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Geography
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भारत की जनगणना 2011 और जनसंख्या वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत की कुल जनसंख्या का लगभग आधे से अधिक हिस्सा केवल पाँच राज्यों—उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश—में संकेंद्रित है, जहाँ उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य है।
- 2. 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत का समग्र लिंगानुपात (Sex Ratio) 943 है, जिसमें केरल राज्य 1084 के लिंगानुपात के साथ शीर्ष पर है, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों में पुदुचेरी का लिंगानुपात सबसे अधिक दर्ज किया गया है।
- 3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार देश का समग्र घनत्व (Population Density) 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, जिसमें बिहार राज्य 1106 व्यक्तियों के घनत्व के साथ राज्यों में पहले स्थान पर है, जबकि न्यूनतम जनसंख्या घनत्व वाला राज्य अरुणाचल प्रदेश है।
- 4. भारत में जनजातीय (Scheduled Tribes) जनसंख्या के कुल वितरण के संदर्भ में, मध्य प्रदेश राज्य में देश की कुल अनुसूचित जनजाति की आबादी का सबसे बड़ा हिस्सा निवास करता है, और यहाँ की कुल आबादी में जनजातियों का प्रतिशत 86% से अधिक है जो देश में सर्वाधिक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि भारत के शीर्ष पाँच सर्वाधिक जनसंख्या वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश शामिल नहीं हैं, बल्कि आंध्र प्रदेश के स्थान पर 'मध्य प्रदेश' पाँचवाँ सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है (आंध्र प्रदेश का विभाजन भी इसका एक कारण है)। कथन 4 गलत है क्योंकि हालांकि मध्य प्रदेश में अनुसूचित जनजाति (ST) की कुल संख्या सबसे अधिक है, लेकिन कुल जनसंख्या के प्रतिशत के आधार पर 'मिजोरम' (लगभग 94.4%) और 'लक्षद्वीप' देश में शीर्ष पर हैं, जबकि मध्य प्रदेश में ST प्रतिशत लगभग 21.1% है। कथन 2 और 3 बिल्कुल सही हैं; विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 2011 की जनगणना के वक्त भारत का जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति/वर्ग किमी था, बिहार का घनत्व सर्वाधिक (1106) था, और लिंगानुपात 943 दर्ज किया गया था।
Related Questions
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भारत के अपवाह तंत्र और नदियों की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ 'पूर्ववर्ती अपवाह' (Antecedent Drainage) का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, जिसका अर्थ है कि ये नदियाँ हिमालय के उत्थान से पहले भी प्रवाहित होती थीं और उन्होंने उत्थान के साथ-साथ अपनी घाटियों को गहरा करके गहरे गार्ज (Gorges) का निर्माण किया है।
2. प्रायद्वीपीय भारत की अधिकांश नदियाँ 'वृक्षाकार' (Dendritic) अपवाह पैटर्न का निर्माण करती हैं, जबकि दक्षिण भारत की नर्मदा और ताप्ती नदियाँ भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) से होकर बहती हुई अरब सागर में गिरती हैं और मुहानों पर ऐश्वरी (Estuary) का निर्माण करती हैं।
3. प्रायद्वीपीय नदियों में गोदावरी नदी सबसे लंबी नदी है, जिसे 'दक्षिण गंगा' या 'वृद्ध गंगा' कहा जाता है, और इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ प्रताणित, प्राणहिता, इंद्रावती और सबरी हैं, जो दक्कन के पठार के उत्तरी भाग से जल लाती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सिंधु नदी तंत्र की सहायक नदी 'सतलुज' भी एक पूर्ववर्ती नदी है, जो तिब्बत के मानसरोवर के निकट राक्षस ताल से निकलकर शिपकी ला दर्रे से भारत में प्रवेश करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण और उनकी भू-तत्वीय विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का अधिकांश कोयला भंडार (लगभग 98% से अधिक) गोंडवाना क्रम की चट्टानों से प्राप्त होता है, जो मुख्य रूप से दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियों के बेसिन में केंद्रित है, जबकि टर्शियरी कोयला मुख्यतः पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में पाया जाता है।
2. देश में पेट्रोलियम के प्रमुख अन्वेषण और उत्पादन बेसिन टर्शियरी युग की अवसादी चट्टानों (Tertiary Sedimentary Basins) से संबंधित हैं, जिनमें मुंबई हाई (Mumbai High) देश का सबसे बड़ा अपतटीय (Offshore) तेल क्षेत्र है, जो मध्य-मिश्रित मन्नतट पर स्थित है।
3. भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में यूरेनियम के प्रमुख भंडार झारखंड के सिंहभूम शियर जोन (Singhbhum Shear Zone) और आंध्र प्रदेश के तुमलापल्ली क्षेत्र में कैल्के-सिलिकेट चट्टानों से प्राप्त होते हैं, जबकि थोरियम का विशाल भंडार केरल के तटवर्ती क्षेत्रों में 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sand) के रूप में प्रचुरता से उपलब्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारतीय मानसून की क्रियाविधि और जेट स्ट्रीम (Jet Stream) की भूमिका के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल के दौरान, उपोष्ण कटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम (Subtropical Westerly Jet Stream) तिब्बत के पठार के उत्तर की ओर खिसक जाती है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप के ऊपर दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्पत्ति के लिए अनुकूल दशाओं का निर्माण होता है।
2. 'उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम' (Tropical Easterly Jet Stream) ग्रीष्मकाल में ऊपरी क्षोभमंडल में पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है, जो बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर से आने वाली मानसूनी हवाओं को कमजोर करने का कार्य करती है।
3. शीतकाल के दौरान, उपोष्ण कटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम हिमालय के दक्षिण में प्रवाहित होती है, और इसकी एक शाखा उत्तर भारत में प्रवेश करके भूमध्यसागरीय विक्षोभों (Western Disturbances) को लाने में मदद करती है जो पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 'मावठ' (वर्षा) का कारण बनती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सोमालिया जेट स्ट्रीम (Somalia Jet Stream), जिसे 'फाइंडर जेट' भी कहा जाता है, ग्रीष्मकालीन मानसून के दौरान पूर्वी अफ्रीका के तट के सहारे उत्तर-पूर्व दिशा में बहती है और भारतीय प्रायद्वीप के पश्चिमी तट पर मानसूनी हवाओं को तीव्र करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की मिट्टियों के वर्गीकरण, उनकी रासायनिक विशेषताओं और भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'रैगुड़' या काली मृदा (Black Soil) का काला रंग मुख्य रूप से टाइटैनिफेरस मैग्नेटाइट, ह्यूमस और एल्युमिनियम व आयरन के यौगिकों के सम्मिश्रण के कारण होता है, और इसमें जल धारण करने की अद्भुत क्षमता होने के कारण गीली होने पर यह अत्यधिक चिपचिपी हो जाती है।
2. लैटेराइट मृदा (Laterite Soil) उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र 'निक्षालन' (Leaching) प्रक्रिया का परिणाम है, जहाँ सिलिका का निक्षालन हो जाने के कारण पृष्ठ भाग पर आयरन और एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष बच जाते हैं, जिससे यह मृदा कृषि के लिए अत्यधिक उपजाऊ बन जाती है।
3. क्षारीय और लवणीय मृदाओं (Alkaline and Saline Soils), जिन्हें स्थानीय रूप से कलर, उसर या रेह भी कहा जाता है, का विकास मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में होता है जहाँ जल निकास की उचित व्यवस्था नहीं होती और तीव्र वाष्पीकरण के कारण सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम के लवण केशिका क्रिया (Capillary action) द्वारा सतह पर जमा हो जाते हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) भारत के कुल भू-भाग के सबसे बड़े हिस्से पर पाई जाती है, जिसे आयु के आधार पर 'खादर' (नवीन जलोढ़) और 'बांगर' (प्राचीन जलोढ़) में विभाजित किया जाता है, जिसमें पोटाश और चूने की प्रचुरता होती है लेकिन नाइट्रोजन और ह्यूमस की कमी पाई जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की पर्वत प्रणालियों, उनकी संरचनात्मक विशेषताओं तथा प्रमुख घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महान हिमालय (Great Himalaya) श्रेणी मुख्य रूप से क्रिस्टलीय और रूपांतरित चट्टानों (जैसे ग्रेनाइट और गनीस) से बनी है, और यह अपनी असममित संरचना (Asymmetrical fold) के लिए जानी जाती है जिसका दक्षिणी ढलान तीव्र और उत्तरी ढलान मंद होता है।
2. 'कांगड़ा घाटी' (Kangra Valley) और 'कुल्लू घाटी' (Kullu Valley) हिमाचल प्रदेश में स्थित अनुदैर्ध्य (Longitudinal) घाटियाँ हैं, जिनमें से कांगड़ा घाटी धौलाधार और शिवालिक श्रेणियों के बीच स्थित है जबकि कुल्लू घाटी धौलाधार और पीर पंजाल श्रेणियों के मध्य व्यास नदी द्वारा निर्मित है।
3. 'अरावली पर्वतमाला' (Aravalli Range) विश्व की सबसे प्राचीन वलित पर्वत प्रणालियों में से एक है, जो गुजरात के पालनपुर से शुरू होकर राजस्थान और हरियाणा से होते हुए दिल्ली तक फैली हुई है, तथा इसका सर्वोच्च शिखर माउंट आबू पर स्थित 'गुरु शिखर' है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार नीलपर्वत या 'नीलगिरी पहाड़ियाँ' (Nilgiri Hills) पूर्वी घाट और पश्चिमी घाट का मिलन स्थल हैं, जिनकी सर्वोच्च चोटी 'डोडाबेट्टा' (Doda Betta) है और इनका निर्माण मुख्य रूप से अल्पाइन युग की वलन क्रिया के दौरान हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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