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Geography
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सौर मंडल के ग्रहों, उनकी गतिशीलता और खगोलीय पिंडों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. आंतरिक ग्रह (Terrestrial Planets) पार्थिव ग्रह कहलाते हैं जो मुख्य रूप से सिलिकेट चट्टानों और धातुओं से बने हैं, और बुध, शुक्र, पृथ्वी तथा मंगल इसके अंतर्गत आते हैं, जिनमें से शुक्र और मंगल दोनों का अपना कोई प्राकृतिक उपग्रह नहीं है।
- 2. 'काएपर बेल्ट' (Kuiper Belt) नेपच्यून की कक्षा के परे सूर्य से लगभग 30 से 50 खगोलीय इकाइयों की दूरी तक फैला हुआ एक क्षेत्र है, जहाँ कई बर्फीले पिंड और बौने ग्रह जैसे प्लूटो और हउमेया स्थित हैं।
- 3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार बृहस्पति का प्राकृतिक उपग्रह 'गैनीमीड' (Ganymede) हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा उपग्रह है, जो आकार में बुध ग्रह से भी बड़ा है और इसका अपना चुंबकीय क्षेत्र भी पाया जाता है।
- 4. क्षुद्रग्रह (Asteroids) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच सूर्य की परिक्रमा करते हैं, और 'सेरेस' (Ceres) इस बेल्ट में स्थित सबसे बड़ा पिंड है जिसे अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) द्वारा बौने ग्रह के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि हालांकि बुध और शुक्र के पास कोई प्राकृतिक उपग्रह नहीं है, किंतु मंगल ग्रह के दो छोटे प्राकृतिक उपग्रह हैं - फोबोस (Phobos) और डीमोस (Deimos)। कथन 2, 3 और 4 पूरी तरह से सत्य हैं। काएपर बेल्ट नेपच्यून के परे स्थित बर्फीले पिंडों का क्षेत्र है, गैनीमीड सौर मंडल का सबसे बड़ा उपग्रह है, और सेरेस मंगल तथा बृहस्पति के बीच स्थित क्षुद्रग्रह पेल्ट का सबसे बड़ा पिंड एवं बौना ग्रह है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सौर मंडल की संरचना में ग्रहों, उपग्रहों और छोटे खगोलीय पिंडों की यह व्यवस्था वैज्ञानिक दृष्टि से प्रमाणित है।
Related Questions
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी भूगर्भीय विशेषताओं और निष्कर्षण क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के कुल कोयला भंडारों का लगभग 98 प्रतिशत भाग गोंडवाना क्रम की चट्टानों से प्राप्त होता है, जो मुख्य रूप से कार्बन की उच्च मात्रा और कम राख (Ash) सामग्री के कारण उच्च कोटि का बिटुमिनस कोयला प्रदान करता है, जबकि टर्शरी कालीन कोयला मुख्य रूप से असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय जैसे उत्तर-पूर्वी राज्यों में मिलता है जो उच्च गंधक (High Sulphur) युक्त होता है।
2. 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) अपतटीय पेट्रोलियम क्षेत्र खंभात बेसिन के अंतर्गत अरब सागर के महाद्वीपीय शेल्फ पर स्थित है, जहाँ पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के मुख्य भंडार 'मायोसीन' (Miocene) युग की चूना पत्थर संरचनाओं में संकेंद्रित हैं।
3. भारत में परमाणु ऊर्जा कार्यक्रमों के लिए आवश्यक 'यूरेनियम' का उत्पादन झारखंड के जादूगोड़ा के अतिरिक्त आंध्र प्रदेश के तुम्मलापल्ली क्षेत्र से भी बड़े पैमाने पर किया जाता है, जहाँ डोलोमाइट और कार्बोनेट चट्टानों में यूरेनियम के विशाल भंडार खोजे गए हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में देश का पहला कोयला खनन कार्य वर्ष 1774 में दामोदर घाटी क्षेत्र में रानीगंज (पश्चिम बंगाल) में ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल में शुरू किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनके प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'अगुल्हास जलधारा' (Agulhas Current) हिंद महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो मोजांबिक और मेडागास्कर की धाराओं के मिलने से दक्षिण की ओर प्रवाहित होती है और अफ्रीका के दक्षिणी छोर पर अटलांटिक महासागर में प्रवेश करती है।
2. 'कैलिफोर्निया जलधारा' (California Current) उत्तरी प्रशांत महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो उत्तर से दक्षिण की ओर अमेरिका के पश्चिमी तट के सहारे बहती है और इसके प्रभाव से इस क्षेत्र में तटीय कोहरा और शुष्क परिस्थितियाँ उत्पन्न होती हैं।
3. 'फॉकलैंड जलधारा' (Falkland Current) अटलांटिक महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट के सहारे ब्राजील की ठंडी जलधारा के विपरीत दिशा में प्रवाहित होती है।
