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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों के चक्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. पृथ्वी की क्रूर क्रस्ट (Earth's Crust) में भार के अनुसार सबसे अधिक मात्रा ऑक्सीजन (लगभग 46.6%) की पाई जाती है, इसके बाद सिलिकॉन (लगभग 27.7%) और एल्युमिनियम का स्थान आता है।
- 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार आग्नेय चट्टानें (Igneous Rocks) पृथ्वी के आंतरिक भाग से पिघले हुए मैग्मा के ठंडे होने और जमने से बनती हैं, और ये प्राथमिक चट्टानें कहलाती हैं क्योंकि अन्य सभी चट्टानें अंततः इन्हीं से व्युत्पन्न होती हैं।
- 3. कायांतरित या रूपांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) केवल अत्यधिक ताप (Thermal Metamorphism) के कारण बनती हैं, जबकि दाब और रासायनिक सक्रिय द्रवों की भूमिका इनमें नगण्य होती है।
- 4. बेसाल्ट (Basalt) एक अंतर्भेदी (Intrusive) आग्नेय चट्टान का उत्कृष्ट उदाहरण है जो पृथ्वी की सतह के नीचे अत्यधिक गहराई पर धीरे-धीरे ठंडी होकर बड़े क्रिस्टल का निर्माण करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि पृथ्वी की भू-पर्पटी (Crust) में ऑक्सीजन सर्वाधिक मात्रा (लगभग 46.6%) में पाई जाती है, उसके बाद सिलिकॉन और एल्युमिनियम आते हैं। कथन 2 सही है क्योंकि विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार आग्नेय चट्टानों को प्राथमिक चट्टानें कहा जाता है जिनका निर्माण मैग्मा या लावा के शीतलन से होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि कायांतरित चट्टानों का निर्माण अत्यधिक ताप, उच्च दाब और रासायनिक रूप से सक्रिय द्रवों (Chemically active fluids) - तीनों के संयुक्त प्रभावों के कारण होता है। कथन 4 गलत है क्योंकि बेसाल्ट एक 'बहिर्भेदी' (Extrusive) आग्नेय चट्टान है जो सतह पर लावा के तेजी से ठंडे होने के कारण सूक्ष्म कणों वाली होती है, जबकि ग्रेनाइट एक अंतर्भेदी चट्टान है।
Related Questions
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पृथ्वी के प्रमुख पठारों और मैदानों की उत्पत्ति तथा उनकी भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'डेक्कन ट्रैप' (Deccan Traps) का निर्माण मेसोज़ोइक महाकल्प के अंतिम चरण में क्रिटेशियस काल के दौरान विशाल दरारी (Fissure) ज्वालामुखी उद्गार से निकले बेसल्टिक लावा के अत्यधिक निक्षेपण के परिणामस्वरूप हुआ है।
2. 'हंगरी का पुस्टा' (Pusztas) और 'अर्जेंटीना का पैम्पास' (Pampas) समशीतोष्ण कटिबंधीय घास के मैदानों के उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जो मुख्य रूप से अंतर्वतीय (Intermontane) द्रोणियों में विकसित हुए हैं और यहाँ की उपजाऊ 'चेर्नाज़ोम' या मूँगिया मिट्टी कृषि के लिए अत्यधिक उपयुक्त है।
3. 'पामीर का पठार' (Pamir Plateau) को 'विश्व की छत' (Roof of the World) कहा जाता है, जो तियन शान, कुतुन, काराकोरम और हिंदूकुश पर्वतमालाओं के मिलने से बनी एक विशाल अंतर्वतीय (Intermontane) पठारी संरचना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों (शैल) के रूपांतरण चक्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी की क्रस्ट (Crust) में ऑक्सीजन और सिलिकॉन के बाद सर्वाधिक मात्रा में पाया जाने वाला तीसरा प्रमुख तत्व 'एल्युमिनियम' (Aluminum) है, जो मुख्य रूप से सियाल (SIAL) परत का मुख्य घटक है।
2. 'बेसाल्ट' और 'ग्रेब्रो' दोनों ही आग्नेय चट्टानें हैं, किंतु बेसाल्ट एक बाह्य (Extrusive) आग्नेय चट्टान है जो तीव्र शीतलन के कारण सूक्ष्म दानेदार संरचना वाली होती है, जबकि ग्रेब्रो एक आंतरिक (Intrusive) आग्नेय चट्टान है जिसका शीतलन धीमी गति से होने के कारण बड़े क्रिस्टल बनते हैं।
