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Geography
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विश्व के विभिन्न महाद्वीपों, देशों की राजधानियों और उनकी अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'डुरंड लाइन' (Durand Line) अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच की सीमा निर्धारित करती है, जबकि 'मैकमोहन रेखा' (McMahon Line) भारत और चीन के बीच पूर्वी सेक्टर में कानूनी रूप से सीमा का निर्धारण करती है जिसे शिमला समझौते (1914) के तहत मान्यता दी गई थी।
- 2. '38वीं समानांतर रेखा' (38th Parallel) उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया को अलग करती है, जबकि '49वीं समानांतर रेखा' (49th Parallel) संयुक्त राज्य अमेरिका और मैक्सिको के बीच की सबसे लंबी अशांत सीमा बनाती है।
- 3. 'मैजिनॉट लाइन' (Maginot Line) द्वितीय विश्व युद्ध से पहले फ्रांस द्वारा जर्मनी के संभावित आक्रमण से सुरक्षा के लिए अपनी पूर्वी सीमा पर बनाई गई कंक्रीट की एक भारी भरकम रक्षात्मक रेखा थी।
- 4. दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में स्थित 'बोलिविया' और 'पराग्वे' दोनों स्थलारुद्ध (Landlocked) देश हैं, तथा दक्षिण अमेरिकी देश पराग्वे की राजधानी 'असुंसीन' पराग्वे नदी के तट पर स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि डुरंड लाइन अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच स्थित है और मैकमोहन रेखा भारत तथा चीन के बीच पूर्वी सेक्टर में सीमा बनाती है। कथन 2 गलत है क्योंकि 49वीं समानांतर रेखा संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के बीच की सीमा रेखा है, न कि अमेरिका और मैक्सिको के बीच (अमेरिका और मैक्सिको के बीच रियो ग्रांडे नदी मुख्य प्राकृतिक सीमा बनाती है)। कथन 3 सही है, मैजिनॉट लाइन फ्रांस द्वारा जर्मनी की सीमा पर बनाई गई प्रसिद्ध रक्षात्मक पंक्ति थी। कथन 4 सही है, बोलिविया और पराग्वे दक्षिण अमेरिका के दो प्रमुख स्थलारुद्ध देश हैं और पराग्वे की राजधानी असुंसीन पराग्वे नदी के तट पर स्थित है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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वायुमंडल की संरचना, विभिन्न परतों और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्षोभमंडल (Troposphere) में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में होने वाली ह्रास दर (Normal Lapse Rate) औसतन 6.5°C प्रति 1000 मीटर होती है, और इस परत की सीमा को 'क्षोभसीमा' कहते हैं जहाँ जेट धाराएँ (Jet Streams) प्रवाहित होती हैं।
2. समतापमंडल (Stratosphere) ओजोन गैस की उपस्थिति के कारण गर्म रहता है, जो पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करती है, और इसी परत के निचले हिस्से में मौसम संबंधी घटनाएँ (जैसे बादल, वर्षा, आंधी) सर्वाधिक तीव्रता से घटित होती हैं।
3. पृथ्वी पर पाई जाने वाली 'अश्व अक्षांश' (Horse Latitudes) या उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts) मूल रूप से तापीय कारणों (Thermal Factors) से नहीं बल्कि पृथ्वी के घूर्णन और वायु के अवतलन (Subsidence) जैसी गतिकीय प्रक्रियाओं (Dynamic Factors) के कारण उत्पन्न होती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मध्यमंडल (Mesosphere) वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है, जिसमें ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान पुनः गिरने लगता है और ऊपरी सीमा पर तापमान -90°C तक पहुँच जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की वायुमंडलीय पवन प्रणालियों, आर्द्रता, वर्षा के प्रकार और चक्रवातों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ट्रेड विंड्स' (व्यापारिक पवनें) उपोष्णकटिबंधीय उच्च वायुदाब पेटियों से विषुवतरेखीय निम्न वायुदाब पेटियों की ओर बहती हैं, और कोरिऑलिस बल के प्रभाव के कारण उत्तरी गोलार्ध में ये उत्तर-पूर्वी व्यापारिक पवनें तथा दक्षिणी गोलार्ध में दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक पवनें कहलाती हैं।
2. 'ओस बिंदु' (Dew Point) वह तापमान है जिस पर हवा संतृप्त हो जाती है और उसमें मौजूद जलवाष्प संघनित होने लगती है, तथा सापेक्ष आर्द्रता (Relative Humidity) संतृप्ति की स्थिति में 100% तक पहुँच जाती है।
