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Geography
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पृथ्वी के वायुमंडल की संरचना, तापमान की ऊर्ध्वाधर प्रवणता तथा वायुदाब पेटियों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. क्षोभमंडल (Troposphere) की सीमा पर स्थित 'ट्रोपोपॉज़' (Tropopause) पर तापमान भूमध्य रेखा के ऊपर सबसे कम (लगभग -80°C) और ध्रुवों के ऊपर अपेक्षाकृत अधिक (-45°C) होता है, जिसका प्रमुख कारण भूमध्य रेखा पर संवहन धाराओं का अधिक ऊँचाई तक पहुँचना है।
- 2. समताप मंडल (Stratosphere) में ओजोन के अणु सूर्य की पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करते हैं जिससे तापीय प्रतिलोमन (Temperature Inversion) की स्थिति उत्पन्न होती है और इस परत के ऊपरी छोर (स्ट्रैटोपॉज़) पर तापमान बढ़कर लगभग 0°C तक पहुँच जाता है।
- 3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts) पूर्णतः तापीय रूप से प्रेरित (Thermally Induced) पेटियाँ हैं, जो अत्यधिक शीत के कारण ध्रुवीय क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाओं के संचयन से भूमध्य रेखा की ओर बैठती हैं।
- 4. ऑरोरा बोरियालिस (Aurora Borealis) और ऑरोरा ऑस्ट्रेलिस (Aurora Australis) जैसी रंगबिरंगी खगोलीय परिघटनाएँ मध्यमंडल (Mesosphere) की ऊपरी सीमा पर सौर पवनों के आवेशित कणों की अन्योन್ಯक्रिया के कारण घटित होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: क्षोभमंडल की मोटाई भूमध्य रेखा पर सर्वाधिक (16-18 किमी) होती है और यहाँ संवहन धाराओं का प्रभाव बहुत तीव्र होता है, जिसके कारण ट्रोपोपॉज़ पर तापमान गिरकर -80°C तक हो जाता है, जबकि ध्रुवों पर यह लगभग -45°C होता है। कथन 2 सही है: समताप मंडल में ओजोन परत द्वारा पराबैंगनी किरणों के अवशोषण के कारण ऊँचाई बढ़ने पर तापमान बढ़ता है (तापीय प्रतिलोमन), जिससे स्ट्रैटोपॉज़ पर तापमान 0°C तक पहुँच जाता है। कथन 3 गलत है: उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ 'गतिक रूप से प्रेरित' (Dynamically Induced) होती हैं, न कि तापीय, क्योंकि इनका निर्माण पृथ्वी के घूर्णन और विषुवत वृत्त से उठने वाली हवाओं के नीचे बैठने से होता है। कथन 4 गलत है: ऑरोरा (ध्रुवीय ज्योति) की परिघटना मध्यमंडल में नहीं, बल्कि थर्मोस्फीयर (आयनमंडल) में घटित होती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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विश्व के देशों, उनकी राजधानियों और भौगोलिक सीमा रेखाओं के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. ड्यूरैंड रेखा (Durand Line) - अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच निर्धारित सीमा रेखा
2. पामोइर रेखा (Pamir Line) - तजिकिस्तान और चीन के बीच पामीर गाँठ से गुजरने वाली सीमा
3. मैकिनटॉश रेखा (MacIntosh Line) - संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के बीच रॉकी पर्वत क्षेत्र में सीमा
4. ब्यूनस आयर्स (Buenos Aires) - उरुग्वे नदी के मुहाने पर स्थित अर्जेंटीना की राजधानी
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूकंपीय तरंगों के संचरण तथा शैलों (Rocks) के वर्गीकरण और उनके कायांतरण (Metamorphism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुटेनबर्ग असंबद्धता (Gutenberg Discontinuity) निचले मेंटल और बाह्य क्रोड के बीच स्थित है, जहाँ प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक भारी गिरावट आती है और द्वितीयक तरंगें (S-waves) पूरी तरह से विलुप्त (Absorb) हो जाती हैं।
2. अवसादी शैल (Sedimentary Rocks) का निर्माण पृथ्वी के धरातल पर तलछटों के निक्षेपण, संपीड़न और समेकन (Lithification) के फलस्वरूप होता है, और इन शैलों की विशेषता यह है कि इनमें परतें (Strata) पाई जाती हैं तथा इनमें प्राचीन वनस्पतियों और जीवों के जीवाश्म (Fossils) सुरक्षित रहते हैं।
