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General Science
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शुद्ध जल का pH?

Detailed Explanation

7।
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→ समतल तरंग? → भौतिक राशियों और उनके मात्रकों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity): पास्कल-सेकंड ($Pa \cdot s$) या किग्रा/मीटर-सेकंड ($kg \cdot m^{-1} \cdot s^{-1}$) 2. पृष्ठ तनाव (Surface Tension): न्यूटन/मीटर ($N/m$) या जूल/मीटर² ($J/m^2$) 3. प्लांक नियतांक (Planck's Constant): जूल-सेकंड ($J \cdot s$) या किग्रा·मीटर²·सेकंड$^{-1}$ ($kg \cdot m^2 \cdot s^{-1}$) 4. चुंबकीय फ्लक्स (Magnetic Flux): वेबर ($Wb$) या टेस्ला-मीटर² ($T \cdot m^2$) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सुमेलित हैं? → मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रक्त समूह 'AB' को सार्वभौमिक ग्राही (Universal Recipient) कहा जाता है क्योंकि इसकी लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की सतह पर एंटीजन A और एंटीजन B दोनों उपस्थित होते हैं, किंतु इसके रुधिर प्लाज्मा में कोई भी प्राकृतिक एंटीबॉडी ('anti-A' या 'anti-B') उपस्थित नहीं होती है। 2. 'बॉम्बे रक्त समूह' (Bombay Blood Group या $O_h$) सबसे पहले 1952 में मुंबई में खोजा गया था, जिसके व्यक्तियों की RBC पर 'H' एंटीजन भी अनुपस्थित होता है क्योंकि इनमें H-जीन (FUT1) का उत्परिवर्तन होता है, और ऐसे व्यक्ति केवल 'बॉम्बे फेनोटाइप' वाले व्यक्ति से ही रक्त ले सकते हैं। 3. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फेटलिस (Erythroblastosis fetalis) मुख्य रूप से तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-धनात्मक (Rh+) माता और Rh-ऋणात्मक (Rh-) पिता का गर्भधारण होता है, जिससे पहले बच्चे के जन्म के समय भ्रूण का Rh+ रक्त माता के परिसंचरण में प्रवेश करके घातक एग्लूटीनेशन पैदा करता है। 4. रुधिर प्लाज्मा में उपस्थित प्राकृतिक एंटीबॉडी (एग्लुटीनिन) 'anti-A' और 'anti-B' मुख्य रूप से IgM प्रकार के इम्युनोग्लोबुलिन होते हैं, जो आकार में बड़े होने के कारण प्लेसेंटा की बाधा को पार नहीं कर पाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मानव हृदय की आंतरिक संरचना, कार्डियक चक्र और रक्त परिसंचरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मानव हृदय का दाहिना आलिंद-निलय वाल्व (त्रिवलनी कपाट या Tricuspid valve) तीन मस्कुलर फ्लैप से बना होता है, जो आलिंद से निलय में रक्त के प्रवाह को नियंत्रित करता है और निलय संकुचन के समय रक्त को वापस आलिंद में जाने से रोकता है। 2. 'पेसमेकर' के रूप में प्रसिद्ध साइनोआट्रियल नोड (SAN) दाहिने आलिंद के दाहिने ऊपरी कोने पर स्थित होता है, जो स्वतः उत्तेजित होने की क्षमता रखता है और हृदय की संकुचन दर की लयबद्धता को निर्धारित करता है। 3. जब दोनों निलय शिथिलन (Diastole) की स्थिति में होते हैं, तो महाधमनी और फुफ्फुसीय धमनी के आधार पर स्थित अर्धचंद्राकार वाल्व (Semilunar valves) खुल जाते हैं, जिससे रक्त तेजी से निलयों से धमनियों में प्रवाहित होता है। 4. हृदय चक्र के दौरान, 'दूसरा हृदय ध्वनि' (Dubb) तब उत्पन्न होता है जब निलय के अंत में अर्धचंद्राकार कपाट (Semilunar valves) बंद होते हैं, जो त्रिवलनी और द्विवलनी कपाटों के बंद होने की तुलना में अधिक समय तक सुनाई देता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मानव शरीर के विभिन्न शारीरिक तंत्रों—पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र—की सूक्ष्म क्रियात्मक एवं नियमन प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आमाशय की मुख्य या पैप्टिक कोशिकाएँ (Chief or Peptic cells) 'प्रोएन्जाइम पेप्सिनोजेन' का स्रावण करती हैं, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के संपर्क में आने पर सक्रिय पेप्सिन में परिवर्तित होकर प्रोटीन को प्रोटीएज और पेप्टोन में जल-अपघटित करता है। 2. फेफड़ों में गैसीय विनिमय के दौरान, जब रक्त सक्रिय ऊतकों से गुजरता है जहाँ उच्च $CO_2$ सांद्रता, उच्च तापमान और कम $pH$ होता है, तो हीमोग्लोबिन की ऑक्सीजन के प्रति बंधुता घट जाती है, जिससे ऑक्सीजन का विमोचन आसान हो जाता है, जिसे 'बोर प्रभाव' (Bohr effect) कहा जाता है। 3. मानव हृदय के संवहन तंत्र में 'सिनोएट्रियल नोड' (SA Node) प्राकृतिक पेसमेकर के रूप में कार्य करता है, जबकि 'एट्रियोवेंट्रिकुलर नोड' (AV Node) आवेगों में थोड़ा विलंब उत्पन्न करता है ताकि आलिंदों का संकुचन निलयों के संकुचन से पूर्णतः पहले हो सके। 4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में तंत्रिका तंतुओं पर माइलिन आच्छद (Myelin sheath) का निर्माण 'शवान कोशिकाओं' (Schwann cells) द्वारा किया जाता है, जो तंत्रिका आवेगों के संचरण की गति को धीमा कर देती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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