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Geography
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पृथ्वी के प्रमुख भू-आकृतिक स्वरूपों (पर्वत, पठार, मैदान और मरुस्थल) की उत्पत्ति और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'तिब्बत का पठार' एक अंतःपर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसका निर्माण भारतीय और यूरेशियन प्लेटों के अभिसरण के परिणामस्वरूप विवर्तनिक उत्थान द्वारा हुआ है।
  2. 2. 'सहारा मरुस्थल' मुख्य रूप से उपोष्णकटिबंधीय उच्च वायुदाब पेटियों के अंतर्गत अवस्थित है, जहाँ वर्ष भर उतरती हुई हवाओं (Subsiding air masses) के कारण वायुमंडलीय स्थिरता बनी रहती है और वर्षा नगण्य होती है।
  3. 3. 'ग्रेट आर्टेशियन बेसिन' (Great Artesian Basin) ऑस्ट्रेलिया का एक प्रमुख अंतःस्थलीय मैदान है, जो शुष्क होने के बावजूद अपने विशाल स्वयंप्रवाहित (Self-flowing) पातालतोड़ कूपों (Artesian wells) के कारण कृषि और पशुपालन के लिए प्रसिद्ध है।
  4. 4. 'ब्लैक फॉरेस्ट पर्वत' जर्मनी में राइन नदी घाटी के किनारे स्थित एक वलित पर्वत (Fold Mountain) का उदाहरण है, जो संपीड़न बलों के कारण ऊपर उठ गया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: तिब्बत का पठार दुनिया का सबसे ऊँचा और सबसे बड़ा अंतःपर्वतीय पठार है, जो हिमालय और कुतुन शाल पर्वतमाला के बीच स्थित है और इसका निर्माण टेथिस सागर के अवसादों के वलन एवं विवर्तनिक उत्थान से हुआ है। कथन 2 सही है: सहारा मरुस्थल सहित विश्व के अधिकांश प्रमुख गर्म मरुस्थल उपोष्णकटिबंधीय उच्च वायुदाब कटिबंध (Horse Latitudes) में स्थित हैं, जहाँ वायु के नीचे बैठने (subsidence) के कारण बादलों का निर्माण नहीं हो पाता। कथन 3 सही है: ऑस्ट्रेलिया का ग्रेट आर्टेशियन बेसिन दुनिया का सबसे बड़ा भूजल बेसिन है, जो अपनी विशेष संरचना के कारण पातालतोड़ कूप (Artisian well) प्रणाली प्रदान करता है। कथन 4 गलत है: 'ब्लैक फॉरेस्ट पर्वत' एक वलित (Fold Mountain) पर्वत नहीं, बल्कि एक 'ब्लॉक पर्वत' (Fault-block mountain या Horst) है जिसका निर्माण राइन घाटी के भ्रंशन (Rifting) और धंसने के कारण हुआ है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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'रिंग ऑफ फायर' (Ring of Fire) क्षेत्र किसके लिए जाना जाता है? भारत के प्रमुख उद्योगों, औद्योगिक गलियारों और परिवहन बुनियादी ढाँचे के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'चेन्नई-बेंगलुरु औद्योगिक गलियारा' (CBIC) भारत सरकार की एक प्रमुख अवसंरचना पहल है, जिसके विकास में जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (JICA) वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है तथा यह गलियारा दक्षिण भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों को आपस में जोड़ता है। 2. 'राष्ट्रीय जलमार्ग-2' (NW-2) ब्रह्मपुत्र नदी पर सदिया से धुबरी के मध्य स्थित है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 891 किलोमीटर है और यह पूर्वोत्तर भारत में माल और यात्री परिवहन का एक प्रमुख जलमार्ग है। 3. भारत की पहली रेलगाड़ी 16 अप्रैल 1853 को बॉम्बई (वर्तमान मुंबई) के बोरी बंदर से ठाणे के बीच चलाई गई थी, जिसे 'ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे' (GIPR) द्वारा संचालित किया गया था और इसने लगभग 34 किलोमीटर की दूरी तय की थी। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास, नियमन और प्रबंधन की सर्वोच्च जिम्मेदारी 'भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण' (IWAI) की है, जिसकी स्थापना वर्ष 1986 में की गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत की भौगोलिक अवस्थिति, अक्षांशीय-देशांतरीय विस्तार और सीमावर्ती रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के बीच है, और यदि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के इंदिरा पॉइंट (जो कि 6°45' उत्तर अक्षांश पर स्थित है) को भी सम्मिलित किया जाए, तो भारत का कुल अक्षांशीय विस्तार लगभग 30° से अधिक हो जाता है। 