3. क्षेत्रीय कायांतरण (Regional Metamorphism) की प्रक्रिया के अंतर्गत अत्यधिक संपीडन और ऊष्मा के कारण 'ग्रेनाइट' शैल का कायांतरण होकर 'क्वार्ट्जाइट' में परिवर्तन होता है, जबकि 'शेल' (Shale) का रूपांतरण 'सिस्ट' या 'स्लेट' के रूप में होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी का क्रोड (Core) मुख्य रूप से निकल और लोहे से निर्मित होने के कारण 'निफे' (NIFE) कहलाता है, और इसका बाह्य क्रोड तरल अवस्था में है जबकि आंतरिक क्रोड अत्यधिक दाब के कारण ठोस अवस्था में पाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी उत्पत्ति और विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में मिलने वाला अधिकांश कोयला 'गोंडवाना क्रम' की चट्टानों से प्राप्त होता है, जो दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियों में संकेंद्रित है, तथा इस कोयले में सल्फर की मात्रा कम और राख (Ash) की मात्रा अधिक होती है।
2. देश में पाए जाने वाले परमाणु खनिजों में 'यूरेनियम' के प्रमुख निक्षेप झारखंड के सिंहभूम ताम्र मेखला के साथ-साथ आंध्र प्रदेश के तुमलापल्ली और मेघालय के डोमथियआत क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
3. भारत के अपतटीय पेट्रोलियम क्षेत्रों में 'मुंबई हाई' (Mumbai High) देश का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है, जहाँ तेल का निष्कर्षण मुख्य रूप से ऑलिगोसीन और मियोसीन काल की बलुआ पत्थर (Sandstone) संरचनाओं से किया जाता है।
4. पेट्रोलियम संसाधनों के अंतर्गत असम का डिगबोई क्षेत्र भारत का सबसे पुराना निरंतर कार्यरत तेल क्षेत्र है, जबकि देश का अधिकांश प्राकृतिक गैस भंडार मुख्य रूप से कृष्णा-गोदबारी (KG) बेसिन और मुंबई अपतटीय क्षेत्रों में केंद्रित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की जनगणना, जनसंख्या वितरण और मानवजातियों (Races) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बी.एस. गुहा (B.S. Guha) द्वारा भारत के मानवशास्त्रीय वर्गीकरण के अनुसार, 'निग्रिटो' (Negrito) भारत की सबसे प्राचीन जातियों में से एक हैं, जो वर्तमान में मुख्य रूप से केरल के वायनाड, तमिलनाडु के नीलगिरि और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की जनजातियों जैसे कि ओंगे और जारवा में पाई जाती हैं।
2. भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार, देश की कुल जनसंख्या का लगभग 68.8% हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करता है, और ग्रामीण जनसंख्या का उच्चतम प्रतिशत हिमाचल प्रदेश राज्य में दर्ज किया गया है।
3. भारत में 'दैनिक प्रवासियों' (Commuters) और कुल कार्यबल (Total Workforce) के वितरण के संदर्भ में, 'सीमांत श्रमिक' (Marginal Workers) वे व्यक्ति होते हैं जो वर्ष में 183 दिन या उससे अधिक दिनों के लिए रोजगार प्राप्त करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भूकंपीय तरंगों, ज्वालामुखी उद्गार की क्रियाओं और सुनामी की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक भूकंपीय तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं, जो ध्वनि तरंगों की भाँति ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, किंतु तरल माध्यम में से गुजरने पर इनकी गति में तीव्र ह्रास (attenuation) होता है।
2. 'शिल्ड ज्वालामुखी' (Shield Volcanoes) मुख्य रूप से बेसॉल्टिक लावा के अत्यंत तरल और कम चिपचिपे (low viscosity) प्रवाह से निर्मित होते हैं, जिसके कारण ये बहुत कम ढाल वाले और विस्तृत गुंबद का रूप लेते हैं, जैसे कि हवाई द्वीप के मौना लोआ (Mauna Loa) ज्वालामुखी।
3. सुनामी तरंगें महासागरों में अत्यंत लंबी तरंगदैर्ध्य (wavelength) और कम आयाम वाली होती हैं, जिसके कारण गहरे समुद्र में जहाजों को इनका आभास नहीं होता है, किंतु उथले तटीय क्षेत्रों में पहुँचने पर इनकी तरंगदैर्ध्य घट जाती है और इनकी ऊँचाई (amplitude) विनाशकारी रूप से बढ़ जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'एंटीपोडल ज़ोन' (Antipodal Zone) या भूकंपीय छाया क्षेत्र (Shadow Zone) में S-तरंगें 105° से 145° के बीच सर्वथा अनुपस्थित रहती हैं, जो पृथ्वी के बाह्य क्रोड के तरल होने का अकाट्य प्रमाण देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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