3. कायांतरित चट्टानों (Metamorphic Rocks) में 'पर्णन' (Foliation) या पट्टित संरचना की उपस्थिति तब सुनिश्चित होती है जब अत्यधिक विवर्तनिक दबाव के कारण खनिज कण एक समानांतर रेखा या पट्टियों के रूप में पुनर्संगठित हो जाते हैं, जिसका एक उत्कृष्ट उदाहरण 'स्लेट' और 'शिष्ट' हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार चूना पत्थर (Limestone) के कायांतरण से 'संगमरमर' (Marble) का निर्माण होता है, जो एक गैर-पर्णयुक्त (Non-foliated) कायांतरित चट्टान का प्रमुख उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत में ऊर्जा खनिजों और परमाणु ईंधनों की उपलब्धता तथा उनके वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में पाए जाने वाले 'एंथracite' कोयले का अधिकांश हिस्सा देश के कुल कोयला भंडार का लगभग 90% है, जो मुख्य रूप से दामोदर घाटी बेसिन में संकेंद्रित है और उच्च कार्बन सामग्री के लिए जाना जाता है।
2. केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों की 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sand) में थोरियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, और विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत के पास विश्व का सबसे बड़ा थोरियम भंडार मौजूद है।
3. भारत में पेट्रोलियम का सबसे बड़ा अपतटीय (Offshore) उत्पादन क्षेत्र मुंबई हाई (Mumbai High) है, जो खंभात की खाड़ी के अपतटीय बेसिन के अंतर्गत अरब सागर में स्थित है।
4. भारत में यूरेनियम का व्यावसायिक उत्खनन केवल झारखंड के सिंहभूम क्षेत्र (जादूगोड़ा) तक सीमित है, और देश के अन्य किसी भी राज्य में यूरेनियम के भंडार की खोज या उत्खनन नहीं किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की पर्वत प्रणालियों, घाटियों और उनकी भूवैज्ञानिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'चुम्बी घाटी' (Chumbi Valley) एक रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण घाटी है जो सिक्किम, भूटान और तिब्बत के त्रिसंधि (Tri-junction) क्षेत्र में स्थित है, और इसे 'तिब्बत का खंजर' (Dagger of Tibet) भी कहा जाता है।
2. 'कश्मीर घाटी' (Kashmir Valley) एक वृहद समकालीन अंतःपर्वतीय द्रोणी (Intermontane Basin) है, जो पीर पंजाल और मुख्य महान हिमालय (Greater Himalayas) श्रेणियों के मध्य स्थित है, और यहाँ पाए जाने वाले 'करेवा' (Karewa) निक्षेप जाफरान (केसर) की खेती के लिए विश्वप्रसिद्ध हैं।
3. 'स्पीति घाटी' (Spiti Valley) हिमाचल प्रदेश में वृहद हिमालय और जांस्कर श्रेणियों के बीच स्थित एक ठंडी मरुस्थलीय घाटी है, जिससे होकर 'स्पीति नदी' प्रवाहित होती है और यहाँ विश्व का सबसे ऊँचा मतपेटी केंद्र 'हिक्किम' अवस्थित है।
4. 'निसार घाटी' या 'न्युम्ब्रा घाटी' (Nubra Valley) काराकोरम और पीर पंजाल श्रेणियों के मध्य स्थित है, जो सियाचिन ग्लेशियर से पिघलकर आने वाली श्योक नदी द्वारा निर्मित है और यह क्षेत्र दो कूबड़ वाले ऊँटों के लिए जाना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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सौर मंडल के बाह्य ग्रहों (Jovian Planets) और उनके उपग्रहों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'गैनीमेड' (Ganymede) बृहस्पति का सबसे बड़ा उपग्रह है और यह हमारे सौर मंडल का भी सबसे बड़ा उपग्रह है, जिसका आकार बुध ग्रह से भी बड़ा है तथा इसके पास अपना स्वयं का आंतरिक चुंबकीय क्षेत्र (Intrinsic Magnetic Field) मौजूद है।
2. 'एन्सेलाडस' (Enceladus), जो शनि ग्रह का एक बर्फीला चंद्रमा है, के दक्षिणी ध्रुव के पास क्रायोवोल्केनिज्म (Cryovolcanism) या हिम-ज्वालामुखी गतिविधियों के प्रमाण मिले हैं, जो अंतरिक्ष में पानी के फव्वारे और जैविक अणुओं को प्रक्षेपित करते हैं।
3. 'टाइटन' (Titan) शनि का एकमात्र ऐसा उपग्रह है जहाँ पर्याप्त मात्रा में घना नाइट्रोजन-प्रधान वायुमंडल पाया जाता है, लेकिन इसकी सतह पर किसी भी प्रकार के तरल हाइड्रोकार्बन या झीलों का अस्तित्व पूर्णतः अनुपस्थित है।
4. 'मीरंडा' (Miranda) अरुण (Uranus) ग्रह का एक विचित्र उपग्रह है, जिसकी सतह पर अत्यधिक विरूपण, गहरी खाइयाँ और टेक्टोनिक भू-आकृतियाँ पाई जाती हैं, जो इसके अशांत भूवैज्ञानिक इतिहास को दर्शाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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