3. 'पर्वतीय वर्षा' (Orographic Rainfall) तब होती है जब आद्र हवा को किसी पर्वतीय अवरोध के कारण ऊपर उठना पड़ता है, जिससे हवा ठंडी होकर संघनित होती है और पर्वत के पवन-विमुख ढाल (Leeward Side) पर भारी वर्षा होती है, जबकि पवन-मुखी ढाल (Windward Side) वृष्टिछाया क्षेत्र में रहता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को अत्यधिक विनाशकारी बनाने में समुद्र की सतह से मिलने वाली 'संघनन की गुप्त ऊष्मा' (Latent Heat of Condensation) की मुख्य भूमिका होती है, जो चक्रवात के केंद्र में कम वायुदाब को बनाए रखती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र (Drainage System) के संदर्भ में, हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों की तुलनात्मक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ अपने युवा अवस्था में तीव्र अपरदन के द्वारा गहरे गॉर्ज, वी-आकार की घाटियाँ (V-shaped valleys) और महाखड्डों का निर्माण करती हैं, जबकि मैदानों में प्रवेश करने के बाद ये विसर्पण (Meandering) और गोखुर झीलों (Oxbow lakes) जैसी स्थलाकृतियों का निर्माण करती हैं।
2. प्रायद्वीपीय नदियाँ मुख्य रूप से वर्षा के जल पर निर्भर होने के कारण अनित्य (Non-perennial) या मौसमी होती हैं, तथा इनकी घाटियाँ चौड़ी, उथली और अपनी परिपक्व अवस्था (Matured stage) को प्राप्त कर चुकी होती हैं, जिस कारण ये अपने निचले भागों में व्यापक बाढ़ के मैदानों का निर्माण करती हैं।
3. सोन नदी, जो अमरकंटक पठार से निकलती है, प्रायद्वीपीय भारत की उन चुनिंदा नदियों में से एक है जो उत्तर की ओर बहते हुए सीधे गंगा नदी में मिलती है और यह एक पूर्ववर्ती अपवाह (Antecedent drainage) का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
4. गोदावरी, कृष्णा और कावेरी जैसी प्रायद्वीपीय नदियाँ पश्चिमी घाट से निकलकर पूर्व की ओर प्रवाहित होती हैं और बंगाल की खाड़ी में गिरने से पहले बड़े डेल्टा का निर्माण करती हैं, जबकि नर्मदा और तापी नदियाँ भ्रंश घाटियों (Rift valleys) से होते हुए अरब सागर में ज्वारनदमुख (Estuaries) का निर्माण करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय क्षेत्रों, पर्वत श्रेणियों और उनकी संरचनात्मक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'अरावली पर्वतमाला' (Aravalli Range) विश्व की सबसे प्राचीन वलित पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है, जो अब एक 'अवशिष्ट पर्वत' (Residual Mountain) के रूप में गुजरात के पालनपुर से लेकर राजस्थान और हरियाणा होते हुए दिल्ली तक उत्तर-पूर्व दिशा में फैली हुई है।
2. 'सतपुड़ा पर्वतश्रेणी' (Satpura Range) एक 'ब्लॉक पर्वत' (Block Mountain) का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो नर्मदा और ताप्ती नदियों के बीच एक जल विभाजक का कार्य करती है और इसके दक्षिण में ताप्ती तथा उत्तर में नर्मदा घाटी स्थित है।
3. 'पश्चिमी घाट' (Western Ghats), जिसे 'सह्याद्री' भी कहा जाता है, एक वास्तविक पर्वत न होकर दक्कन के पठार का एक भ्रंशित कगार (Fault Scarp) है, जिसकी औसत ऊँचाई उत्तर की तुलना में दक्षिण की ओर जाने पर बढ़ती जाती है और इसकी सर्वोच्च चोटी 'अनामुडी' है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पूर्वी घाट (Eastern Ghats) एक सतत और अत्यधिक ऊँची वलित पर्वत श्रृंखला है जो बंगाल की खाड़ी के समानांतर बिना किसी अंतराल के फैली हुई है और महानदी, गोदावरी तथा कृष्णा नदियाँ इसे कहीं भी काटती नहीं हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा की गतिकी और प्रमुख जलसंधियों (Straits) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय उच्चावच के अंतर्गत 'महाद्वीपीय मग्नतट' (Continental Shelf) उथले समुद्र का वह भाग होता है जो तट रेखा से गहराई तक फैला होता है, और यहाँ अत्यधिक सूर्य के प्रकाश की उपलब्धता के कारण प्लवक (Plankton) का विकास प्रचुर मात्रा में होता है, जिससे यह क्षेत्र विश्व के सबसे समृद्ध मतस्य क्षेत्रों में गिना जाता है।
2. 'वृहत ज्वार' (Spring Tide) उस स्थिति में उत्पन्न होता है जब अमावस्या और पूर्णिमा के दिनों में सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में (Syzygy की स्थिति में) होते हैं, जिससे उनके गुरुत्वाकर्षण बल संयुक्त होकर जल को अधिक ऊँचाई तक खींचते हैं।
3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) और मलय प्रायद्वीप के बीच स्थित है, जो प्रशांत महासागर को दक्षिण चीन सागर के रास्ते सीधे अटलांटिक महासागर से जोड़ती है और वैश्विक समुद्री व्यापार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'बेरिंग जलसंधि' (Bering Strait) अलास्का (संयुक्त राज्य अमेरिका) और रूस (साइबेरिया) के बीच स्थित है, जो आर्कटिक महासागर को प्रशांत महासागर के बेरिंग सागर से जोड़ती है और इसी के पास से अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line) गुजरती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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