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Geography
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भारत की जनगणना 2011 और जनजातीय जनसांख्यिकी (Tribal Demography) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) की कुल जनसंख्या देश की कुल जनसंख्या का लगभग 8.6 प्रतिशत है, जिसमें मध्य प्रदेश राज्य में देश की कुल अनुसूचित जनजाति जनसंख्या का सबसे बड़ा निरपेक्ष (Absolute) भाग निवास करता है।
  2. 2. मिजोरम और लक्षद्वीप दोनों ही ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ कुल जनसंख्या में अनुसूचित जनजातियों का प्रतिशत 90 प्रतिशत से अधिक है, जबकि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पुदुचेरी में अनुसूचित जनजातियों की आबादी शून्य दर्ज की गई है।
  3. 3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की सबसे बड़ी जनजातीय समूह 'भील' (Bhil) है, जिसके बाद दूसरा सबसे बड़ा जनजातीय समूह 'गोंड' (Gond) आता है, जो मुख्य रूप से मध्य भारत के पठारी क्षेत्रों में केंद्रित हैं।
  4. 4. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पाई जाने वाली ओंगे, जारवा, सेंटिनालीज और अंडमानी जनजातियाँ 'विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह' (PVTGs) की श्रेणी में आती हैं, जिनकी जनसांख्यिकी प्रवृत्ति में तीव्र वृद्धि दर्ज की जा रही है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 सही हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में अनुसूचित जनजातियों (ST) की कुल आबादी 10.4 करोड़ है जो कुल जनसंख्या का 8.6% है। मध्य प्रदेश में एसटी जनसंख्या सबसे अधिक (निरपेक्ष रूप से) है। मिजोरम, लक्षद्वीप, मेघालय और नागालैंड जैसे राज्यों में जनजातीय आबादी का प्रतिशत बहुत अधिक है, जबकि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ और पुदुचेरी में संविधान के अनुच्छेद 342 के तहत कोई भी अनुसूचित जनजाति अधिसूचित नहीं है (अर्थात शून्य)। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भील भारत का सबसे बड़ा जनजातीय समूह है और गोंड दूसरे स्थान पर है। कथन 4 असत्य है क्योंकि अंडमान की जारवा और सेंटिनालीज जैसी PVTGs (Primitive Vulnerable Tribal Groups) जनजातियाँ तीव्र वृद्धि के बजाय या तो स्थिर हैं या कुछ मामलों में जनसांख्यिकीय रूप से अत्यधिक संवेदनशील एवं खतरे की कगार पर हैं।
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