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Geography
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भारत के प्रमुख पर्वतीय क्षेत्रों, पर्वत श्रेणियों और उनसे संबंधित घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'महान हिमालय' (Greater Himalayas) में स्थित 'कश्मीर घाटी' (Kashmir Valley) एक समकालिक घाटी (Synclinal Valley) है जो पीर पंजाल और मुख्य महान हिमालयी श्रेणी के बीच एक विवर्तनिक बेसिन के रूप में स्थित है।
- 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'कुल्लू घाटी' (Kullu Valley), जिसे 'देवों की घाटी' भी कहा जाता है, हिमाचल प्रदेश में धौलाधार और पीर पंजाल श्रेणियों के मध्य व्यास नदी द्वारा निर्मित एक अनुप्रस्थ घाटी है।
- 3. 'साइलेंट वैली' (Silent Valley) या मूक घाटी पश्चिमी घाट की नीलगिरी पहाड़ियों में स्थित है, जो उष्णकटिबंधीय सदाबहार वर्षा वनों से आच्छादित है और यहाँ कुंतीपुझा नदी प्रवाहित होती है।
- 4. 'ज़स्कर श्रेणी' (Zanskar Range) लद्दाख श्रेणी के दक्षिण में समानांतर फैली हुई है, और नंदा देवी तथा कामेट जैसी सर्वोच्च पर्वत चोटियाँ इसी श्रेणी का मुख्य हिस्सा हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। कश्मीर घाटी वास्तव में पीर पंजाल (मध्य/लघु हिमालय) और महान हिमालय के बीच एक विवर्तनिक रूप से निर्मित समकालिक बेसिन (Synclinal Basin) है। कुल्लू घाटी हिमाचल प्रदेश में धौलाधार और पीर पंजाल श्रेणियों के बीच व्यास नदी द्वारा बनाई गई है। साइलेंट वैली (मूक घाटी) केरल के पालक्कड़ जिले में नीलगिरी पहाड़ियों के दक्षिण-पश्चिम भाग में स्थित उष्णकटिबंधीय वर्षा वनों का क्षेत्र है, जहाँ कुंतीपुझा नदी बहती है। कथन 4 गलत है क्योंकि नंदा देवी, कामेट, त्रिशूल और बद्रीनाथ जैसी सर्वोच्च हिमालयी चोटियाँ 'महान हिमालय' (Greater Himalayas / Himadri) श्रेणी का हिस्सा हैं, न कि ज़स्कर श्रेणी का। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारतीय पर्वतीय तंत्र का यह भौगोलिक वर्गीकरण देश की भू-संरचना को भली-भांति स्पष्ट करता है।
Related Questions
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विश्व की प्रमुख नदियों और उनके किनारे बसे नगरों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. कायरो (Cairo): यह मिस्र की राजधानी है जो 'नील नदी' (Nile River) के तट पर स्थित है।
2. बुडापेस्ट (Budapest): यह हंगरी की राजधानी है जो 'डैन्यूब नदी' (Danube River) के दोनों तटों पर बसी हुई है।
3. पेरिस (Paris): यह फ्रांस की राजधानी है जो 'सीन नदी' (Seine River) के किनारे स्थित है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार रोम (Rome) इटली की राजधानी है जो 'पो नदी' (Po River) के तट पर स्थित है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-कौन से युग्म सही सुमेलित हैं?