4. 'कनारी जलधारा' (Canary Current) उत्तरी अटलांटिक महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो उत्तर-पश्चिम अफ्रीका के तट के सहारे दक्षिण की ओर बहती है और सहारा मरुस्थल के तटीय विस्तार को प्रभावित करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पवन प्रणालियों, वायुदाब पेटियों तथा चक्रवातों की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ट्रैड्स' या व्यापारिक हवाएँ (Trade Winds) उत्तरी गोलार्ध में उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम की ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में दक्षिण-पूर्व से उत्तर-पश्चिम की ओर बहती हैं, जो कोरियोलिस बल के प्रभाव के कारण अपने मूल मार्ग से विक्षेपित हो जाती हैं।
2. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के विकास के लिए समुद्र की सतह का तापमान न्यूनतम 27°C होना आवश्यक है, और इनकी उत्पत्ति के लिए कोरियोलिस बल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, यही कारण है कि ये चक्रवात भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर (0° से 5° अक्षांशों के मध्य) सबसे अधिक तीव्रता से विकसित होते हैं।
3. शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों (Temperate Cyclones) की उत्पत्ति ध्रुवीय वाताग्र (Polar Front) के सहारे विसंसरणीय (Frontogenesis) प्रक्रियाओं के फलस्वरूप होती है, और इनका मौसम पर प्रभाव बहुत व्यापक होता है जो पूर्व से पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के केंद्र में स्थित 'चक्रवात की आँख' (Eye of the Cyclone) एक शांत, मेघहीन और अवरोही वायु क्षेत्र होता है, जहाँ वायुदाब न्यूनतम और तापमान उच्च होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय जलधाराओं और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कुरोशियो जलधारा' (Kuroshio Current) उत्तर प्रशांत महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो फिलीपींस के तट से उत्तर की ओर बहते हुए जापान के पूर्वी तट के सहारे प्रवाहित होती है और इसे 'जापान की काली धारा' भी कहा जाता है।
2. 'बेंग्युला जलधारा' (Benguela Current) दक्षिण अटलांटिक महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो अफ्रीकी महाद्वीप के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर बहती है और इसके प्रभाव से कालाहारी मरुस्थल के तटीय भागों में अति-शुष्क परिस्थितियों का निर्माण होता है।
3. 'लैब्राडोर जलधारा' (Labrador Current) आर्कटिक महासागर से दक्षिण की ओर बहने वाली एक गर्म जलधारा है, जो न्यूफाउंडलैंड के तट के पास गल्फ स्ट्रीम से मिलकर दुनिया के सबसे बड़े मरुस्थलीय क्षेत्रों का निर्माण करती है।
4. 'अलास्का जलधारा' (Alaska Current) उत्तरी प्रशांत महासागर के उच्च अक्षांशों पर प्रवाहित होने वाली एक ठंडी जलधारा है, जो अलास्का की खाड़ी में तापमान को अत्यधिक गिरा देती है और बंदरगाहों को जमा देती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वायुमंडल की विभिन्न परतों, तापमान प्रवणता और भूमध्यरेखीय निम्न वायुदाब पेटी (डोलड्रम) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्षوبमंडल (Troposphere) में ऊँचाई में वृद्धि के साथ तापमान में सामान्य ह्रास दर (Normal Lapse Rate) के अनुसार प्रति 165 मीटर की ऊँचाई पर 1°C की दर से कमी आती है, जिसका मुख्य कारण इस परत का पृथ्वी के धरातल द्वारा सीधे गर्म होना और पार्थिव विकिरण (Terrestrial Radiation) है।
2. मध्यमंडल (Mesosphere) वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है, जिसमें ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में पुनः गिरावट आने लगती है और इस परत के ऊपरी सीमा यानी 'मेसोपॉज' पर तापमान न्यूनतम लगभग -90°C तक पहुँच जाता है।
3. 'डोलड्रम' (Doldrums) भूमध्य रेखा के दोनों ओर लगभग 5° उत्तर से 5° दक्षिण अक्षांशों के बीच विस्तृत एक उच्च वायुदाब पेटी है, जहाँ धरातलीय पवनें क्षैतिज रूप से अत्यंत तीव्र गति से चलती हैं और यहाँ सालभर प्रचंड चक्रवातों का निर्माण होता है।
4. समतापमंडल (Stratosphere) की ऊपरी सीमा पर स्थित ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को अवशोषित करती है, जिसके कारण इस परत में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में वृद्धि दर्ज की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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