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Geography
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भारत के भौगोलिक विस्तार, अक्षांशीय तथा देशांतर रेखाओं की स्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत का मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के बीच है, और इस प्रकार इसका अक्षांशीय विस्तार लगभग 29° का है, जिसके कारण कन्याकुमारी और कश्मीर के बीच स्थानीय समय में लगभग दो घंटे का अंतर पाया जाता है।
- 2. भारत के मानक याम्योत्तर (82°30' पूर्व देशांतर) को देश की केंद्रीय देशांतर रेखा माना जाता है, जो उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश कुल पाँच राज्यों से होकर गुजरती है।
- 3. कर्क रेखा (23°30' उत्तर अक्षांश) भारत को लगभग दो बराबर भागों में विभाजित करती है और यह देश के कुल 8 राज्यों—गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम—से होकर गुजरती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का देशांतरीय विस्तार लगभग 29° (68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व) है, जिसके कारण देश के सबसे पश्चिमी बिंदु (गुहार मोती) और सबसे पूर्वी बिंदु (किबिथु) के सूर्योदय के समय में वास्तविक रूप से लगभग दो घंटे (120 मिनट) का अंतराल होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि अक्षांशीय विस्तार (Latitude) के कारण दिन-रात की अवधि में अंतर आ सकता है, परंतु स्थानीय समय (Local Time) का अंतर केवल देशांतरीय विस्तार (Longitude) के कारण होता है, न कि अक्षांशों के कारण। कश्मीर और कन्याकुमारी के बीच अक्षांशीय अंतर के कारण स्थानीय समय में कोई अंतर नहीं होता, बल्कि देशांतरीय स्थिति के कारण समय का अंतर होता है। कथन 2 बिल्कुल सही है; 82°30' पूर्व देशांतर भारत का मानक याम्योत्तर है जो नैनी (प्रयागराज) से गुजरता है और यह उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा एवं आंध्र प्रदेश—इन 5 राज्यों से होकर गुजरता है। कथन 3 सही है, कर्क रेखा 8 राज्यों से गुजरती है। कथन 4 सही है, देशांतरीय अंतर लगभग 29° होने के कारण अरुणाचल प्रदेश (किबिथु) और गुजरात (गुहार मोती) के बीच सूर्योदय में लगभग 2 घंटे का समय अंतराल होता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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पृथ्वी की आंतरिक विवर्तनिक प्रक्रियाओं, भूकंपीय तरंगों और सुनामी की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'सुनामी' (Tsunami) तरंगें जब गहरे समुद्र से उथले तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करती हैं, तो उनकी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) में भारी कमी और वेग में तीव्र गिरावट आती है, जिसके परिणामस्वरूप उनकी तरंग ऊँचाई (Wave Height) अचानक अत्यधिक बढ़ जाती है।
2. भूकंप के उद्गम स्थल को 'अ अधिकेंद्र' (Epicenter) कहा जाता है, जो ठीक उस भूकम्प मूल (Focus/Hypocenter) के नीचे पृथ्वी के आंतरिक भाग में स्थित होता है जहाँ से सबसे पहले भूकंपीय ऊर्जा विमोचित होती है।
3. 'प्राथमिक तरंगें' (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं, जो ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गमन कर सकती हैं, जबकि 'द्वितीयक तरंगें' (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं और ये केवल ठोस माध्यमों से ही गुजर सकती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, प्रशांत महासागर की परिधि पर स्थित 'अग्नि वलय' (Ring of Fire) मुख्य रूप से अभिसारी प्लेट सीमाओं (Convergent Plate Boundaries) और सबडक्शन जोन का क्षेत्र है, जहाँ दुनिया के सबसे अधिक विवर्तनिक भूकंप और सक्रिय ज्वालामुखी पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की प्रमुख झीलों, जलप्रपात और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'लोकटक झील' (Loktak Lake) पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है, जो मणिपुर राज्य में स्थित है और इस पर तैरते हुए अद्वितीय वनस्पति एवं मृदा के द्वीप पाए जाते हैं जिन्हें 'फुम्दि' (Phumdis) कहा जाता है, तथा इसी झील पर 'केइबुल् लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान' स्थित है जो संगाई हिरण का प्राकृतिक आवास है।
