त्वरित लिंक्स
Geography
1 views
भारत में गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों और प्रमुख खनिज संसाधनों के भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. देश में पवन ऊर्जा (Wind Energy) की स्थापित क्षमता का सबसे बड़ा हिस्सा गुजरात और तमिलनाडु राज्यों में संकेंद्रित है, जहाँ तटीय हवाओं की अनुकूल गति प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।
- 2. राजस्थान का 'भादला सोलर पार्क' (Bhadla Solar Park) दुनिया का सबसे बड़ा चालू सौर पार्क है, जो थार मरुस्थल की उच्च सौर विकिरण और विशाल बंजर भूमि का लाभ उठाता है।
- 3. भारत में 'लिग्नाइट कोयला' (Lignite Coal) के सबसे बड़े संचित भंडार तमिलनाडु के नेवेली क्षेत्र में पाए जाते हैं, जबकि राजस्थान, गुजरात और जम्मू-कश्मीर में भी इसके छोटे भंडार मौजूद हैं।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में परमाणु खनिज के रूप में यूरेनियम का उत्पादन मुख्य रूप से झारखंड की जादूगोड़ा खान से होता है, जबकि आंध्र प्रदेश में स्थित 'तुमलापल्ले' भंडार को दुनिया के सबसे बड़े यूरेनियम भंडारों में से एक माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूरी तरह से सत्य हैं। भारत में पवन ऊर्जा का विकास मुख्य रूप से तटीय राज्यों जैसे तमिलनाडु और गुजरात में हुआ है। राजस्थान का भादला सोलर पार्क दुनिया का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा पार्क है। लिग्नाइट (भूरा कोयला) के प्रमुख भंडार तमिलनाडु (नेवेली) के अलावा राजस्थान और गुजरात में भी मिलते हैं। इसके अतिरिक्त, यूरेनियम के लिए झारखंड की जादूगोड़ा खान ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध है और आंध्र प्रदेश का तुमलापल्ले क्षेत्र विशाल यूरेनियम भंडारों के लिए जाना जाता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
→
पृथ्वी की विवर्तनिक गतिविधियों, ज्वालामुखी विस्फोट के प्रकारों और सुनामी की उत्पत्ति की यांत्रिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'स्ट्रॉम्बोली प्रकार' (Strombolian Type) के ज्वालामुखी उद्गार में अत्यधिक श्यान (Viscous) और सिलिका-युक्त मैग्मा का प्रयोग होता है, जिससे अत्यंत भयंकर और विनाशकारी विस्फोटक उद्गार होते हैं, जबकि 'हवाइयन प्रकार' (Hawaiian Type) का उद्गार शांत और कम श्यानता वाले बेसिक लावा के प्रवाह के रूप में होता है।
2. 'सुनामी' (Tsunami) लहरें महासागर के गहरे भागों में अत्यंत लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और कम ऊँचाई वाली होती हैं, जिसके कारण गहरे समुद्र में जहाजों को इनका आभास तक नहीं होता है, परंतु उथले तटीय क्षेत्रों में पहुँचने पर जल की कम गहराई के कारण उनकी तरंग गति मंद पड़ जाती है और उनकी तरंग ऊँचाई (Amplitude/Height) में भारी वृद्धि हो जाती है।
3. 'पैसिफिक रिंग ऑफ फायर' (Pacific Ring of Fire) क्षेत्र में विश्व के अधिकांश सक्रिय ज्वालामुखी और विनाशकारी भूकंप इसलिए आते हैं क्योंकि यहाँ महासागरीय प्लेटों का महाद्वीपीय या अन्य महासागरीय प्लेटों के नीचे भारी मात्रा में क्षेपण (Subduction) होता है।
4. भूकंपीय तरंगों में 'P-तरंगें' (Primary Waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं जो ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि 'S-तरंगें' (Secondary Waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं जो केवल ठोस माध्यमों से ही गमन कर सकती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
सौर मंडल के बाह्य ग्रहों (Jovian Planets) और उनकी आंतरिक संरचना तथा उपग्रह प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बृहस्पति का सबसे बड़ा उपग्रह 'गैनीमीड' (Ganymede) हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह है, जो आकार में बुध ग्रह से भी बड़ा है और इसका अपना एक आंतरिक चुंबकीय क्षेत्र (Intrinsic Magnetic Field) मौजूद है।
