्या का लगभग 68.8% हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करता है, तथा देश में 'बिहार' राज्य ने ग्रामीण जनसंख्या का सर्वाधिक प्रतिशत दर्ज किया है, जबकि गोवा राज्य में ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत सबसे कम है।
3. वर्ष 2011 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कुल 'अनुसूचित जनजाति' (Scheduled Tribes - ST) की आबादी देश की कुल जनसंख्या का लगभग 8.6% है, जिसमें मध्य प्रदेश राज्य में अनुसूचित जनजातियों की कुल संख्या (Absolute population) सबसे अधिक दर्ज की गई थी।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, 2011 की जनगणना में भारत का कुल साक्षरता अनुपात 74.04% था, जिसमें पुरुष साक्षरता 82.14% और महिला साक्षरता 65.46% दर्ज की गई थी, और लक्षद्वीप संघ राज्य क्षेत्र ने सर्वाधिक महिला साक्षरता दर वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का डूबा हुआ विस्तारित भाग होता है, जिसकी औसत प्रवणता अत्यंत कम होती है और यह क्षेत्र विश्व के सबसे समृद्ध मतस्यन (Fishing) क्षेत्रों के रूप में जाने जाते हैं।
2. 'दैनिक ज्वार' (Diurnal Tide) वह ज्वार है जो किसी स्थान पर 24 घंटे और 52 मिनट की अवधि में एक बार आता है, जिसमें एक उच्च ज्वार और एक निम्न ज्वार शामिल होता है, और यह स्थिति पृथ्वी के अपकेंद्रीय बल तथा चंद्रमा के खिंचाव के कारण उत्पन्न होती है।
3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) हिंद महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ती है और यह सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) तथा मलय प्रायद्वीप के बीच स्थित विश्व की सबसे लंबी जलसंधियों में से एक है।
4. 'जिब्राल्टर जलसंधि' (Strait of Gibraltar), जिसे 'भूमध्यसागर की कुंजी' कहा जाता है, अटलांटिक महासागर को भूमध्यसागर से जोड़ती है और यूरोप में स्पेन को अफ्रीका में मोरक्को से अलग करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की जलवायु और दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्पत्ति तथा इसके विभिन्न घटकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. तिब्बत का पठार गर्मियों में अत्यधिक गर्म होकर एक विशाल थर्मल लो-PRESSURE (निम्न वायुदाब) केंद्र के रूप में कार्य करता है, जो दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाओं को विषुवत रेखा पार करने के बाद फेरेल के नियम के कारण दक्षिण-पश्चिम दिशा में मुड़ने के लिए आकर्षित करता है।
2. 'अल-निनो' (El Nino) घटना के दौरान पश्चिमी प्रशांत महासागर (ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया के तट पर) में वायुदाब बढ़ जाता है और पूर्वी प्रशांत महासागर (पेरू के तट पर) में निम्न वायुदाब विकसित हो जाता है, जिससे भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून की वर्षा में वृद्धि होती है।
3. 'मैडेन-जुलियन ओसिलेशन' (MJO) एक उष्णकटिबंधीय मौसम घटना है जो पूर्व की ओर बढ़ने वाले बादलों और वर्षा के पल्स (Pulses) के रूप में होती है, और इसका सक्रिय चरण (Active Phase) भारत में मानसून की सक्रियता और झमाझम वर्षा को बढ़ाने में मदद करता है।
4. जेट स्ट्रीम (Jet Streams), विशेष रूप से ग्रीष्मकाल में उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम (Tropical Easterly Jet Stream), प्रायद्वीपीय भारत के ऊपर स्थापित होकर मानसून के फटने (Burst of Monsoon) और हवाओं को बंगाल की खाड़ी तथा अरब सागर से उत्तर भारत की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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सौर मण्डल के ग्रहों, उनकी गति और खगोलीय पिंडों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सभी ग्रह सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार (Elliptical) कक्षाओं में परिक्रमा करते हैं, और केप्लर के द्वितीय नियम (Law of Areas) के अनुसार जब कोई ग्रह सूर्य के निकट होता है (उपसौर/Perihelion), तो उसकी कक्षीय चाल न्यूनतम हो जाती है।
2. 'शुक्र' (Venus) और 'अरुण' (Uranus) हमारे सौर मण्डल के ऐसे दो ग्रह हैं जो अन्य अधिकांश ग्रहों के विपरीत पूर्व से पश्चिम (Clockwise/दक्षिणावर्त) दिशा में अपने अक्ष पर घूर्णन करते हैं।
3. क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) मुख्य रूप से मंगल (Mars) और बृहस्पति (Jupiter) ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित है, जहाँ छोटे-छोटे चट्टानी पिंड सूर्य की परिक्रमा करते हैं, और इसी पेटी से बाहर निकलने वाले पिंडों को 'उल्कापिंड' (Meteoroids) कहा जाता है जो पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने पर जल उठते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारतीय मृदाओं के भौगोलिक वितरण, खनिज संगठन और उनके रासायनिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'काली मृदा' (Black Soil), जिसे स्थानीय रूप से 'रेगुर' या 'कपास मृदा' कहा जाता है, का निर्माण मुख्य रूप से दक्कन ट्रैप के बेसाल्टिक लावा के अपक्षय से हुआ है, जिसमें टिटैनिफेरस मैग्नेटाइट की उपस्थिति के कारण इसका रंग काला होता है और इसमें 'स्वतः जुताई' (Self-ploughing) का विशेष गुण पाया जाता है।
2. 'लैटेराइट मृदा' (Laterite Soil) उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में निक्षालन (Leaching) की तीव्र प्रक्रिया के परिणाम The रूप में विकसित होती है, जिसमें सिलिका का निक्षालन हो जाने के कारण आयरन और एल्युमिनियम के ऑक्साइड्स शेष बच जाते हैं, जिससे यह अम्लीय प्रकृति की हो जाती है।
3. 'जलोढ़ मृदा' (Alluvial Soil), जो देश के कुल क्षेत्रफल का सबसे बड़ा हिस्सा कवर करती है, को आयु के आधार पर 'भाबर', 'तराई', 'बांगर' और 'खदर' में विभाजित किया जाता है, जिसमें पुरानी जलोढ़ 'बांगर' में कैल्शियम कार्बोनेट की अशुद्धियाँ पाई जाती हैं जिन्हें 'कंकड़' कहा जाता है।
4. 'लाल और पीली मृदा' (Red and Yellow Soils) का प्रसार मुख्य रूप से पश्चिमी घाट के वृष्टि-छाया क्षेत्रों और प्रायद्वीपीय पठार के पूर्वी भागों में पाया जाता है, जहाँ फेरिक ऑक्साइड के जलयोजन (Hydration) के कारण यह नीचे की परतों में पीले रंग की दिखाई देती है, जबकि ऊपरी सतह पर यह ऑक्सीकृत होकर लाल हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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