BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
25 views

आनुवंशिक कोड क्या है?

Detailed Explanation

ट्रिपलेट।
Share:

Related Questions

परमाणु संरचना और क्वांटम यांत्रिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता का सिद्धांत यह प्रतिपादित करता है कि किसी गतिमान सूक्ष्म कण की स्थिति और उसके संवेग का एक साथ यथार्थ निर्धारण करना असंभव है, तथा दोनों में अनिश्चितता का गुणनफल $\Delta x \cdot \Delta p_x \ge \frac{h}{4\pi}$ के बराबर या उससे अधिक होता है। 2. पाऊँ का अपवर्जन नियम (Pauli Exclusion Principle) के अनुसार, किसी परमाणु में किन्हीं भी दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं का मान सर्वसम (एक समान) हो सकता है, बशर्ते उनका चक्रण (Spin) विपरीत दिशा में हो। 3. आफबाऊ नियम (Aufbau Principle) के अनुसार, परमाणु में इलेक्ट्रॉनों का भरना ऊर्जा के बढ़ते क्रम में होता है, जिसमें किसी कक्षक के लिए ऊर्जा का निर्धारण $(n + l)$ नियम द्वारा किया जाता है, और जिस कक्षक के लिए $(n + l)$ का मान कम होता है, उसकी ऊर्जा कम होती है। 4. हुंड का अधिकतम बहुलकता नियम (Hund's Rule of Maximum Multiplicity) यह बताता है कि समभ्रंश कक्षकों (Degenerate orbitals) में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन तब तक प्रारंभ नहीं होता जब तक कि प्रत्येक कक्षक में एक-एक इलेक्ट्रॉन न आ जाए और उनके चक्रण समदिश (Parallel) न हों। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? यांत्रिकी (Mechanics) और ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी संरक्षी बल (Conservative Force) द्वारा किया गया कार्य पथ पर निर्भर नहीं करता है, बल्कि यह केवल प्रारंभिक और अंतिम स्थितियों पर निर्भर करता है, और इस प्रकार के बल के अंतर्गत एक बंद पथ में किया गया कुल कार्य सदैव शून्य होता है। 2. 'कार्य-ऊर्जा प्रमेय' (Work-Energy Theorem) के अनुसार, किसी वस्तु पर सभी बलों द्वारा किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है, और यह प्रमेय केवल संरक्षी बलों के लिए ही मान्य है, असांरक्षी बलों जैसे घर्षण बल के लिए नहीं। 3. जब कोई निकाय प्रत्यास्थ टक्कर (Elastic Collision) से गुजरता है, तो न केवल रैखिक संवेग संरक्षित रहता है, बल्कि कुल गतिज ऊर्जा भी संरक्षित रहती है, बशर्ते इस प्रक्रिया में कोई भी यांत्रिक ऊर्जा ऊष्मा या ध्वनि के रूप में क्षय न हो। 4. अपकेंद्री बल (Centrifugal Force) एक वास्तविक बल है जो जड़त्वीय निर्देश तंत्र (Inertial Frame of Reference) में वृत्ताकार गति कर रहे पिंड पर केंद्र की ओर कार्य करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'अलुमिनोथर्मिक विधि' (Goldschmidt Thermite Process) में एल्युमिनियम एक शक्तिशाली अपचायक के रूप में कार्य करता है, जिसका उपयोग फेरिक ऑक्साइड ($Fe_2O_3$) के साथ मिश्रित कर रेलवे की पटरियों या टूटी हुई मशीनों के भारी लोहे के भागों को जोड़ने के लिए किया जाता है, और यह अभिक्रिया अत्यधिक ऊष्माक्षेपी (Exothermic) होती है। 2. 'एक्वा रेजिया' (Aqua Regia) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सांद्र नाइट्रिक अम्ल का 1:3 के आयतन अनुपात में ताजा तैयार किया गया मिश्रण होता है, जो स्वर्ण और प्लैटिनम जैसी उत्कृष्ट धातुओं को भी घोलने में पूरी तरह सक्षम होता है। 3. 'सफेद फॉस्फोरस' (White Phosphorus) एक अत्यंत क्रियाशील, विषैला और दीप्तिमान ठोस है जो अंधेरे में चमकता है, और इसे हवा में सुरक्षित रखने के लिए जल के अंदर डुबोकर रखा जाता है क्योंकि यह वायु के संपर्क में आते ही स्वतः प्रज्वलित होकर जल उठता है। 4. 'जिंक ब्लेंड' ($ZnS$) अयस्क के सांद्रण के लिए 'फेन प्लवन विधि' (Froth Flotation Process) का उपयोग किया जाता है, जबकि सल्फाइड अयस्क को ऑक्साइड में बदलने के लिए 'भर्जन' (Roasting) प्रक्रिया अपनाई जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मानव शरीर में 'सिनेप्टिक ट्रांसमिशन' (Synaptic Transmission) के दौरान, तंत्रिका आवेग (Nerve impulse) के एक न्यूरॉन से दूसरे न्यूरॉन तक संचरण में रासायनिक संदेशवाहक के रूप में कार्य करने वाले न्यूरोट्रांसमीटर (जैसे एसिटيلकोलाइन) का विमोचन मुख्य रूप से किस आयन की अंतःकोशिकीय सांद्रता में तीव्र वृद्धि के कारण होता है? यूकेरियोटिक और प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में पाए जाने वाले कोशिका अंगों, उनके अंतःझिल्ली तंत्र (Endomembrane System) तथा प्रोटीन संवेष्टन (Protein Targeting) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अंतःप्रद्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum) और गॉल्जीकाय अंतःझिल्ली तंत्र का हिस्सा बनाते हैं, जबकि माइटोकॉन्ड्रिया, हरित लवक और पेरोक्सिसोम इस तंत्र के भाग नहीं हैं क्योंकि इनके कार्य इन झिल्लियों के समन्वित कार्य पर निर्भर नहीं करते हैं। 2. खुरदरी अंतःप्रद्रव्यी जालिका (RER) की सतह पर राइबोसोम जुड़े होते हैं जो मुख्य रूप से उन प्रोटींस का संश्लेषण करते हैं जिन्हें कोशिका के भीतर ही साइटोसॉल में स्थायी रूप से उपयोग किया जाना है। 3. गॉल्जीकाय का 'सिस' (Cis) भाग या निर्माणकारी सिस्टर्नी आमतौर पर केंद्रक की ओर स्थित होता है, जबकि 'ट्रांस' (Trans) भाग या परिपक्व सिस्टर्नी प्लाज्मा झिल्ली की ओर उन्मुख होता है। 4. लाइसोसोम गॉल्जीकाय द्वारा संवेष्टित (packaged) होने वाले पुटिकाएँ हैं जिनमें अम्लीय हाइड्रोलिसेस (जैसे कार्बोहाइड्रिसेस, प्रोटीएसेस और लिपेसेस) प्रचुर मात्रा में होते हैं जो pH 5 के आसपास सर्वाधिक सक्रिय होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.