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Geography
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भारत की भौगोलिक अवस्थिति, अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं और चरम बिंदुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत का सुदूर दक्षिणी बिंदु (ग्रैंड निकोबार में स्थित इंदिरा पॉइंट) भूमध्य रेखा से लगभग 876 किलोमीटर की दूरी पर 6°45' उत्तर अक्षांश पर स्थित है, जबकि मुख्य भूमि का दक्षिणतम छोर कन्याकुमारी 8°4' उत्तर अक्षांश पर है।
- 2. भारत की स्थलीय सीमा की कुल लंबाई लगभग 15,106.7 किलोमीटर है, जो सात देशों (पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, म्यांमार और बांग्लादेश) के साथ लगती है, जिसमें सबसे लंबी सीमा बांग्लादेश के साथ और सबसे छोटी सीमा अफ़गानिस्तान के साथ साझा होती है।
- 3. 'रेडक्लिफ रेखा' (Radcliffe Line) भारत और पाकिस्तान के बीच की सीमा निर्धारित करती है, जिसका निर्धारण 1947 में सर सिरिल रेडक्लिफ द्वारा किया गया था, और यह रेखा केवल वर्तमान भारत-पाकिस्तान सीमा तक ही सीमित थी, इसका भारत-बांग्लादेश (तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान) सीमा से कोई संबंध नहीं था।
- 4. भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य त्रिपुरा को तीन तरफ से अंतर्राष्ट्रीय सीमा (बांग्लादेश) घेरे हुए है, और भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित 'तीन बीघा कॉरिडोर' (Tin Bigha Corridor) पश्चिम बंगाल राज्य के अंतर्गत आता है जो भारत को बांग्लादेश के दाहग्राम-अंगारपोता अंतःक्षेत्र से जोड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि भारत का मुख्य भूमि का दक्षिणतम बिंदु कन्याकुमारी 8°4' उत्तरी अक्षांश पर है, जबकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में स्थित 'इंदिरा पॉइंट' (पिगमेलियन पॉइंट) 6°45' उत्तरी अक्षांश पर स्थित है। कथन 2 सही है क्योंकि भारत की स्थलीय सीमा लगभग 15,106.7 किमी है जो 7 देशों से जुड़ी है; इसमें सबसे लंबी सीमा बांग्लादेश (लगभग 4,096.7 किमी) और सबसे छोटी सीमा अफ़गानिस्तान (106 किमी) के साथ है। कथन 3 गलत है क्योंकि रेडक्लिफ रेखा का निर्धारण केवल भारत-पाकिस्तान के बीच ही नहीं, बल्कि वर्ष 1947 में भारत के विभाजन के समय भारत और पश्चिमी पाकिस्तान के साथ-साथ भारत और पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) के बीच की सीमा के रूप में भी किया गया था। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, कथन 4 भी सही है क्योंकि त्रिपुरा तीन तरफ से बांग्लादेश से घिरा हुआ है और तीन बीघा कॉरिडोर भारत-बांग्लादेश सीमा पर पश्चिम बंगाल में स्थित है जो द्विपक्षीय समझौतों के तहत महत्वपूर्ण है। अतः केवल कथन 1, 2 और 4 सही हैं।
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विवर्तनीय प्रक्रियाओं (Tectonic Processes) के दौरान भूकंपीय तरंगों के संचरण, ज्वालामुखी उद्गार के प्रकार और सुनामी की गतिशीलता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भूकंप के अधिकेन्द्र (Epicentre) से उत्पन्न होने वाली 'रेले तरंगें' (Rayleigh Waves) और 'लव तरंगें' (Love Waves) दोनों सतही तरंगें (Surface Waves) हैं, जो पृथ्वी की सतह के समानांतर गति करती हैं और इनकी गति प्राथमिक (P) तथा द्वितीयक (S) तरंगों की तुलना में धीमी होती है, परंतु ये विनाशकारी प्रभाव सबसे अधिक उत्पन्न करती हैं।
2. 'स्ट्रॉम्बोलीयन प्रकार' (Strombolian type) के ज्वालामुखी उद्गार में अत्यधिक चिपचिपा और सिलिका-युक्त एंडीसाइट या रायोलाइट लावा निकलता है, जिसके कारण भयंकर विस्फोट और पाइरोक्लास्टिक बादलों का निर्माण होता है, और इसे 'ज्वालामुखी का प्रकाशस्तंभ' भी कहा जाता है।
3. जब सुनामी तरंगें गहरे महासागर से उथले तटीय जल में प्रवेश करती हैं, तो उनकी तरंग दैर्ध्य (Wavelength) और वेग में भारी कमी आ जाती है, लेकिन घर्षण और ऊर्जा के संरक्षण के कारण उनकी ऊँचाई (Amplitude/Height) अत्यधिक बढ़ जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भूकंपीय तरंगों, ज्वालामुखी उद्गार की क्रियाओं और सुनामी की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं और ये ठोस, तरल तथा गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं और ये केवल ठोस माध्यमों में ही गमन कर सकती हैं।
2. 'सुनामी' (Tsunami) जापानी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ 'बंदरगाह लहर' होता है, और समुद्र के भीतर उत्पन्न होने वाली ये तरंगें उथले पानी में पहुँचने पर अपनी तरंग दैर्ध्य (Wavelength) में कमी और ऊँचाई (Amplitude) में अत्यधिक वृद्धि का अनुभव करती हैं।
