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General Science
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प्रोपेन का सूत्र?

Detailed Explanation

C3H8।
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→ मोल अवधारणा? → यूयूकैरियोटिक कोशिका के कोशिकांगों (Cell organelles) और कोशिका विभाजन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सूत्रकणिका (Mitochondria) और हरित लवक (Chloroplast) दोनों ही अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांग हैं, क्योंकि इनमें स्वयं का वृत्ताकार डीएनए, आरएनए और 70S प्रकार के राइबोसोम उपस्थित होते हैं, जिससे ये अपनी कुछ प्रोटीन का संश्लेषण स्वयं कर सकते हैं। 2. सूत्री विभाजन (Mitosis) की 'मेटाफेज' (Metaphase) अवस्था के दौरान गुणसूत्र कोशिका के मध्य रेखा पर व्यवस्थित हो जाते हैं और इस चरण में गुणसूत्रों की आकृति और आकार का सबसे स्पष्ट अध्ययन किया जाता है। 3. अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) के पैकीटीन (Pachytene) चरण में 'क्रॉसिंग ओवर' (Crossing over) की प्रक्रिया संपन्न होती है, जो समझात गुणसूत्रों के गैर-भ्रातृ अर्धगुणसूत्रों (Non-sister chromatids) के बीच आनुवंशिक सामग्री के विनिमय को सुगम बनाती है और यह रिकॉम्बिनेस (Recombinase) एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित होती है। 4. लाइसोसोम (Lysosome) एक एकल झिल्ली से घिरा कोशिकांग है जिसमें हाइड्रोलिटिक एंजाइम (जैसे कार्बोहाइड्रेटेस, प्रोटीएज और लाइपेस) प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो क्षारीय माध्यम में सबसे अधिक सक्रिय होते हैं और इसी कारण इसे कोशिका की 'आत्मघाती थैली' कहा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → आवर्त सारणी के तत्वों के विभिन्न गुणों, उनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास और आवर्तिता (Periodicity) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी परमाणु की 'द्वितीय आयनन एन्थैल्पी' (Second Ionization Enthalpy) का मान हमेशा उसकी 'प्रथम आयनन एन्थैल्पी' से अधिक होता है, क्योंकि उदासीन परमाणु से एक इलेक्ट्रॉन निकल जाने के बाद बचे हुए इलेक्ट्रॉनों पर प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ जाता है और आकार छोटा हो जाता है। 2. 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' (Electron Gain Enthalpy) का मान सभी हैलोजन तत्वों में फ्लोरीन के लिए सर्वाधिक ऋणात्मक होता है, क्योंकि फ्लोरीन का आकार बहुत छोटा होता है और यह अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन को अत्यंत प्रबलता से आकर्षित करता है। 3. आधुनिक आवर्त सारणी में 'लैंथेनाइड आकुंचन' (Lanthanoid Contraction) के प्रभावस्वरूप, छठी अवधि के संक्रमण तत्वों (जैसे Hafnium) की परमाणु त्रिज्या और रासायनिक गुण पाँचवीं अवधि के उनके ठीक ऊपर वाले तत्वों (जैसे Zirconium) की तुलना में लगभग समान हो जाते हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं के भीतर विभिन्न कोशिकांगों (Organelles) की झिल्ली प्रणालियों, प्रोटीन लक्ष्यीकरण (Protein targeting) और कोशिका विभाजन के विनियामक तंत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. परऑक्सिसोम (Peroxisomes) एकल झिल्ली से घिरे ऐसे सूक्ष्म कोशिकांग हैं जिनमें कैटालेज और ऑक्सीडेज एंजाइम पाए जाते हैं, जो हाइड्रोजन पेरोक्साइड के चयापचय में मदद करते हैं, और इनका निर्माण अंतःद्रव्यी जालिका (ER) से सीधे बडिंग द्वारा होता है। 2. केंद्रक आवरण (Nuclear envelope) के छिद्र परिसर (Nuclear pore complex) से प्रोटीनों का परिवहन एक सक्रिय प्रक्रिया है जो 'रैन' (Ran) GTPase चक्र द्वारा संचालित होती है, जिसमें केंद्रक में प्रवेश करने वाले प्रोटीनों पर विशिष्ट 'न्यूक्लियर लोकलाइज़ेशन सिग्नल' (NLS) उपस्थित होता है। 3. कोशिका चक्र के नियंत्रण में साइक्लिन-डिपेंडेंट किनेसेस (CDKs) की सक्रियता के लिए विशिष्ट 'साइक्लिन' (Cyclins) प्रोटीनों का जुड़ना आवश्यक होता है, और ग्याप-1 ($G_1$) चरण से संश्लेषण ($S$) चरण में संक्रमण को रोकने वाले 'रेटिनोब्लास्टोमा' (Rb) प्रोटीन के फॉस्फोरिलीकरण से E2F ट्रांसक्रिप्शन कारक मुक्त होते हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → पदार्थ के सामान्य गुण, पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी द्रव की स्वतंत्र सतह पर पृष्ठ तनाव (Surface Tension) का कारण अणुओं के बीच लगने वाला ससंजक बल (Cohesive force) है, और तापमान बढ़ने के साथ पृष्ठ तनाव का मान सामान्यतः घट जाता है, जबकि घुलनशील अशुद्धियाँ मिलाने पर यह बढ़ या घट दोनों सकता है। 2. द्रवों में श्यानता (Viscosity) की उत्पत्ति का मुख्य कारण विभिन्न परतों के बीच लगने वाला आंतरिक घर्षण और अणुओं के बीच का संसंजन बल है, और गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने पर घटती है, जबकि द्रवों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ती है। 3. आर्किमिडीज के सिद्धांत (Archimedes' principle) के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी द्रव में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोया जाता है, तो वह वस्तु अपने द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल (Buoyant force) का अनुभव करती है, और यह सिद्धांत केवल गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में ही कार्य करता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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