2. 'शरावती नदी' पर कर्नाटक राज्य में स्थित 'गेरसोप्पा' या 'योग जलप्रपात' (Jog Falls) भारत का सबसे ऊँचा सीधा (Plunge) गिरने वाला जलप्रपात है, जबकि शरावती नदी का उद्गम स्थल अंतीम रूप से अरब सागर में गिरता है।
3. 'सरदार सरोवर परियोजना' (Sardar Sarovar Project) नर्मदा नदी पर निर्मित एक बहुउद्देशीय परियोजना है, जिसका लाभ मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान—चारों राज्यों को प्राप्त होता है, और यह परियोजना 'नर्मदा बचाو आंदोलन' के कारण सामाजिक और पर्यावरणीय बहसों का केंद्र रही थी।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार जम्मू और कश्मीर में स्थित 'वुलर झील' भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की गोखुर (Oxbow) झील है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से भूगर्भीय गतिविधियों (Tectonic activity) के परिणामस्वरूप हुआ है और इससे झेलम नदी प्रवाहित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में गोंडवाना युगीन कोयला मुख्य रूप से दामोदर, सोन, महानदी और गोदावरी नदी घाटियों में पाया जाता है, और देश का अधिकांश कोकिंग कोयला इसी क्षेत्र से प्राप्त होता है।
2. 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) अपतटीय क्षेत्र में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस का उत्पादन मुख्य रूप से मध्य-इयोसिन से लेकर ऑलिगोसीन युग की चूना पत्थर (Limestone) संरचनाओं से होता है।
3. भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में प्रयुक्त होने वाला 'थोरियम' मुख्य रूप से केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों की बालू में पाई जाने वाली 'मोनाज़ाइट' (Monazite) रेत से प्राप्त किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भूकंपीय तरंगों की प्रकृति, ज्वालामुखी उद्गार के प्रकार और सुनामी की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं जो ध्वनि तरंगों की तरह ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं जो केवल ठोस माध्यमों में ही गमन करती हैं।
2. 'हवाईयन प्रकार' का ज्वालामुखी उद्गार सबसे अधिक विस्फोटक होता है जिसमें अत्यधिक चिपचिपा और सिलिका-युक्त अम्लीय लावा निकलता है, जिससे विशाल काल्डेरा का निर्माण होता है।
3. सुनामी तरंगें महासागरों के गहरे पानी में अत्यंत कम आयाम (Amplitude) और लंबी तरंग दैर्ध्य (Wavelength) वाली होती हैं, जिसके कारण गहरे समुद्र में जहाजों को इसका आभास नहीं होता है, किंतु उथले तटीय क्षेत्रों में पहुँचने पर इनकी गति कम हो जाती है और इनकी ऊँचाई में भारी वृद्धि हो जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार रिक्टर स्केल (Richter Scale) भूकंप की ऊर्जा या परिमाण (Magnitude) को मापता है, जो एक लघुगणकीय (Logarithmic) पैमाना है, जबकि मरकैली स्केल (Mercalli Scale) भूकंप के कारण होने वाली दृश्य क्षति और तीव्रता (Intensity) को व्यक्त करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में मिलने वाला अधिकांश कोयला 'गोंडवाना क्रम' की चट्टानों से प्राप्त होता है, जो मुख्य रूप से दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियों में संकेंद्रित है, और यह उच्च राख (Ash content) तथा निम्न सल्फर युक्त बिटुमिनस प्रकार का होता है।
2. देश में 'बॉम्बे हाई' (Bombay High) अपतटीय क्षेत्र से पेट्रोलियम का उत्पादन मुख्य रूप से 'मिश्रित टर्शरी युग' की अवसादी चट्टानों में पाए जाने वाले 'स्ट्रक्चरल ट्रैप' से होता है, जिसकी खोज वर्ष 1974 में तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) द्वारा की गई थी।
3. भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के प्रथम चरण में प्राकृतिक यूरेनियम ईंधन का उपयोग करके भारी पानी (Heavy Water) मॉडरेटर के रूप में प्रयुक्त किया जाता है, जिसके सह-उत्पाद के रूप में प्लूटोनियम-239 प्राप्त होता है, जिसका उपयोग द्वितीय चरण के 'फास्ट ब्रीडर रिएक्टर' में किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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