3. 'हॉटस्पॉट' (Hotspot) ज्वालामुखी वे होते हैं जो प्लेटों की सीमाओं पर स्थित न होकर विवर्तनिक प्लेटों के मध्य में स्थित होते हैं, और हवाई द्वीप समूह (Hawaiian Islands) इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है जहाँ स्थायी मैग्मा प्लूम कार्य करता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी के भीतर वह स्थान जहाँ से भूकंपीय ऊर्जा निकलती है, 'अधिकरण' (Epicenter) कहलाता है, जबकि इसके ठीक ऊपर सतह पर स्थित बिंदु को 'अवरोध केंद्र' (Focus) कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के वन क्षेत्र, राष्ट्रीय उद्यानों और जैवमंडल आरक्षित क्षेत्रों (Biosphere Reserves) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट' (ISFR) के अनुसार देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 24.62% भाग वनों और वृक्षावरण के अंतर्गत आता है, जिसमें कुल वन आवरण के क्षेत्रफल के मामले में 'मध्य प्रदेश' प्रथम स्थान पर है, जबकि भौगोलिक क्षेत्रफल के प्रतिशत के रूप में 'मिजोरम' (लगभग 84.53%) सर्वोच्च स्थान पर है।
2. भारत में 'मैनग्रोव वन' (Mangrove Forests) का सबसे बड़ा क्षेत्रफल पश्चिम बंगाल के सुंदरबन डेल्टा में पाया जाता है, जिसके पश्चात दूसरा और तीसरा स्थान क्रमशः गुजरात और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह का आता है।
3. वर्ष 1986 में स्थापित 'नीलगिरी बायोस्फेयर रिजर्व' भारत का पहला यूनेस्को मान्यता प्राप्त बायोस्फेयर रिजर्व था, जो केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु राज्यों के मिलन बिंदु पर स्थित है तथा इसमें नागरहोल, बांदीपुर और मुदुमलाई जैसे महत्वपूर्ण वन्यजीव संरक्षित क्षेत्र शामिल हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की राष्ट्रीय वन नीति (1988) का प्रमुख लक्ष्य देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के कम से कम 33% भाग पर वन और वृक्ष आवरण को बनाए रखना है, ताकि पारिस्थितिक संतुलन और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनके प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय जलधाराओं की दिशा उत्तरी गोलार्द्ध में कोरियोलिस बल के प्रभाव से घड़ी की सुई की दिशा (Clockwise) में और दक्षिणी गोलार्द्ध में घड़ी की सुई की विपरीत दिशा (Anti-clockwise) में होती है, जो मुख्य रूप से प्रचलित पवनों और पृथ्वी के घूर्णन द्वारा नियंत्रित होती है।
2. उत्तरी अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली 'कनारी जलधारा' (Canary Current) एक गर्म जलधारा है जो अफ्रीका के उत्तर-पश्चिमी तट के साथ बहते हुए सहारा मरुस्थल के निर्माण में अपनी शुष्क विशेषताओं के कारण महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
3. दक्षिणी गोलार्द्ध में प्रशांत महासागर के पश्चिमी तट पर प्रवाहित होने वाली 'पेरू या हंबोल्ट जलधारा' (Peru Current) एक ठंडी जलधारा है, जिसके प्रवाह क्षेत्र में प्लवक (Plankton) की प्रचुरता के कारण दुनिया के सबसे बड़े मछली पकड़ने के मैदानों में से एक का विकास होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सुशीमा जलधारा (Tsushima Current) प्रशांत महासागर में क्यूरोशियो जलधारा की एक शाखा है जो जापान सागर की ओर उत्तर की ओर प्रवाहित होती है और एक गर्म जलधारा के रूप में जानी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों की भूगर्भीय संरचना तथा उनके भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में पाए जाने वाले कोयले का लगभग 98% भाग 'गोंडवाना क्रम' की चट्टानों से प्राप्त होता है, जिसमें बिटुमिनस (Bituminous) कोटि का कोयला प्रमुख रूप से शामिल है, जबकि टर्शरी (Tertiary) कालीन कोयला मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों में मिलता है जो उच्च गंधक (High Sulphur) युक्त होता है।
2. 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) अपतटीय पेट्रोलियम क्षेत्र खंभात बेसिन के अंतर्गत अरब सागर में स्थित है, जहाँ तेल और प्राकृतिक गैस के मुख्य भंडार 'मायोसीन' (Miocene) युग के चूना पत्थर (Limestone) संस्तरों में पाए जाते हैं।
3. भारत में थोरियम के विश्व के सबसे बड़े भंडार केरल और अन्य तटीय राज्यों की बालू में मिलने वाले 'मोनाज़ाइट' (Monazite) अयस्क में संकेंद्रित हैं, जबकि यूरेनियम का उत्पादन झारखंड के जादूगोड़ा के अतिरिक्त आंध्र प्रदेश के तुम्मलापल्ली और तेलंगाना के लम्बapur क्षेत्रों से भी किया जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में एंथ्रेसाइट श्रेणी का उत्तम कोटि का कोयला बहुत ही सीमित मात्रा में केवल जम्मू-कश्मीर (रियासी क्षेत्र) के कुछ हिस्सों में पाया जाता है, जबकि गोंडवाना कोयला क्षेत्रों में दामोदर घाटी (झारखंड-पश्चिम बंगाल) सबसे अधिक समृद्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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