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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, मैग्मा के शीतलन और चट्टानों के चक्र (Rock Cycle) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. जब मैग्मा पृथ्वी की सतह के बहुत नीचे अत्यधिक गहराई पर धीरे-धीरे ठंडा होता है, तो बड़े और स्पष्ट रवे (Crystals) वाली प्लूटोनिक चट्टानों (जैसे ग्रेनाइट और गैब्रो) का निर्माण होता है, जो आंतरिक आग्नेय चट्टानों का उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
  2. 2. बेसाल्ट एक बहिर्भेदी (Extrusive) आग्नेय चट्टान है, जिसका निर्माण लावा के धरातल पर तेजी से ठंडा होने के कारण सूक्ष्म कणों या कांच जैसी संरचना के रूप में होता है, और दक्कन ट्रैप का विशाल क्षेत्र इसी प्रकार की चट्टानों से बना है।
  3. 3. कायांतरित चट्टानें (Metamorphic rocks) केवल अवसादी चट्टानों के अत्यधिक ताप और दाब के प्रभाव से रूप बदलने पर बनती हैं, जबकि आग्नेय चट्टानें कभी भी कायांतरित नहीं हो सकती हैं क्योंकि उनकी मूल प्रकृति बहुत कठोर होती है।
  4. 4. चूना पत्थर (Limestone) का संगमरमर (Marble) में रूपांतरण 'तापीय या संपर्क कायांतरण' (Thermal or Contact Metamorphism) का एक प्रमुख उदाहरण है, जिसमें अत्यधिक ऊष्मा के कारण खनिज संरचना पुनर्गठित हो जाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि जब मैग्मा पृथ्वी की पपड़ी के नीचे अत्यधिक गहराई पर बहुत धीमी गति से ठंडा होता है, तो खनिज कणों को बड़ा होने का पर्याप्त समय मिलता है, जिससे ग्रेनाइट और गैब्रो जैसी प्लूटोनिक या आंतरिक आग्नेय चट्टानें बनती हैं। कथन 2 सही है क्योंकि बेसाल्ट एक बहिर्भेदी आग्नेय चट्टान है जो सतह पर लावा के तीव्र शीतलन से बनती है; भारत का दक्कन ट्रैप इसका प्रमुख उदाहरण है। कथन 3 गलत है क्योंकि आग्नेय और अवसादी दोनों प्रकार की चट्टानें अत्यधिक ताप, दाब और रासायनिक सक्रिय द्रवों के प्रभाव से कायांतरित (Metamorphic) हो सकती हैं, जैसे ग्रेनाइट का गनीस में बदलना। कथन 4 सही है क्योंकि चूना पत्थर (अवसादी चट्टान) मैग्मा के संपर्क में आने से अत्यधिक ताप के कारण संगमरमर में परिवर्तित हो जाता है, जिसे संपर्क कायांतरण कहते हैं। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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