2. भारत का देशांतरीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व तक है, जिसके कारण इसके सबसे पश्चिमी बिंदु (गुहार मोती, गुजरात) और सबसे पूर्वी बिंदु (किबिथु, अरुणाचल प्रदेश) के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे (116 मिनट) का वास्तविक अंतराल पाया जाता है। 3. भारत की मानक समय रेखा (IST - 82°30' पूर्व) उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश कुल पाँच राज्यों से गुजरती है, और यह रेखा छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के पास कर्क रेखा (23°30' उत्तर) को प्रतिच्छेद करती है। 4. 'डूरंड रेखा' (Durand Line) भारत और अफगानिस्तान के बीच की आधिकारिक सीमा रेखा है, जिसका निर्धारण वर्ष 1893 में सर मोर्टिमर डूरंड द्वारा किया गया था और वर्तमान में यह रेखा भारत के लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश की सीमा को अफगानिस्तान से अलग करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? पृथ्वी के आंतरिक भागों में उत्पन्न होने वाली विवर्तनिक प्रक्रियाओं, भूकंपीय तरंगों के संचरण और सुनामी की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भूकंप का 'अधिकरण' (Epicentre) धरातल पर वह बिंदु होता है जो ठीक उद्गम केंद्र (Focus/Hypocentre) के ऊपर स्थित होता है, और इसी बिंदु पर सबसे पहले प्राथमिक (P-waves) तरंगें पहुँचती हैं। 2. 'सुनामी' (Tsunami) जापानी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ 'बंदरगाह लहरें' होता है, और ये लहरें समुद्र के भीतर अचानक बड़े पैमाने पर विस्थापन (जैसे पनडुब्بي भूकंप या भूस्खलन) के कारण उत्पन्न होती हैं, जिनकी गहरे समुद्र में तरंगदैर्ध्य (Wavelength) अत्यधिक लंबी तथा गति बहुत तीव्र होती है। 3. S-तरंगें (Secondary waves) केवल ठोस माध्यमों से ही गमन कर सकती हैं, और पृथ्वी के क्रोड (Core) से गुजरते समय इनके विलुप्त हो जाने या मुड़ जाने के कारण ही वैज्ञानिकों को यह पता चला कि पृथ्वी का बाहरी क्रोड तरल अवस्था में है। 4. पैसिफिक रिंग ऑफ फायर (Pacific Ring of Fire) दुनिया का सबसे सक्रिय ज्वालामुखी और भूकंप क्षेत्र है, जिसका मुख्य कारण प्रशांत महासागरीय प्लेट का महाद्वीपीय प्लेटों के नीचे अभिसरण (Convergent Subduction) होना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत के अपवाह तंत्र (Drainage System) के संदर्भ में, हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं, उनके उद्गम, जलप्रवाह और भू-आकृतिक स्वरूपों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हिमालयी नदियाँ अपने विकास के प्रारंभिक चरणों में अत्यधिक अपरदन करती हैं और 'पूर्ववर्ती' (Antecedent) अपवाह प्रतिरूप का निर्माण करती हैं, जहाँ सिंधु, सतलुज और ब्रह्मपुत्र जैसी नदियाँ हिमालय के उत्थान के साथ-साथ अपनी घाटियों को गहरा करती गई हैं। 2. प्रायद्वीपीय पठार की नदियाँ सामान्यतः 'परिपक्व' (Mature) अवस्था में हैं और इनकी घाटियों की ढाल प्रवणता बहुत कम होती है, जिसके कारण ये अपने मार्ग में अत्यधिक विसर्प (Meanders) बनाती हैं और हिमालयी नदियों की तुलना में मैदानी भागों में मार्ग परिवर्तन के लिए अधिक कुख्यात हैं। 3. लूनी नदी भारत के प्रायद्वीपीय और शुष्क पश्चिमी भाग की एक प्रमुख अंतःस्थलीय (Inland Drainage) नदी प्रणाली का उदाहरण है, जो अरावली पहाड़ियों से निकलकर कच्छ के रण के दलदली क्षेत्रों में विलुप्त हो जाती है और समुद्र तक नहीं पहुँच पाती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, प्रायद्वीपीय भारत की अधिकांश नदियाँ (जैसे नर्मदा और ताप्ती को छोड़कर) पश्चिम से पूर्व की ओर बहती हैं और बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं, जिसका प्रमुख कारण प्रायद्वीपीय पठार का सामान्य ढाल पश्चिम से पूर्व की ओर होना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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