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भारतीय मृदाओं की विशेषता और उनके वितरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल और पीली मृदा का विकास दक्कन पठार के पूर्वी और दक्षिणी भागों में रवेदार आग्नेय चट्टानों पर कम वर्षा वाले क्षेत्रों में होता है, तथा जल के साथ मिलने पर लौह ऑक्साइड के जलयोजन के कारण यह पीले रंग में परिवर्तित हो जाती है।
2. शुष्क और मरुस्थलीय मृदाओं में ह्यूमस और नाइट्रोजन की मात्रा नगण्य तथा कैल्शियम कार्बोनेट की अधिकता के कारण नीचे की परतों में 'कंकड़' की परत पाई जाती है।
3. 'रर', 'ऊसर' या 'कल्लर' के रूप में पहचानी जाने वाली लवणीय और क्षारीय मृदाओं में सोडियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम के लवण प्रचुर मात्रा में होते हैं, जिसके कारण इनमें नाइट्रोजन और चूने की अधिकता होती है और ये उपजाऊ हो जाती हैं।
4. लैटेराइट मृदा का निर्माण उच्च तापमान और अत्यधिक भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र 'निक्षालन' (Leaching) प्रक्रिया के परिणामस्वरूप होता है, जिसके कारण सिलिका का क्षालन हो जाता है और ऊपरी परत में लौह तथा एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष बचते हैं, जो चाय और कॉफी की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वैश्विक पवन प्रणालियों, वायुमंडलीय आर्द्रता और वर्षा के प्रकारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पर्वतीय वर्षा' (Orographic Rainfall) तब होती है जब आर्द्र हवाओं को किसी पर्वतीय अवरोध के कारण ऊपर उठना पड़ता है, जिससे हवा का रुद्धोष्म (Adiabatic) शीतलन होता है और पर्वत के पवनाभिमुख (Windward) ढाल पर भारी वर्षा होती है, जबकि पवनाविमुख (Leeward) ढाल पर वृष्टिछाया क्षेत्र (Rain Shadow Area) का निर्माण होता है।
2. 'ओस' (Dew) के निर्माण के लिए यह अनिवार्य शर्त है कि ओस बिंदु (Dew Point) हिमांक (0° सेल्सियस) से नीचे होना चाहिए, अन्यथा ओस के स्थान पर पाला (Frost) का निर्माण हो जाता है।
3. 'वाष्प दाब आधिक्य' (Vapour Pressure Deficit) वायुमंडल की जलवाष्प धारण करने की क्षमता और उसमें वास्तविक रूप से मौजूद जलवाष्प के दाब के बीच का अंतर है, जो वाष्पोसर्जन (Transpiration) की दर को प्रत्यक्ष रूप से नियंत्रित करता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भूमध्यरेखीय क्षेत्रों में वर्ष भर उच्च तापमान और संवहनी धाराओं के कारण प्रतिदिन दोपहर के बाद कपासी-वर्षा मेघों (Cumulonimbus Clouds) द्वारा तड़ित झंझावात के साथ होने वाली वर्षा को संवहनी वर्षा कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय जलवायु और दक्षिण-पश्चिम मानसून की क्रियाप्रणाली को प्रभावित करने वाले 'भारतीय महासागर द्विध्रुव' (Indian Ocean Dipole - IOD) और 'मैडेन-जुलियन दोलन' (Madden-Julian Oscillation - MJO) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'धनात्मक IOD' (Positive IOD) की स्थिति के दौरान पश्चिमी हिंद महासागर (अफ़्रीका के तट के पास) का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जबकि पूर्वी हिंद महासागर (इंडोनेशिया के तट के पास) का तापमान ठंडा हो जाता है, जो भारतीय मानसूनी वर्षा को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।
2. 'मैडेन-जुलियन दोलन' (MJO) एक महासागरीय स्थायी धारा है जो भूमध्य रेखा के सहारे पूर्व से पश्चिम की ओर धीमी गति से परिक्रमण करती है और इसके सक्रिय चरण के दौरान भारतीय उपमहाद्वीप पर मानसूनी वर्षा में अस्थायी कमी या शुष्क दौर (Break in Monsoon) देखा जाता है।
3. धनात्मक IOD अक्सर 'अल नीनो' (El Nino) के प्रभाव को संतुलित या कमजोर करने की क्षमता रखता है, जिससे अल नीनो वर्ष में भी भारत में सामान्य या औसत से अधिक मानसूनी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार नकारात्मक IOD (Negative IOD) की स्थिति में पश्चिमी हिंद महासागर में ठंडे पानी का अपवेलिंग तीव्र होता है, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय उपमहाद्वीप में मानसूनी वर्षा में भारी वृद्धि और बाढ़ जैसी स्थितियां उत्पन्न होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विश्व का सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान कौन सा माना जाता है?
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