2. शनि ग्रह का सबसे बड़ा उपग्रह 'टाइटन' (Titan) सौर मंडल का एकमात्र ऐसा उपग्रह है जिसका एक सघन वायुमंडल है, जिसमें मुख्य रूप से नाइट्रोजन और मीथेन गैस पाई जाती है, तथा इसकी सतह पर तरल मीथेन/एथेन की झीलें मौजूद हैं।
3. अरुण (Uranus) और वरुण (Neptune) को 'बर्फ़ीले दिग्गज' (Ice Giants) कहा जाता है, क्योंकि इनके आंतरिक क्रोड (Core) के चारों ओर सिलिकेट चट्टानों के स्थान पर मुख्य रूप से जल, अमोनिया और मीथेन जैसे वाष्पशील पदार्थों का ठोस या उच्च घनत्व वाला द्रव आवरण पाया जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार वरुण (Neptune) सौर मंडल का सबसे ठंडा और दूर स्थित ग्रह है, जिसका अक्षीय झुकाव लगभग 98 डिग्री है, जिसके कारण यह अपनी कक्षा में एक 'लुढ़कते हुए गोले' की तरह सूर्य की परिक्रमा करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूकंपीय तरंगों की गतिकी तथा चट्टानों के वर्गीकरण और कायांतरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कॉनराड असांतत्य (Conrad Discontinuity) ऊपरी भूप्रपर्टी (Upper Crust) और निचली भूप्रपर्टी (Lower Crust) के बीच स्थित होता है, जहाँ घनत्व और प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक परिवर्तन देखा जाता है।
2. 'गुटेनबर्ग असांतत्य' (Gutenberg Discontinuity) मेंटल और बाह्य क्रोड के बीच की सीमा को रेखांकित करता है, जहाँ प्राथमिक तरंगें (P-waves) पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं और द्वितीयक तरंगें (S-waves) अपनी अधिकतम गति प्राप्त कर लेती हैं।
3. क्षेत्रीय कायांतरण (Regional Metamorphism) मुख्य रूप से अत्यधिक विवर्तनिक दबाव (Tectonic Pressure) और उच्च तापमान के संयुक्त प्रभाव से विशाल भू-भाग पर चट्टानों के रूप-परिवर्तन को प्रेरित करता है, जिससे शिस्ट (Schist) और नाइस (Gneiss) जैसी पर्णिल (Foliated) चट्टानों का निर्माण होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मोहरोविकिक असांतत्य (Mohorovičić Discontinuity) क्रोड और मेंटल के बीच स्थित है, जबकि लेहमन असांतत्य (Lehmann Discontinuity) बाह्य क्रोड और आंतरिक क्रोड के बीच की सीमा को पृथक् करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत की जनगणना 2011 और जनसंख्या वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के ग्रामीण और नगरीय जनसंख्या वितरण के अनुसार, देश की कुल जनसंख्या का लगभग 68.8% भाग ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करता है, जबकि सर्वाधिक ग्रामीण जनसंख्या प्रतिशत वाला राज्य हिमाचल प्रदेश है।
2. वर्ष 2001 से 2011 के दशक के दौरान भारत की दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर घटकर 17.64% रह गई, जो कि पूर्ववर्ती दशकों की तुलना में सबसे तीव्र गिरावट को दर्शाती है, और इस दौरान सबसे अधिक दशकीय वृद्धि दर मेघालय राज्य में दर्ज की गई थी।
3. भारत में अनुसूचित जातियों (Scheduled Castes) की कुल जनसंख्या का सबसे अधिक प्रतिशत उत्तर प्रदेश में दर्ज किया गया है, जबकि कुल जनसंख्या के अनुपात के मामले में पंजाब राज्य देश में पहले स्थान पर है।
4. भारत की जनगणना के अनुसार, 'भाषाई विविधता' के मामले में भारतीय उपमहाद्वीप में 'इंडो-आर्यन' (भारोपीय) परिवार बोलने वाले लोगों का प्रतिशत देश में सबसे अधिक (लगभग 78% से अधिक) है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
महासागरीय उच्चावच और ज्वार-भाटा की उत्पत्ति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय मग्नतट (Continental Shelf) की औसत गहराई 20 से 200 मीटर तक होती है और यहाँ प्रचुर मात्रा में खनिज तेल एवं प्राकृतिक गैस के भंडार पाए जाते हैं।
2. 'दैर्घ्यवृत्त ज्वार' (Apogean Tide) तब उत्पन्न होता है जब चंद्रमा पृथ्वी के सबसे निकटतम स्थिति (उपभू/Perigee) में होता है।
3. विश्व का सबसे ऊँचा ज्वार कनाडियन तट पर स्थित 'फंडी की खाड़ी' (Bay of Fundy) में आता है, जिसका मुख्य कारण वहाँ की विशिष्ट खाड़ी की आकृति और अनुनाद (Resonance) प्रभाव है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.